40 करोड़ की प्रॉपर्टी 20 लाख में हड़पी, दंपती गिरफ्तार:डेरे की हरिद्वार स्थित 74 बीघा जमीन हड़पने का आरोप, मेरठ से पकड़ लाई पुलिस

हनुमानगढ़एक वर्ष पहले
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी दंपती। - Dainik Bhaskar
पुलिस गिरफ्त में आरोपी दंपती।

हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा थाना पुलिस ने क्षेत्र के चक 16 पीबीएन में बने डेरा कोत्री साहब संत बाबा दुईदास की हरिद्वार स्थित करोड़ों रुपए की संपत्ति कूटरचित दस्तावेज तैयार कर हड़पने के आरोपी दंपती को मेरठ से गिरफ्तार किया है। आरोपी दंपती संतोष कुमार और मोनिका जैन भगवंत कुटी कनखल हरिद्वार के रहने वाले हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इन पर डेरे की हरिद्वार में स्थित कुल 74 बीघा जमीन को 2009 में हड़पने का आरोप है। एक मोटे अनुमान के मुताबिक उस समय जमीन की कीमत करीब 40 करोड़ रुपए थी और अब 200 करोड़ तक पहुंच चुकी है।

इस तरह दिया अंजाम
थानाप्रभारी इंद्रकुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी तोष कुमार के पिता पारस कुमार जैन तत्कालीन डेरा महंत बाबा दयाल दास के करीबी थे। बाबा दयाल दास की राजस्थान और हरिद्वार में काफी प्रॉपर्टी थी। इनमें से कुछ संपत्तियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में प्रकरण भी विचाराधीन थे। क्योंकि बाबा पढ़े-लिखे नहीं थे इसलिए उन्होंने न्यायालय में विचाराधीन प्रकरणों की देखरेख के लिए तोष कुमार को 15 सितंबर 2006 से 15 सितंबर 2007 तक पावर ऑफ अटॉर्नी दे दी। इसके बाद 6 मई 2008 को संपत्तियों की सुरक्षा व प्रकरणों की पैरवी के लिए बाबा ने तोष को अपना उत्तरदायी भी नियुक्त कर दिया। तोष कुमार व उसकी पत्नी मोनिका शातिर दिमाग के थे, इसलिए इन्होंने पावर ऑफ अटॉर्नी में छल करके उसने संपत्तियों के विक्रय किए जाने का अधिकार भी लिखवा लिया। बाबा दयाल दास को इस बारे में पता लगा तो 6 मई 2008 को तोष को एक लीगल नोटिस भिजवाया गया और 7 सितंबर 2009 को बाबा दयाल दास ने पीलीबंगा में ही पावर ऑफ अटॉर्नी को निरस्त करवा दिया। बताया जा रहा है कि पावर ऑफ अटॉर्नी निरस्त करवाए जाने की जानकारी मिलते ही तोष जैन ने डेरे की हरिद्वार में स्थित संपत्ति की रजिस्ट्री महज 20 लाख रुपए में अपनी पत्नी मोनिका के नाम करवा ली। इसे लेकर विवाद हुआ, लेकिन मामला दब गया। इसके बाद बाबा दयाल दास का निधन हो गया और अब बाबा लाल दास गद्दी पर बैठे हैं।

इसलिए दोबारा उठा मामला
जानकारी के अनुसार साल 2010 तक यह मामला पूरी तरह दब चुका था, लेकिन 13 जनवरी 2020 को 16 पीबीएन स्थित डेरा मुख्यालय में आयकर विभाग ने 25 करोड़ 40 लाख रुपए की वसूली का नोटिस भेजा। डेरे के अनुयायी काफी समय तक इसका कारण नहीं समझ पाए। बाद में पता चला कि हरिद्वार स्थित जमीन का एक हिस्सा कुछ समय पहले करोडों रुपए में बेचे जाने पर यह मामला इंकम टैक्स विभाग की रडार पर आ गया। इसी के आधार पर विभाग की ओर से डेरे को वसूली का नोटिस भेजा गया। पीलीबंगा क्षेत्र में स्थित जमीन की कुर्की की नौबत आई देख डेरे के अनुयायी पूर्व सरपंच बलराज संधू ने हरियाणा और उत्तराखंड के अन्य अनुयायियों के साथ मिलकर मामले की पड़ताल की। इसके बाद 13 सितंबर 2021 को पीलीबंगा थाने में संत बाबा लाल दास की ओर से तोष जैन और उसकी पत्नी मोनिका जैन के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करवाया गया।

पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर पकड़ा
पीलीबंगा पुलिस ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित की। टीम ने हरिद्वार से ही आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करते हुए उनका पीछा किया। टीम को बीते सोमवार को मेरठ से दोनों को पकड़ने में सफलता मिली। गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को पीलीबंगा पुलिस की ओर से इस आरोपी दंपत्ति को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने दोनों का 15 नवंबर तक रिमांड लिया है।

कंटेंट एवं फोटो: यश गुप्ता, पीलीबंगा।