पटाखों से बढ़ा प्रदूषण का स्तर:दिवाली के बाद बिगड़ी हालत, वातावरण में छाई रही धूल की चादर, सांस रोगियों की परेशानी बढ़ी

हनुमानगढएक महीने पहले
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वातावरण में छाई धूल की चादर। - Dainik Bhaskar
वातावरण में छाई धूल की चादर।

हनुमानगढ़ जिले में दीपावली की आतिशबाजी का असर पर्यावरण पर देखने को मिल रहा है। शनिवार को सुबह के समय वातावरण में धूल का आवरण छाया रहा। अभी हल्की ठंड के साथ धुंध भी उतरने लगी है, इसके चलते प्रदूषण अधिक महसूस हो रहा है। हालांकि इस साल पराली जलाने पर प्रभावी रोक के चलते प्रदूषण पिछले सालों के स्तर पर नहीं पहुंचा है। पराली जलाने पर रोक के लिए सैटेलाइट से नजर रखी जा रही है। हर साल हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर के अलावा हरियाणा व पंजाब में पराली जलाने से प्रदूषण का स्तर बढ़ता रहा है।

पिछले साल साफ रहा था वातावरण
कोरोना गाइड लाइन के चलते पिछले साल पटाखों पर रोक थी। वहीं, पराली जलाने पर भी रोक थी। इस कारण वातावरण काफी हद तक साफ रहा था। वहीं, इस साल पटाखों के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। ग्रीन पटाखे उपयोग करने के बावजूद सामान्य पटाखों की बिक्री भी चोरी-छिपे होती रही है।

सांस के रोगियों की परेशानी बढ़ी
वातावरण प्रदूषण के कारण सांस के रोगियों की परेशानी बढ़ी है। खासतौर पर अस्थमा के रोगियों को दिक्कत हो रही है। इस साल वायरल के रोगियों की संख्या अधिक रही है। प्रदूषण के कारण इन रोगियों में भी खांसी का लक्षण बढ़ रहा है।