विरोध:भाजपा एससी मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष के काफिले पर फिर हमला वाहनों पर डंडे मारे, पुलिस ने कार्यकर्ताओं को सुरक्षित निकाला

हनुमानगढ़2 महीने पहले
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  • कैलाश मेघवाल ने सोशल मीडिया कर कहा- पीलीबंगा-गोलूवाला के बीच काफिला रोका, डंडे मारे, कार्यकर्ताओं को चोटें आईं
  • कैलाश मेघवाल के हमलावरों काे दाे सप्ताह में गिरफ्तार नहीं किया ताे आंदोलन, श्रीगंागनगर में कोतवाली का घेराव

कृषि कानूनों को लेकर जिले में भाजपा नेताओं का विरोध लगातार जारी है। इस बीच भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष कैलाश मेघवाल के काफिले पर शनिवार को पीलीबंगा से गोलूवाला के रास्ते में एक बार फिर हमला हुआ। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडया पर यह जानकारी दी है।

मेघवाल ने कहा कि पीलीबंगा-गोलूवाला के बीच श्रीगंगानगर में शनिवार को हुए विरोध-प्रदर्शन कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे उनके काफिले पर कुछ लोगों द्वारा हमला करते हुए गालियां दी गईं। काफिले में शामिल गाड़ियों को रोक कर उन पर डंडे मारे गए, जिससे कुछ कार्यकर्ताओं को चोटें भी आईं।

पुलिस ने मुश्किल से उनको व कार्यकर्ताओं को सुरक्षित बाहर निकाला। थाना प्रभारी इंद्रकुमार वर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर काफिले को सुरक्षित वहां से रवाना किया। उन्होंने बताया कि किसी भी कार्यकर्ता को इसमें घटना में चोट नहीं आई है।

वहीं पीलीबंगा भाजपा देहात मंडल के अध्यक्ष सुशील गोदारा ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि 30 जुलाई को हमला करने वाले लोगों की गिरफ्तारी की मांग के लिए ही प्रयास किए जा रहे हैं। इससे पहले ही दुर्व्यवहार की घटना पुन: हो गई।

दोनों जिलों में भाजपा का पहले भी दो बार हो चुका सख्त विरोध

1. 22 जुलाई को धानमंडी में सिंचाई पानी सहित अन्य मुद्दों को लेकर भाजपा की सभा थी। इस दौरान कोहला, डबलीराठान टोल प्लाजा पर किसानों ने सभा में शामिल होने आए लोगों का विरोध किया। भाजपा पदाधिकारियों की गाड़ियां और बसें रोकी गई थीं। इसके बाद भाजपा पदाधिकारी एसपी से भी मिले थे।

2. 30 जुलाई को श्रीगंगानगर में भाजपा व किसानों द्वारा अलग-अलग सभाएं की जा रही थीं। कैलाश मेघवाल भाजपा की सभा में भाग लेने जा रहे थे। इस दौरान कैलाश मेघवाल किसानों के सभा स्थल के पास पहुंचे तो किसानों ने उनके साथ मारपीट कर उनके कपड़े फाड़ दिए। इसके बाद से यह मामला तूल पकड़ गया। भाजपा के श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिले के सभी नेता व कार्यकर्ता इस वारदात को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।

हमले के बाद कैलाश मेघवाल ने कहा कि वारदात को अंजाम देने वालों में उन्हें किसान वर्ग का कोई व्यक्ति नजर नहीं आया। इन व्यक्तियों में और ही वर्ग के लोग शामिल थे।​​​​​​​

बार-बार हमला निंदनीय, संविधान में अराजकता का कोई स्थान नहीं

बार-बार नेताओं, कार्यकर्ताओं और भाजपा की सभा में आने वाले किसानों पर हमला करना निंदनीय है। हम घटना की निंदा करते हैं। संविधान में अराजकता का कोई स्थान नहीं है। सभी को उपयुक्त मंच पर अपनी बात रखनी चाहिए। -बलवीर बिश्नोई, जिलाध्यक्ष, भाजपा

जाति-धर्म के नाम पर भाजपा आंदोलन को कमजोर कर रही

कृषि कानून रद्द करने की मांग को लेकर किसान 7 माह से आंदोलन कर रहे हैं। भाजपा अब जाति-धर्म के नाम पर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा किसानों पर किए गए हमले की हम निंदा करते हैं। -रघुवीर वर्मा, सदस्य, संयुक्त किसान मोर्चा

और इधर, एसपी ने कहा-गाड़ियों को रोक काले झंडे दिखाए, मारपीट की कोई घटना नहीं हुई

एसपी प्रीति जैन ने सोशल मीडिया पर कहा कि एससी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष कैलाश मेघवाल और कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट संबंधी कोई घटना नहीं हुई है। किसानों द्वारा गाड़ियों को रोककर काले झंडे दिखाए जाना संज्ञान में आया है। पुलिस अधिकारी मौके पर है।

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