किसानों पर लाठीचार्ज:धान की सरकारी खरीद की मांग, कलेक्ट्रेट का गेट बंद करने पर पुलिस से धक्का-मुक्की, 4 किसान और 2 जवान जख्मी

हनुमानगढ़2 महीने पहले
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किसानों व पुलिस के बीच धक्कामुक्की व लाठीचार्ज। - Dainik Bhaskar
किसानों व पुलिस के बीच धक्कामुक्की व लाठीचार्ज।

हनुमानगढ़ जिले में धान की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार सुबह किसान संगठनों के नेता और सीटू कार्यकर्ता धान से भरी हुई ट्रॉलियां लेकर सीधे जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच गए। भीड़ को रोकने के लिए दोपहर करीब साढ़े बारह बजे पुलिस के जवानों ने कलेक्ट्रेट का मुख्य द्वार बंद कर दिया। इतने में कुछ लोग गेट पर चढ़ गए। पुलिस के जवानों व किसानों के बीच धक्का-मुक्की हुई। कुछ किसान गेट खोलकर कलेक्ट्रेट में घुस गए। मामले को अनियंत्रित होता देख पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू कर दी। 4 किसान और 2 पुलिसकर्मी घायल हो गए। एक किसान का घुटना फ्रैक्चर हुआ है। कलेक्ट्रेट में करीब आधा घंटा अफरा-तफरी का माहौल रहा।

लाठीचार्ज के बाद किसानों की भीड़ कुछ छंट गई, लेकिन कलेक्ट्रेट गेट के सामने से धान से भरी हुई ट्रॉलियां नहीं हटाई गईं। माकपा नेता रघुवीर वर्मा ने कहा कि प्रशासन जान-बूझकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वाले किसानों को उकसा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों का आंदोलन मांगें नहीं मानने तक जारी रहेगा। सोमवार को हुए घटनाक्रम में अहम बात यह है कि प्रदर्शनकारी किसानों की संख्या ज्यादा नहीं थी। पुलिस व्यवस्था को संभालने में नाकाम नजर आई। यही वजह रही कि बेहद कम संख्या में किसान होने के बावजूद लाठीचार्ज की नौबत आ गई।

एमएसपी से कम रेट पर बिक रहा है धान

जिले में संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आंदोलन का असर तो है ही, अभी सिंचाई पानी की मांग को लेकर भी किसान आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच, एमएसपी से कम रेट पर बिक रहा धान भी बड़ा मुद्दा बना हुआ है। अभी मंडी में धान 1700-1750 रुपए क्विंटल तक बिक रहा है, जो कि एमएसपी से भी कम है। यही वजह है कि घग्घर बेल्ट के किसान धान की सरकारी खरीद की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर अलग से आंदोलन खड़ा हो रहा है।

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