नए वैरिएंट ने बढ़ाई चिंता:ओमिक्रोन की ट्रेसिंग के लिए विभाग हुआ सतर्क अब जिले में हर दिन लिए जाएंगे 2 हजार सैंपल

हनुमानगढ़एक महीने पहले
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  • पीलीबंगा में दो स्कूली बच्चों के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद विभाग ने लिया फैसला

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के खतरे के बीच जांच को रफ्तार देने के लिए स्वास्थ्य विभाग रैंडम सैम्पलिंग बढ़ाने पर जोर दे रहा है। जांचों की संख्या डेढ़ गुना बढ़ाने की हिदायत के बाद महकमे ने कवायद शुरू कर दी है। कोरोना के नए वैरिएंट के बढ़ते खतरे के बीच जिला व स्वास्थ्य प्रशासन में खलबली मची हुई है। बीते दो साल के कोरोना काल से सबक लेते हुए नए वैरिएंट की रोकथाम करने के लिए आला अफसर जुटे हुए हैं।

इसके लिए कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण की प्रगति से लेकर जांचों की संख्या बढ़ाने को लेकर अफसर जुट गए हैं। गौरतलब है कि नए वेरिएंट का मामला सामने आने के बाद शासन ने कोरोना सैम्पलिंग डेढ़ गुना बढ़ाने की हिदायत दी है। खासकर फोकस सैम्पलिंग पर ध्यान देकर जांच का दायरा बढ़ाने के अफसरों को निर्देश मिले हैं। सरकार की मंशा के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग ने रैंडम सैम्पलिंग के जरिए कोरोना जांच को रफ्तार देने की कवायद शुरू कर दी है।

ओपीडी में आने वाले खांसी-जुकाम के मरीजों के साथ भर्ती हर रोगी का लेंगे सैंपल

सरकारी अस्पतालों में ओपीडी में आने वाले खांसी-जुकाम के रोगियों के साथ ही अब भर्ती होने वाले हर मरीज का भी कोविड सैम्पल लिया जाएगा ताकि कोरोना के वेरिएंट को ट्रेस किया जा सकेगा। राहत की बात है कि अभी तक हमारे जिले में नए वेरिएंट का एक भी रोगी नहीं मिला। साउथ अफ्रीकी यात्री की रिपोर्ट भी दो दिन पहले निगेटिव आई थी लेकिन जिस तरह से नए वेरिएंट के प्रदेश में रोगी मिले है उससे बचाव के लिए सतर्कता बेहद जरूरी है।

एक्सपर्ट व्यू: वैक्सीनेशन ही कोरोना से बचाव का है एकमात्र उपाय

जिला अस्पताल के कोविड वार्ड एचओडी डॉ. राजेश कटेवा का कहना है कि वैक्सीन ही कोरोना से बचाव का एकमात्र उपाय है। ऐसे में हर व्यक्ति को खुद वैक्सीनेशन करवाने के साथ ही दूसरों को भी मोटिवेट करना चाहिए। वैक्सीनेशन के बाद कोरोना होने पर फेफड़ों पर सीधा अटैक नहीं होता है जिससे रोगी की स्थिति गंभीर होने की आशंका बहुत कम रहती है। मृत्यु दर का आंकड़ा भी बहुत कम होता है। मास्क और दो गज की दूरी का ध्यान रखें और कोविड गाइडलाइन की पालना आवश्यक है। सर्दी के मौसम में विशेष एहतियात बरतें।

वैरिएंट की आशंका के बीच स्कूल बंद होने के आदेश ने बढ़ाई चिंता, प्रशासन ने फर्जी बताया

ओमिक्रोन वैरिएंट की आशंका के बीच कुछ लोग फर्जी आदेश वायरल कर अफवाह फैला रहे हैं। इस बीच जिले में सोमवार का सोशल मीडिया पर एक फर्जी आदेश वायरल होता रहा जिसमें छह दिसंबर से सभी स्कूल, कोचिंग एकेडमी अनिश्चितकाल के लिए बंद करने के आदेश थे। गृह शासन सचिव एनएल मीना के नाम से जारी इस आदेश में क्रमांक नंबर और 5 दिसंबर 2021 की तारीख भी थी। इस कारण लोग झांसे में आ गए। यह आदेश आम लोगों तक पहुंचे तो स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के फोन पर कॉल्स आनी शुरू हो गई।

आखिरकार जिला प्रशासन को स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा कि यह आदेश फर्जी हैं। इसके लिए पीआरओ सुरेश बिश्नोई ने बकायदा विज्ञप्ति जारी कर बताया कि वर्तमान में गृह सचिव सुरेश गुप्ता हैं। उधर, एडीईओ रणवीर शर्मा ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्व इस तरह के मैसेज वायरल कर रहे है। विभागीय आदेश के बिना ऐसे मैसेज पर विश्वास न करें।​​​​​​​

लैब इंचार्ज बोले- सैंपलिंग की संख्या बढ़ा रहे, टीम है मुस्तैद

जिला अस्पताल स्थित आरटीपीसीआर लैब के इंचार्ज डॉ. मुकेश कुमार का कहना है कि कोविड सैंपलिंग पिछले दो-तीन दिनों से बढ़ाई गई है। वीसी में निदेशालय ने सैंपलिंग की संख्या और बढ़ाए जाने के निर्देश दिए हैं जांच को लेकर पूरी तरह से तैयार है। जीनोम सिक्वेसिंग के लिए सैंपल 13 दिसंबर को भिजवाए जाएंगें। सीएमएचओ बोले- सैम्पलिंग की संख्या करेंगे दोगुना

सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि वीसी में सैम्पलिंग बढ़ाए जाने के निर्देश मिले हैं। अभी तक हर दिन तकरीबन 800 से 1 हजार आरटीपीसीआर जांचें की जा रही हैं। बहुत जल्द जांचों की संख्या बढ़ाकर रोजाना डेढ़ से दो हजार सैम्पलिंग की जाएगी। वहीं विदेश से लौट रहे नागरिकों पर भी निगरानी की जा रही है।​​​​​​​

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