व्यथा:डिस्कॉम परेशान कर रहा, मैं आत्महत्या कर लूं तो राशि गोशाला को देना

हनुमानगढ़2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • टाउन के उपभोक्ता ने सीएम सहित अफसरों के नाम भेजा पत्र, कहा-लॉकडाउन में मेरी चक्की बंद थी फिर भी बकाया जोड़ बिल भेजा

“बिजली विभाग के दरिंदे मुझे 15 महीनों से सता रहे हैं। अगर इनकी दुष्प्रेरणा से आहत होकर मैं आत्महत्या कर लेता हूं, तो मेरे मरने के बाद मिलने वाली राशि गोशाला को दे देना, क्योंकि मेरे घर में कोई जीवित सदस्य नहीं है। इन विभागों के कार्यालयों में बैठे जिन वायरस के कारण मेरा जीवन बर्बाद हुआ है वो कोरोना से भी ज्यादा घातक हैं’ कुछ ऐसी ही बातें लिखा एक पत्र टाउन गली 20 निवासी कृष्ण अनेजा ने मुख्यमंत्री, शासन सचिव, कलेक्टर सहित विभिन्न अधिकारियों को प्रेषित किया है।

कृष्ण ने रजिस्टर्ड डाक के जरिए यह पत्र भेजा है। उन्होंने बताया कि जीवन यापन के लिए उन्होंने एक आटा चक्की लगाई थी। कोरोना के कारण 22 मार्च 2020 से 13 जून 2020 तक चक्की बंद थी। लेकिन अप्रैल, मई, जून के तीनों बिल चक्की बंद होने के बावजूद यूनिट उपभोग के मिले।

स्थितियां सामान्य होने के बाद जब रीडर मीटर रीडिंग लेने आया तो मीटर बंद बताकर बदलवाने की बात कही। 20 जुलाई 2020 को उन्होंने मीटर बदलने की अर्जी भी दी लेकिन 21 सितंबर तक मीटर नहीं बदला। 23 सितंबर को फिर से अर्जी लगाई। इसके बाद 23 फरवरी 2021 को नया मीटर लगाया गया।

बिल ठीक करवाने के बाद भी पेनल्टी राशि जोड़कर अगला बिल भेजा गया: पत्र ने कृष्ण ने बताया है कि जुलाई 2020 में उनका बिल पिछला बकाया जोड़कर 4171 का भेजा गया। जब बिल को सही करने की बात कही तो डिस्कॉम कर्मचारियों ने 2500 रुपए भरवा लिए। बिल ठीक करवाने के बाद भी विभाग बकाया राशि जुर्माने के साथ भेज देते। उन्होंने बताया कि मीटर बदलने की गुहार लगाने के बावजूद डिस्कॉम कर्मचारी यूनिट उपभोग के ही बिल देते रहे।

कोरोना काल के दौरान फिक्स चार्ज लगकर आए थे। पीड़ित के अनुसार उस दौरान उनका मीटर भी खराब था। मैंने एईएन और एआरओ को पीड़ित व्यक्ति के घर जाकर सभी बिल लेकर सही तरीके से जांच करने के आदेश दिए हैं। अगर कहीं कोई त्रुटी हुई है तो सही करवाई जाएगी। पीड़ित व्यक्ति की सहायता करने की हम पूरी कोशिश करेंगे। एमआर बिशनोई, एसई, डिस्कॉम।

पीड़ित बोला-अब मीटर रीडर उन्हें कनेक्शन कटवाने के लिए अर्जी लिखने का दबाव बना रहे

कृष्ण ने डिस्कॉम पर आरोप लगाया है कि जनवरी, फरवरी, मार्च के बिल यूनिट उपभोग के आए थे। जबकी, 25 दिसंबर 2020 से अक्टूबर 2021 तक उनकी चक्की ही बंद पड़ी है। इसके बावजूद उन्होंने अप्रैल 2021 का बिल 4658 रुपए बकाया जोड़कर 17037 का बिल थमा दिया। रोजगार बंद होने के कारण वे बिल नहीं भरा पाए। अब मीटर रीडर उन्हें कनेक्शन कटवाने के लिए अर्जी लिखने का दबाव बना रहे हैं।

खबरें और भी हैं...