बैंक की लापरवाही से बीमा क्लेम में दिक्कत:पोर्टल पर गलत फसलों की एंट्री किसानों के लिए बनी समस्या, धान-नरमा की जगह मूंग-ग्वार का काटा था प्रीमियम, बैंक बीमा पॉलिसी देने में कर रहा आनाकानी

हनुमानगढ़20 दिन पहले
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बैंक के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए किसान। - Dainik Bhaskar
बैंक के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए किसान।

हनुमानगढ़ जिले में बेमौसम बरसात के चलते फसल खराबे से जूझ रहे किसान अब फसल बीमा क्लेम को लेकर नई परेशानी का सामना कर रहे है। जिले में कई किसानों का प्रीमियम केसीसी खातों से काटने के बावजूद बैंक की ओर से पॉलिसी नंबर नहीं दिया जा रहा है। दिक्कत यह भी है कि किसानों की जमीन पर नरमे व धान की बजाय मूंग व ग्वार का प्रीमियम काटा गया है। इससे किसानों को क्लेम मिलने में दिक्कत आ सकती है। खासतौर पर पीलीबंगा क्षेत्र में यह समस्या सामने आई है। यहां नाली बेल्ट के चक 20, 21, 22, 23, 24, 25 व 26 एसटीजी के काश्तकारों के अकाउंट से प्रीमियम कटने के बावजूद बीमा पॉलिसी नहीं मिल रही है।

गौरतलब है कि अतिवृष्टि से फसल खराबे की स्थिति में किसानों को 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को सूचित करना होता है। जिससे संबंधित काश्तकार के फसल खराबे से संबंधित सर्वे हो सके। इसके लिए बीमा पॉलिसी की जरूरत पड़ती है। अब बैंक बीमा पॉलिसी नहीं दे रहे हैं, इसलिए किसान फसल खराबे की सूचना बीमा कंपनी को नहीं दे पा रहे हैं।

किसानों ने किया था प्रदर्शन
पीलीबंगा क्षेत्र के किसानों ने इस मुद्दे को लेकर बुधवार को वेयर हाउस रोड पर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा के मुख्य गेट पर ताला लगाकर बैंक का घेराव भी किया था। इसके बाद तहसीलदार बाबूलाल रेगर की मध्यस्थता में बैंक प्रशासन के साथ हुई वार्ता के बाद किसान शांत हुए। प्रदर्शन में शामिल दुलमाना पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि हनुमान सिंह चौहान, पंचायत समिति डायरेक्टर गुरतेज सिंह ढिल्लों, जिप सदस्य प्रतिनिधि सुनील झोरड़, चंद्रभान खिलेरी, विनोद खिलेरी सहित अन्य काश्तकारों ने बताया था कि बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों ने लापरवाही पूर्वक कार्य करते हुए उनके केसीसी खातों से मूंग और ग्वार का प्रीमियम काट लिया। जबकि उनके खेतों में नरमे और धान की फसल की बिजाई की हुई है। ऐसे में उन्हें बीमा कंपनियों की ओर से अतिवृष्टि से खराब हुई फसल का मुआवजा नहीं मिलेगा। पीलीबंगा ब्लॉक के सहायक कृषि अधिकारी संदीप रिणवां व पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित काश्तकारों की समझाइश करने का प्रयास किया। परंतु आक्रोशित काश्तकारों का कहना था कि जब तक बैंक अधिकारियों की ओर से फसलों में की गई फेरबदल की गलती को नहीं सुधारा जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

बैंक ने दिया है डेटा अपडेट करने का आश्वासन
शाखा प्रबंधक रविंद्र गोदारा ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का पोर्टल विगत 27 सितंबर को ही खुला था। ऐसे में समय कम होने के कारण कर्मचारियों से कुछ गलती हो गई। बैंक में तहसीलदार बाबूलाल रेगर की मध्यस्थता में शाखा प्रबंधक रविंद्र गोदारा व आंदोलनरत काश्तकारों के बीच हुई वार्ता में तहसीलदार ने ऐसे काश्तकारों की सूची बनाने को कहा। जिनका प्रीमियम पहले कट चुका है। तहसीलदार ने शाखा प्रबंधक को सूची मिलते ही पोर्टल पर काश्तकारों की फसलों का संशोधन करने के निर्देश दिए। शाखा प्रबंधक ने इस बात पर सहमति जताते हुए कहा कि जैसे ही उनको काश्तकारों की ओर से सूची उपलब्ध करवा दी जाएगी। वैसे ही वे एक कर्मचारी की इसी कार्य में ड्यूटी लगाकर शीघ्र अति शीघ्र पोर्टल पर पूर्व में चढ़ चुकी फसलों का अपडेट करवाकर व शेष रहे काश्तकारों की रिपोर्ट भी पोर्टल पर चढ़ाने की कार्रवाई प्रारंभ कर देंगे।

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