7 अक्टूबर को चक्का जाम की घोषणा:किसानों ने कलेक्ट्रेट के सामने बिछाया धान, लाठीचार्ज की घटना में आरपार की लड़ाई के मूड में आए किसान

हनुमानगढ़2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
कलेक्ट्रेट के सामने बिछाया गया धान - Dainik Bhaskar
कलेक्ट्रेट के सामने बिछाया गया धान

हनुमानगढ़ जिले में धान को सरकारी खरीद की मांग को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज के बाद अब किसान संगठन आरपार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले इकट्ठे हुए किसानों ने सात अक्टूबर को पूरे जिले में चक्काजाम करने की घोषणा कर दी। इससे पहले कलेक्ट्रेट के सामने बनाए गए पड़ाव स्थल पर दोपहर बाद से ही किसान जुटने लगे। सोमवार को किसानों ने कलेक्ट्रेट गेट पर धान से भरी ट्रॉलियां लगाई थी तो मंगलवार को कलेक्ट्रेट के सामने धान बिखेर दिया गया।

इस मौके पर सभा को सम्बोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि प्रशासन किसानों के सब्र का इम्तिहान लेने की कोशिश कर रहा है। ऐसा है तो किसान भी हर इम्तिहान देने को तैयार हैं। इस मौके पर माकपा नेता रामेश्वर वर्मा ने कहा कि पहले जिला स्तर पर धान को सरकारी खरीद की ही मुख्य मांग थी, लेकिन अब किसान अपने हर हक के लिए लड़ेगा और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सात अक्टूबर को सुबह 11 बजे से ही जिले में चक्का जाम किया जाएगा।

दिनभर गर्म रही सियासत
सोमवार को किसानों पर हुई लाठीचार्ज की घटना को लेकर दिनभर सियासत गर्म रही। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से केंद्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री को भिजवाया गया पत्र मीडिया के लिए जारी किया गया। वहीं, दूसरी तरफ यह खबर भी आई कि जंक्शन थाना पुलिस ने सोमवार को प्रदर्शन कर रहे किसानों के खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने व अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि मुकदमा सोमवार रात को ही दर्ज कर लिया गया। हालांकि नामजद आरोपी के तौर पर माकपा नेता रामेश्वर वर्मा के अलावा अन्य नाम नहीं बताए गए।

यह है किसानों की मांगें
- धान सहित अन्य फसलों की सरकारी खरीद को लेकर तुरंत निर्णय लिया जाए।
- किसानों पर लाठीचार्ज करने वाले जंक्शन थाना प्रभारी की भूमिका की जांच कर हटाया जाए।
- निजी कंपनियों को ठेके पर दिए गए सेंट्रल वेयर हाउस के गोदाम वापिस लिए जाएं।

खबरें और भी हैं...