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वन विभाग:वन विभाग मानसून अवधि में 2.20 लाख पौधे रियायती दर पर करेगा वितरित, 200 हेक्टे. में विकसित किया जाएगा चारागाह

हनुमानगढ़8 दिन पहले
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  • जिले में 867 हेक्टेयर में इस बार लगाए जाएंगे विभिन्न किस्मों के पौधे, ग्रामीण क्षेत्र में लगेंगे 1.20 लाख पौधे

मानसून अवधि में सघन पौधरोपण के लिए वन विभाग ने अभी से पूरी तैयारी शुरू कर दी है। इस बार 867 हेक्टेयर में पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत विभिन्न योजनाओं में लाखों पौधे लगाए जाएंगे। पहली बार विभाग ने पौधरोपण के तहत 200 हेक्टेयर में चारागाह विकसित करने की भी कार्य योजना तैयार की है। इससे निराश्रित पशुओं को चारा की कमी नहीं रहेगी।

चारागाह विकसित होने के बाद अन्य किस्मों के पौधों को भी पशु नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार अलग-अलग जगह 867 हेक्टेयर को हरा-भरा करने का टार्गेट तय किया गया है। यहां लगाए जाने वाले औषधीय, इमारती व फल-फूलदार पौधों की किस्मों का भी चयन कर लिया गया है। इस बार मानसून अवधि में 2 लाख 20 हजार पौधे नियमानुसार वितरित करने का लक्ष्य तय किया गया है।

पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने वाले समितियों व अन्य सामाजिक संस्थाओं को रियायती दर पर ये पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे। 1 लाख 20 हजार पौधे ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा के तहत लगाए जाएंगे। इसके अलावा अन्य योजनाओं में भी लगभग 50 हजार पौधे लगाए जाएंगे। गत वर्ष में जिन क्षेत्र में पौधे जल गए थे वहां भी दुबारा पौधरोपण किया जाएगा। पहली बार घर-घर औषधीय पौधों का भी वितरण किया जाएगा। इन पौधों का वितरण अगले महीने से प्रारंभ कर दिया जाएगा।

5 जुलाई से घर-घर वितरित किए जाएंगे औषधीय पौधे, 16 नर्सरियों में तैयार कर रहे पौधे

‘घर-घर औषधी योजना’ के तहत जिले में प्रत्येक परिवार को आगामी 5 वर्षों में तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा और कालमेध समेत चार प्रकार के औषधीय पौधों के कुल 24 पौधे निशुल्क वितरित किए जाएंगे। जिले में पौधों का वितरण 5 जुलाई से प्रारंभ कर दिया जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले की 16 नर्सरियों में विभिन्न किस्मों के पौधे तैयार किए जा रहे हैं।

घर-घर औषधी योजना के सफल क्रियान्वयन में ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, कृषि समेत विभिन्न विभागों का सहयोग लिया जाएगा। इसको लेकर पूरी रूपरेखा तय की जा चुकी है। जिले में वन विभाग की कुल 16 नर्सरी है। इसमें हनुमानगढ़ ब्लॉक में कोहला, मंडल कार्यालय और 128 आरडी एसडीबी, नोहर में थालड़का, रामगढ़ और सोनड़ी, भादरा में अजीतपुरा, डूंगराना और भादरा, पीलीबंगा में दौलतावाली और 18 एसपीडी, रावतसर में साहवा लिफ्ट 4 किमी और साहवा लिफ्ट 10 किमी, संगरिया में संगरिया और टिब्बी में मसीतावाली हेड पर ये नर्सरियां स्थित है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस बार जिले की सभी 16 नर्सरियों में लक्ष्य से 10 प्रतिशत अतिरिक्त यानि कुल 14 लाख 73 हजार 683 औषधीय पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इसको लेकर वन विभाग की ओ से प्रति पौधा 3 रुपए 30 पैसे के हिसाब से कुल 65.14 लाख का बजट का आवंटन कर दिया है। एक पौधे वहीं अगले पांच सालों में इन 16 नर्सरियों में कुल 88 लाख 42 हजार 99 औषधीय पौधे तैयार किए जाएंगे। योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर जहां वन विभाग नोडल विभाग रहेगा, वहीं अन्य 20 विभागों का भी इसमें सहयोग लिया जाएगा।

इनमें आयुर्वेद व चिकित्सा, पर्यावरण, कृषि, स्वायत्त शासन, पीडब्ल्यूडी, ग्रामीण विकास व पंचायतीराज, पशुपालन, महिला एवं बाल विकास, खेल, जल संसाधन, शिक्षा, उच्च शिक्षा, खनिज, पीएचईडी, संस्कृत, सूचना एवं जनसंपर्क, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, उद्योग, एनसीसी स्काउट व रसद विभाग शामिल हैं।

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