उछाल:ग्वार में तेजी; 20 दिन में रुपए 1200 प्रति क्विंटल बढ़े दाम, सीजन में यही भाव रहे तो किसानों को फायदा

हनुमानगढ़2 वर्ष पहले
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  • जुलाई में चार हजार से कम थे ग्वार के दाम, अब औसत भाव 5 हजार रुपए प्रति क्विंटल से अधिक

जिले में ग्वार के दामों पर पिछले 20 दिनों से लगातार तेजी का रुख बना हुआ है। एक हजार से 1200 रुपए प्रति क्विंटल तक दाम बढ़ चुके हैं। भावों में बढ़ोत्तरी के मुख्य कारण आवक कम, वायदा कारोबार में तेजी और फसल कमजोर होने के बताए जा रहे हैं। नई फसल की आवक होने तक यही तेजी का रुख बरकरार रहा तो किसानों को फायदा होगा।

हालांकि ब्रोकरों की डिमांड अब तक सामान्य है। ऐसे में भविष्य में दाम क्या रहेंगे इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। जिले की मंडियों में 31 जुलाई 2021 को 760 क्विंटल ग्वार की आवक हुई थी और दाम 3800 से 4 हजार रुपए प्रति क्विंटल थे। 19 अगस्त 2021 को आवक घटकर मात्र 100 क्विंटल पर ही आ गई, लेकिन दाम बढ़कर 5 हजार से 5200 रुपए प्रति क्विंटल हो गए। मंडियों में जब से ग्वार ने छलांग लगाई है तब से आवक में लगातार गिरावट आ रही है। अब तक किसान घरों में स्टॉक किया गया ग्वार ही ला रहे हैं। नई फसल की आवक अगले माह शुरू हो जाएगी। उस समय ग्वार के दामों में तेजी रहने से लाखों किसानों को फायदा होगा।

इस बार 2 लाख 68 हजार 670 हेक्टेयर में बिजाई, बरसात की कमी से उत्पादन होगा प्रभावित

इस बार जिले में 2 लाख 68 हजार 670 हेक्टेयर में किसानों ने ग्वार की बिजाई की है। हालांकि समय पर बरसात नहीं होने के कारण फसल कमजोर है, लेकिन दाम अच्छे मिलने से किसानों को बड़ा लाभ हो सकता है। आम तौर पर पिछले कई वर्षों से सीजन में दाम 3200 से 3500 रुपए प्रति क्विंटल रहे हैं। ऐसे में अगर वर्तमान में चल रहे दाम ही मिल जाए तो काश्तकारों को आर्थिक फायदा होगा। किसानों के अनुसार 15 अगस्त के आस-पास अच्छी बरसात हो जाती तो उत्पादन अधिक होता, लेकिन अब बारानी और सिंचित क्षेत्र में फसलें दम तोड़ रही है। ऐसे में पैदावार कम होगी।

दामों में तेजी के 3 मुख्य कारण

1. वायदा कारोबार में ग्वार के दाम प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। ब्रोकर की डिमांड पहले की तुलना में ही चल रही है। 2. इन दिनों मंडियों में ग्वार की आवक नाम मात्र की हो रही है। दाम बढ़ने का मुख्य कारण यह भी माना जा रहा है। 3. अच्छी बरसात के अभाव में खेतों में खड़ी ग्वार की फसलें दम तोड़ रही है। उत्पादन कम होने का अंदेशा है।

समय पर बरसात नहीं होने के कारण इस बार एक लाख हेक्टेयर में बिजाई कम

जिले में समय पर बरसात नहीं होने के कारण इस बार करीब एक लाख हेक्टेयर में बिजाई कम हुई है। गत वर्ष 3 लाख 60 हजार हेक्टेयर में किसानों ने बिजाई की थी। इस बार कृषि विभाग द्वारा 3 लाख 50 हजार हेक्टेयर में बिजाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया, लेकिन 2 लाख 68 हजार 670 हेक्टेयर में ही हुई है। 93 हजार 540 हेक्टेयर में सिंचित क्षेत्र और 1 लाख 75 हजार 130 हेक्टेयर में हुई है। बिजाई के बाद भी कम बरसात के कारण उत्पादन कम होने का अंदेशा है। हालांकि कुछ उत्पादन कितना होगा इस बारे में अभी तक अनुमान नहीं लगाया गया है।

मंडी सचिव: आवक कम होने के कारण दाम बढ़ने का अनुमान

सभी मंडियों में ग्वार की आवक घट गई है। इन दिनों जंक्शन-टाउन मंडी में इक्का-दुक्का ढेरी ही आ रही है। कम आवक के कारण ही दामों में बढ़ोत्तरी का अनुमान लगाया जा रहा है।
सीएल वर्मा, सचिव, कृषि उपज मंडी समिति, हनुमानगढ़

व्यापारी: वायदा कारोबार में भाव अधिक, ब्रोकर की डिमांड नहीं

वायदा कारोबार में ग्वार के दामों में अचानक बढ़ोत्तरी हुई है। ब्रोकर की डिमांड नहीं बढ़ी है। विदेशों में भी डिमांड नहीं बढ़ी है। इस कारण भविष्य में दाम क्या रहेंगे इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।
इंद्र हिसारिया, व्यापारी, हनुमानगढ़