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सुखद:सीमित संसाधनों में भी स्वास्थ्य कर्मियों ने बेहतर काम किया, पॉजिटिविटी रेट सिर्फ 11.13 प्रतिशत

हनुमानगढ़19 दिन पहले
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  • कोविड अस्पतालों में 70% से अधिक बेड हुए खाली, ये बेड खाली रहें इसलिए हम सभी को अभी गाइडलाइन की पालना के लिए सजग रहना होगा

हौसला और जज्बा हो तो ऐसा कोई भी काम मुश्किल नहीं है जिसमें सफलता नहीं मिले। सीमित संसाधनों में जिले के डॉक्टर्स एवं नर्सिंग कर्मियों ने कोरोना की दूसरी लहर पर काबू पाकर यह कर दिखाया है। इसी का परिणाम है कि कोरोना के नए रोगी कम हो गए हैं और रिकवरी रेट भी बढ़ा है। जिले में पॉजिटिविटी रेट 11.13 और 90.91 रिकवरी रेट है। यहां बता दें कि फरवरी में कोरोना की दूसरी लहर की शुरुआत के समय जिला अस्पताल में आइसोलेशन बेड महज 36 थे।

इस बीच जैसे-जैसे मरीजों की संख्या बढ़ती गई, उसी के हिसाब से बेड की संख्या बढ़ाने के साथ ही जिलेभर में 672 बेड की व्यवस्था की गई। हर ब्लॉक स्तर पर कोविड केयर सेंटर शुरू किए गए। 23 मई तक हालत यह थी कि जिला अस्पताल में ऑक्सीजन स्पोर्ट वाले 180 बेड के अलावा ब्लॉक स्तर पर कोविड केयर सेंटरों में 231, कोविड केयर कंसलटेशन सेंटर में 162, निजी अस्पतालों में 99 बेड कोविड रोगियों से फुल थे। 23 मई के बाद कोरोना डाउन हुआ तो कुछ राहत मिली। अब हालत यह है कि जिला अस्पताल में महज 44 रोगी भर्ती हैं जिसमें 40 ऑक्सीजन पर हैं, शेष बेड खाली हैं। वहीं ब्लॉक स्तर पर कोविड सेंटर एवं कंसलटेशन सेंटरों पर भी रोगी कम होने से स्वास्थ्यकर्मियों को सुकून मिला है।

रेमडेसिविर, ऑक्सीजन और बेड को लेकर किए प्रबंध, जनप्रतिनिधियों और दानदाताओं ने भी किया सहयोग

1.कोरोनाकाल में जिले में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ ही रेमडेसिविर इंजेक्शन, ऑक्सीजन सिलेंडर और बेड बढ़ाने के साथ ही आवश्यक संसाधनों में ऑक्सीफ्लो मीटर, रेगुलेटर, ऑक्सीजन प्लांट सहित अन्य संसाधन जुटाने पर फोकस किया गया।

2.सीएचसी स्तर पर मरीजों को भर्ती किया गया वहीं अलग से आईएलआई की ओपीडी शुरु कराने के साथ ही रेपिड एंटीजन टेस्ट शुरु करा रोगियों को तत्काल चिन्हित कर उपचार दिया गया। 3.दूसरी लहर जब शुरू हुई तो जिलेभर में सरकारी अस्पतालों में महज 100 ऑक्सीजन सिलेंडर थे लेकिन अब 687 हैं। वहीं ऑक्सीजन कंसंट्रेटर महज 10 थे जोकि अब 494 उपलब्ध हैं।

6.जिले के विधायकों के साथ ही अन्य जनप्रतिनिधियों, दानदाताओं और सामाजिक संगठनों ने भी आगे आकर सहयोग किया। यही कारण रहा कि ब्लॉक स्तर पर बहुत से मरीज ठीक हुए और जिला अस्पताल में भी स्वास्थ्य प्रबंधन मजबूत हुआ।

4.गांवों में रोगी अधिक मिल रहे थे इसलिए 2 माह तक डोर टू डोर सर्वे कर खांसी, जुकाम और बुखार के रोगियों को चिन्हित कर दवाएं वितरित की गईं। 5. रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर प्रदेश के दूसरे जिलों में संकट की स्थिति बनी रही लेकिन इसके बावजूद सरकारी हो या प्राइवेट अस्पताल सभी जगह भर्ती रोगी के लिए इंजेक्शन उपलब्ध रहा।

पीएमओ|जनप्रतिनिधियों और दानदाताओं ने हौसला बढ़ाया
पीएमओ डॉ. दीपक मित्र सैनी का कहना है कि सीमित संसाधनों में भी जिला अस्पताल की टीम ने दिन-रात बेहतर काम किया। वहीं ऑक्सीजन और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता में जिले के जनप्रतिनिधियों के साथ ही दानदाताओं और सामाजिक संगठनों ने भी आगे आकर न केवल सहयोग किया बल्कि हौसला भी बढ़ाया। संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर ऑक्सीजन में जिला अस्पताल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 2 नए प्लांट लगवाए जा रहे हैं।

सीएमएचओ|टीम भावना से काम किया तो सार्थक परिणाम मिले
सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा का कहना है कि डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ से लेकर आशा और एएनएम तक स्वास्थ्य विभाग के हर सदस्य ने अपनी जान की परवाह किए बिना बेहतर काम किया है। मुखिया होने के नाते मुझे मेरी टीम पर गर्व है। संभावित तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य टीम तैयार है। सीएचसी स्तर पर बच्चों के लिए अलग वार्ड तैयार के साथ ही ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। बीकानेर जोन से मिले 6 वेंटीलेटर भी सीएचसी को भिजवाए गए हैं।

जिले में अभी तक 20547 रोगी ठीक हुए, रविवार को 70 नए रोगी मिले, 3 की मौत: स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में अब तक 20547 रोगी ठीक हो चुके हैं। वहीं रविवार को 70 नए पॉजिटिव रोगी मिले जबकि तीन रोगियों की जिला अस्पताल में मौत हो गई। वहीं 201 रोगी जिले में रिकवर हुए। जिले में अभी 1790 रोगी एक्टिव हैं। यहां बता दें कि गत 23 मई से कोरोना के नए रोगी लगातार कम हो रहे हैं।

जिले में वैक्सीनेशन में महिलाओं से अधिक पुरुषों ने लगवाया टीका
कोरोना को हराने के लिए जिले के लोग उत्साहित हैं। आंकड़ों पर बात करें तो महिलाओं की तुलना में अधिक पुरुषों ने टीका लगवाया है। इसका प्रमुख कारण कामकाज के सिलसिले में पुरुषों का घर से बाहर निकलना है। सुरक्षा के लिहाज से वह टीका पहले लगवा रहे हैं। कोविन एप के अनुसार जिले में अब तक कुल 4 लाख 16 हजार 161 लोगों का टीकाकरण हुआ है जिसमें 3 लाख 68 हजार 201 ने पहली और 47 हजार 960 लोगों ने दूसरी डोज लगवाई है। इसमें पुरूषों की संख्या 1 लाख 94 हजार 248 और महिलाओं की संख्या 1 लाख 73 हजार 914 है।

सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा के अनुसार अधिकांश महिलाएं घरों में रहती हैं। बाहर जाना कम होता है। यही वजह है कि महिलाएं भी परिवार के पुरुषों को टीका पहले लगवा रही हैं। वहीं थर्ड जेंडर के 39 लोगों ने भी टीकाकरण में सहभागिता निभाई है।

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