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अभी भी संभल जाएं, लापरवाह न बनें क्योंकि:अस्पताल में वेंटिलेटर और ऑक्सीजन स्पोर्ट वाले बेड फुल, वेटिंग में रोगियों की बढ़ रही परेशानी

हनुमानगढ़एक महीने पहले
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  • 494 नए रोगी, 10 की मौत

जिले में बेकाबू हुए कोरोना संक्रमण के बीच शुक्रवार को 494 नए पॉजिटिव रोगी मिले। वहीं 10 रोगियों ने जिला अस्पताल के कोविड वार्ड में दम तोड़ दिया। चिंताजनक बात है कि जिले में कोरोना संक्रमितों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। गंभीर बात यह है कि सरकार और जनता को जो मौतें बताई जा रही हैं, उनसे कहीं अधिक जानें महामारी से जा रही हैं।

उधर, भर्ती रोगियों की संख्या बढ़ने के बीच हालत यह है कि जिला अस्पताल की बात करें तो यहां रोजाना 200 से अधिक ऑक्सीजन सिलेंडरों की खपत हो रही है। यहां पर कुल 150 बैड हैं जिसमें ऑक्सीजन स्पोर्ट के 120 बैड हैं। हालत यह है कि यह सभी 120 बेड फुल रहते हैं और अगर किसी रोगी को जरूरत पड़ती है तो बैड तभी मिलता है जब किसी रोगी की मौत हो जाए या कोई रोगी डिस्चार्ज हो जाए।

इस तरह से रोगियों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है या 2 से 3 घंटे तक वेटिंग करनी पड़ रही है। यह स्थिति तब है जबकि जिला मुख्यालय पर निजी स्तर पर कोविड डेडिकेडेट महज एक निजी अस्पताल है जिसमें भी भर्ती होने वाले रोगियों को खुद के स्तर पर ही ऑक्सीजन की व्यवस्था करनी पड़ती है जबकि पड़ौसी जिले श्रीगंगानगर में 6 निजी अस्पताल हैं जिनको डिमांड पर प्रशासन ही ऑक्सीजन की आपूर्ति करवा रहा है।

लाइव... अस्पताल कर्मी संक्रमित हो रहे फिर भी कोरोना वार्ड में रुक रहे परिजन, रोकने पर स्टाफ के साथ झगड़ा

जिला अस्पताल के कोविड वार्ड में हालत इस कदर है कि रोगियों के परिजन आए दिन डॉक्टर्स-नर्सिंग स्टाफ के साथ झगड़ा कर रहे हैं। शुक्रवार को आइसोलेशन वार्ड एक कोविड रोगी की मौत होने पर डेथ घोषित करने के लिए डॉक्टर ने ईसीजी जांच करने को कहा तो रोगी परिजनों ने हंगामा कर दिया।

परिजनों ने पहले तो लापरवाही का आरोप लगाया फिर कहा कि मृतक की ईसीजी नहीं एमआरआई, सीटी स्कैन सभी जांचे करवाओ। डॉ. ओपी सोलंकी और उपनियंत्रक डॉ. गौरीशंकर की समझाइश पर वह लोग माने और ईसीजी जांच करने दी। बड़ी परेशानी है कि रोगियों के साथ उनके अटेंडेंट भी कोरोना वार्ड में रूक रहे हैं। सुबह-शाम बदलकर परिजन आते हैं और घंटों तक वहीं रहते हैं।

इस बीच रोगी परिजन थक-हारकर कभी वार्ड की गैलरी में तो कभी वार्ड में ही सो जाते हैं। अगर डॉक्टर्स-नर्सिंग स्टाफ उनको कहता है कि वहां रूकने से वह संक्रमित हो सकते हैं तो झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। पिछले एक सप्ताह में ऐसी घटनाएं कई बार हो चुकी हैं।

हालत यह है कि एंट्री गेट पर पुलिसकर्मी तैनात नहीं है। हालांकि इसको लेकर कलेक्टर पुलिस प्रशासन को निर्देशित कर चुके हैं कि ऐसे रोगी जो पूरी तरह से अटेंडेंट पर निर्भर है महज उनके साथ ही अटेंडेंट को साथ रूकने दिया जाए लेकिन हालत यह है कि कोरोना वार्ड में हर रोगी के साथ अटेंडेंट रूक रहा है, जिसमें कई बिना पीपीई किट ही वार्ड में आवाजाही कर रहे हैं जिससे उन लोगों से बाहर भी संक्रमण फैल रहा है।

कोरोना रोगियों का लोड बढ़ा, हांफने लगे वेंटिलेटर, दुरुस्त करने में जुटे हैं इंजीनियर
जिला अस्पताल में रोगियों का लोड बढ़ने के बीच वेंटिलेटर भी हांफने लगे हैं। इसमें आईसीयू के दो-तीन वेंटिलेटर में खराबी होने पर तत्काल इंजीनियर को बुलाकर दुरुस्त करने को कहा गया। इस बीच इंजीनियर आईसीयू में रखे वेंटीलेटर दुरूस्त करते नजर आए।

यहां बता दें कि जिला अस्पताल में पिछले वर्ष 21 वेंटिलेटर पीएम केयर फंड से मिले थे जिसमें 2 वेंटिलेटर नोहर सीएचसी भेजे जा चुके हैं वहीं 19 जिला अस्पताल में है। इसके अलावा आईसीयू में 10 वेंटिलेटर पहले से हैं। वर्तमान में कोविड रोगियों के भर्ती होने के कारण वेंटीलेटर पर लोड बढ़ा है।

असर: कलेक्टर ने लिया संज्ञान, ऑक्सीजन टैंकर की डिमांड, ओपीडी बाहर शिफ्ट होगी

दैनिक भास्कर की ओर से शुक्रवार को जंक्शन में ऑक्सीजन प्लांट लगने के बावजूद लिक्विड टैंकर नहीं आने का मुद्दा उठाया तो जिला कलेक्टर ने इस पर संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को उद्योग विभाग के शासन सचिव के अलावा उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा।

इसमें हनुमानगढ़ जिले के लिए जल्द ऑक्सीजन लिक्विड टैंकर उपलब्ध करवाए जाने की डिमांड की गई है। वहीं जिला अस्पताल की ओपीडी को सोमवार से करणी धर्मशाला में शिफ्ट करने के लिए सीएमएचओ और पीएमओ को निर्देश दिए गए हैं। इसमें आईएमए के डॉ. सहयोग करेंगे।

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