सरहिंद फीडर से पीने के लिए मिल रहा पानी:आईजीएनपी का अगले सप्ताह शुरू होगा रिलाइनिंग का काम

हनुमानगढ़7 महीने पहले
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  • पंजाब की नहरें खुलने के बाद डायवर्सन से बंद होगी सप्लाई

हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर जिले में इंदिरा गांधी नहर परियोजना की रिलाइनिंग का काम अगले सप्ताह शुरू हो जाएगा। गुरुवार से एक माह का पूर्ण क्लोजर शुरू हो गया। हालांकि शाम तक सरहिंद फीडर के माध्यम से आईजीएनपी में पेयजल आपूर्ति जारी रही।

अधिकारियों के अनुसार पंजाब द्वारा सरहिंद फीडर की कई नहरें खोलने के बाद राजस्थान को मिल रहा पीने का पानी बंद हो जाएगा। अगले सप्ताह से राजस्थान में भी रिलाइनिंग का काम प्रारंभ हो जाएगा। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।

हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर जिले में करीब 49 किलोमीटर रिलाइनिंग होगी। संबंधित कॉन्ट्रेक्टरों ने साइट पर निर्माण सामग्री जमा कर ली है। पंजाब में रिलाइनिंग का काम जारी है। एक माह की बंदी को देखते हुए जलदाय विभाग की ओर से भी पानी का पर्याप्त भंडारण कर लिया गया है।

कई जगह नए ट्यूबवैल लगाए गए हैं, वहीं कई गांवों में पूर्व में लगाए गए ट्यूबवैलों की मरम्मत आदि करवाकर तैयार कर लिए गए हैं। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार आईजीएनपी की लगभग सभी नहरों में पेयजल भंडारण के लिए सप्लाई दे दी गई है।

उल्लेखनीय है कि 29 मार्च को इंदिरा गांधी नहर परियोजना में सिंचाई पानी बंद कर दिया गया था। पेयजल के लिए आईजीएनपी में आरडी 496 पर डायवर्सन बनाकर सरहिंद फीडर से करीब 2 हजार क्यूसेक पानी दिया जा रहा था। अब 28 मई तक पूर्ण बंदी प्रस्तावित है। इस दौरान राजस्थान में विभिन्न स्थानों पर रिलाइनिंग का काम होगा।

ये होगा फायदा: मानसून अवधि में मिल सकेगा अतिरिक्त पानी पंजाब क्षेत्र में राजस्थान फीडर की रिलाइनिंग काफी डैमेज हो चुकी है। 18 हजार 500 क्यूसेक क्षमता की इस नहर में अब 8 हजार क्यूसेक पानी चलाना भी संभव नहीं है। रिलाइनिंग का काम पूरा होने के बाद मानसून की अवधि में बांधों में पानी की आवक अच्छी होने पर राजस्थान को अतिरिक्त पानी मिल सकेगा। इसका फायदा हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर जिले के लाखों किसानों को होगा। ये होगा फायदा: मानसून अवधि में मिल सकेगा अतिरिक्त पानी पंजाब क्षेत्र में राजस्थान फीडर की रिलाइनिंग काफी डैमेज हो चुकी है। 18 हजार 500 क्यूसेक क्षमता की इस नहर में अब 8 हजार क्यूसेक पानी चलाना भी संभव नहीं है। रिलाइनिंग का काम पूरा होने के बाद मानसून की अवधि में बांधों में पानी की आवक अच्छी होने पर राजस्थान को अतिरिक्त पानी मिल सकेगा। इसका फायदा हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर जिले के लाखों किसानों को होगा।

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