पंचायत राज विभाग के निर्देश:मनरेगा श्रमिकों की ऑनलाइन हाजिरी लगेगी, मेट प्रतिदिन एमएमएस एप पर अपलोड करेंगे उपस्थिति

हनुमानगढ़2 महीने पहले
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  • जिले में 2455 जगहों पर 99 हजार 511 श्रमिक कर रहे कार्य

मनरेगा के कामों में श्रमिकों की फर्जी हाजिरी रोकने की कवायद शुरू हो गई है। राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की ओर से जिला परिषद के सीईओ को मजदूरों की हाजिरी मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एमएमएस) से लगवाने के निर्देश दिए हैं। 13 अगस्त से पहले जिले की 5 ग्राम पंचायतों में मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम से हाजिरी लगनी शुरू हो जाएगी। यह कार्य मेटों द्वारा किया जाएगा।

प्रत्येक ग्राम पंचायत में चल रहे कार्यों पर लगाए गए मेट के मोबाइल का रजिस्ट्रेशन नरेगा सॉफ्ट के पीओ लॉगिन से होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद मेट द्वारा प्रतिदिन सुबह 11 बजे से पहले समस्त श्रमिकों की उपस्थिति एवं कार्यस्थल की फोटो एमएमएस एप के माध्यम से ली जाकर नरेगा सॉफ्ट पर प्रतिदिन अपलोड की जाएगी। इससे श्रमिकों की फर्जी हाजिरी नहीं लग पाएगी, वहीं कार्यों में पारदर्शिता भी आएगी।

वर्तमान में नरेगा के तहत जिले की 269 ग्राम पंचायतों में 2455 काम चल रहे हैं। इन पर 99 हजार 511 श्रमिक कार्य कर रहे हैं। जिला परिषद की ओर से पूर्व में करवाए गए निरीक्षण के दौरान फर्जी हाजिरी लगाने के कई मामले सामने आए थे। इस पर मेटों को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई की गई। मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम से हाजिरी लगने से श्रमिकों को भुगतान भी समय पर मिल सकेगा। इससे मजदूरों को काम करने के बाद कई दिनों तक भुगतान के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

निरीक्षण में मनरेगा के कामों पर दर्जनों श्रमिकों की फर्जी हाजिरी का हुआ था खुलासा

जिला परिषद अधिकारियों द्वारा इस वर्ष के शुरूआत में जिले भर में ग्राम पंचायतों में चल रहे मनरेगा कार्यों का आकस्मिक निरीक्षण करवाया गया। इस दौरान विभिन्न गांवों में दर्जनों मजदूरों की फर्जी हाजिरी का खुलसा हुआ। अधिकांश जगह मेटों की मिलीभगत से फर्जी हाजिरी लगने की भी जानकारी मिली थी।

इस पर जिला परिषद के तत्कालीन सीईओ की ओर से दर्जनों मेटों को ब्लैक लिस्ट किया गया। फर्जी हाजिरी पर रोक को लेकर पिछले काफी समय से प्रयास किए जा रहे थे। अब पंचायती राज विभाग की ओर से यह एप लांच किया गया है। इसमें श्रमिकों की फोटो भी अपलोड होगी। ऐसे में काफी हद तक फर्जी हाजिरी पर रोक लगने की बात कही जा रही है।

पंचायती राज विभाग ने एमएमएस एप के संबंध में दिए ये 3 विशेष निर्देश

  1. प्रत्येक ग्राम पंचायत में चल रहे कार्यों पर लगाए मेट के मोबाइल का रजिस्ट्रेशन नरेगा सॉफ्ट के पीओ लॉगिन से किया जाए।
  2. मेट द्वारा प्रतिदिन सुबह 11 बजे से पहले सभी श्रमिकों की उपस्थिति एवं कार्यस्थल की फोटो एमएमएस एप के माध्यम से लेकर नरेगा सॉफ्ट पर अपलोड की जाएगी।
  3. एमएमएस के माध्यम से श्रमिकों की उपस्थिति पखवाड़े के मध्य से प्रारंभ नहीं की जाए। पखवाड़ा शुरू होने से समाप्ति तक प्रतिदिन एमएमएस के माध्यम से ही उपस्थिति दर्ज की जाए।
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