पेट्रोल पंप बंद करने की फिर दी चेतावनी:पेट्रोलियम डीलर्स ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, तस्करों पर कार्रवाई की मांग

हनुमानगढ़एक महीने पहले
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डेमो फोटो। - Dainik Bhaskar
डेमो फोटो।

हनुमानगढ़ जिले में डीजल-पेट्रोल की कीमत में कमी के बाद कुछ दिन से शांत पैट्रोलियम डीलर्स एक बार फिर से आंदोलन की रुपरेखा बना रहे है। जिले में अवैध रूप से डीजल-पेट्रोल का कारोबार करने वालों तस्करों के खिलाफ अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई न किए जाने से पेट्रोलियम डीलर्स नाराज है। पेट्रोलियम डीलर्स ने मंगलवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंप आवश्यक कार्रवाई न होने पर फिर से पेट्रोल पम्प बंद करने का अल्टीमेटम दिया है।

हनुमानगढ़ पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन जिलाध्यक्ष पतराम भाम्भू ने बताया कि राजस्थान के पड़ोसी जिले पंजाब और हरियाणा में डीजल-पेट्रोल के दाम में काफी ज्यादा अंतर होने के कारण पंजाब और हरियाणा से अवैध रूप से डीजल लाकर उसमें बायो-डीजल के नाम से बिक रहे डीएलओ वेस ऑयल को मिलाकर हाईवे के होटलों व आम सड़क पर व हर गांव में खुलेआम बेचा जा रहा है। इससे हनुमानगढ़ जिले के पम्पों की सेल इतनी प्रभावित हो गई है कि वे अपने दैनिक खर्चे निकालने में सक्षम नहीं है। इसके विरोध स्वरूप बीकानेर संभाग के सभी पम्प 25 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक बंद रहे थे। 28 अक्टूबर को हुई बातचीत में कलेक्टर ने आश्वासन दिया था कि अवैध डीजल का कारोबार करने वालों के खिलाफ हनुमानगढ़ जिले के सभी तहसीलदार, उपखण्ड अधिकारी और पुलिस अधिकारी कार्रवाई करेंगे। साथ ही हर माह होने वाली राजस्व अधिकारियों की बैठक में इसकी समीक्षा की जाएगी। इस सम्बन्ध में कार्रवाई करने के लिए कलेक्टर की ओर से अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए गए थे।

डेढ़ महीने के बाद भी जिले के किसी भी अधिकारी की ओर से किसी भी तस्कर के खिलाफ एक भी प्रकरण दर्ज नहीं किया गया है। अवैध डीजल का कारोबार उसी प्रकार जिले में फलफूल रहा है। एक उपखण्ड अधिकारी ने तो पेट्रोलियम डीलर्स को यहां तक कह दिया कि यह हमारा काम नहीं है। हम कोई अवैध डीजल पकड़ने के लिए नहीं बैठे है। भाम्भू ने बताया कि राज्य सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने भी आदेश जारी कर संबंधित जिले के जिला रसद अधिकारी, उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार व पुलिस अधिकारियों को उक्त अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए है, परन्तु इन सभी अधिकारियों की ओर से आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

भाम्भू ने बताया कि 28 अक्टूबर की बैठक में कलेक्टर ने बी श्रेणी के स्टोरेज के अनुज्ञा पत्र जिले में जारी किए थे। उन्हें जांच के बाद निरस्त करने का आश्वासन दिया गया था, परन्तु अभी तक उक्त अनुज्ञा पत्र निरस्त नहीं किए गए है। उन्हें तत्काल निरस्त करने की कार्रवाई की जाए। अवैध डीजल व बायोडीजल के नाम से मिलावटी डीजल के कारोबार से हनुमानगढ़ जिले के पम्पों की सेल इतनी मात्रा में गिर चुकी है कि पम्प मालिक पम्पों को चलाने में समर्थ नहीं हैं। सभी अधिकारियों का हर माह का लक्ष्य निर्धारित कर इस अवैध कारोबार को रोका जाए। अन्यथा मजबूर होकर पेट्रोल पम्प मालिकों को जिले के सभी पम्पों को बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।