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महामारी का असर:होनहार राजस्थान; कक्षा 1 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए चलाई जाएंगी ऑनलाइन क्लास, सोशल मीडिया सहित टीवी और रेडियो पर भी पढ़ाई होगी

हनुमानगढ़8 दिन पहले
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कोरोना महामारी का असर विद्यार्थियों की शिक्षा पर ना पड़े इसलिए अब शिक्षा विभाग ने होनहार राजस्थान कार्यक्रम की शुरुआत की है। ख़ास बात यह है कि इस कार्यक्रम के जरिए कक्षा 1 से 12वीं तक के विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षाओं के जरिए पढ़ाई करवाई जाएगी। शिक्षा विभाग के अनुसार अभी तक जिला लेवल पर सभी 7 सीबीईओ से वर्चुअल मीटिंग के जरिए इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन को लेकर रूपरेखा बनाई जा चुकी है।

अब 7 जून के बाद जब स्कूल खुलेंगे तो पीईईओ स्तर पर एक वेबिनार आयोजित कर संस्था प्रधानों को दिशानिर्देश दिए जाएंगे। कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को संभावित खतरे को देखते हुए स्कूल नहीं खोले जा सकते हैं तथा अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है। इसलिए शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षण के अधिकतम कार्य ऑनलाइन किए जाने के लिए रोडमैप तैयार किए जा रहे है। कोरोना महामारी को लेकर हुई प्रतिकूल परिस्थितियों में बच्चों की शिक्षा जारी रखने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए चलाया जा रहा है।

वेबिनार के जरिए 258 पीईईओ को देंगे कार्यक्रम की जानकारियां, फ़ोन के जरिए शिक्षक और विद्यार्थी संपर्क में रहेंगे

जिले भर के 258 पीईईओ के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम की जानकारी दी जाएगी तथा बताया जाएगा कि कार्यक्रम कैसे चलेगा और इसकी मॉनिटरिंग कैसे की जाएगी। आओ घर में सीखें अभियान के भाग 2 के तहत विद्यार्थियों की बुनियादी दक्षताओं पर ध्यान दिया जाएगा। रिमोट लर्निंग की संकल्पना के तहत अब व्हाटसअप के साथ टीवी और रेडियो से भी पढाई करवाई जाएगी। विद्यार्थियों को नियमित रूप से होमवर्क एवं वर्कशीट्स उपलब्ध कराए जाएंगे।

शिक्षक हर हफ्ते विद्यार्थियों से फोन के माध्यम से जुड़ेंगे। लर्निंग विद प्रैक्टिस की संकल्पना के आधार पर होमवर्क को स्कूलों की ओर से स्थानीय स्तर पर प्रिंट करवाकर बच्चों को रिमोट चैनल के द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को सप्ताह में एक बार 4 विषयों का होमवर्क दिया जाएगा तथा 6 से 12 के विद्यार्थियों को सप्ताह में 2 बार सभी विषयों का होमवर्क दिया जाएगा। स्माइल प्रोजेक्ट ई कक्षा शिक्षा दर्शन डिजिटल नवाचारों के माध्यम से अध्ययन करवाया जाएगा। वर्तमान पर स्थितियों में विद्यार्थियों की मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं को देखते हुए सभी शिक्षक विद्यार्थियों के साथ फोन पर अपने साप्ताहिक संवाद में सबसे पहले उनकी कुशलक्षेम के बारे में पूछेंगे।

यूं होगी कार्यक्रम की मॉनिटरिंग
कार्यक्रम के प्रभावी संचालन के लिए सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, समग्र शिक्षा नियमित बैठक, मॉनिटरिंग एवं संबलन प्रदान करेंगे। अति। जिला परियोजना समन्वयक, प्रधानाचार्य डाइट, जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय, माध्यमिक/प्रारम्भिक शिक्षा मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देशन में मॉनिटरिंग एवं संबलन प्रदान करेंगे। ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम के प्रभावी संचालन के लिए सम्बन्धित सभी सीबीईओ अपने अधीनस्थ पीईईओ से समन्वय स्थापित कर नियमित मॉनीटरिंग एवं संबलन प्रदान करेंगे।

पिछले वर्ष भी पढ़ाई जारी रखने के लिए चलाए थे कई कार्यक्रम
शिक्षा विभाग की ओर से पिछले एक वर्ष में बच्चों की पढाई प्रभावित नहीं हो इसके लिए विभिन्न प्रोजेक्ट चलाए थे, जिसमें स्माइल, आओ घर में सीखें अभियान, ई- कक्षा हवामहल कार्यपुस्तिका, शिक्षावाणी, शिक्षा दर्शन समेत नवाचारों से प्रदेश के विद्यार्थियों की पढ़ाई को बाधित नहीं होने दिया था।

वीसी से तय होंगे कार्यक्रम, स्कूल खुलने के बाद आगामी रूपरेखा - डीईओ
होनहार राजस्थान कार्यक्रम को लेकर जिला स्तर पर सभी सीबीईओ की मीटिंग हो चुकी है। अब स्कूल खुलने के बाद आगामी रूपरेखा तैयार की जाएगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों व जिले के 258 पीईईओ के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग होगी। वीसी में कार्यक्रम की जानकारी दी जाएगी। व कार्यक्रम कैसे चलेगा और इसकी मॉनिटरिंग कैसे की जाएगी।
हंसराज जाजेवाल, डीईओ, हनुमानगढ़।

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