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कोरोना के साथ मंहगाई की मार:तेल निकाल रहा आमजन का तेल; डीजल के दाम बढ़ने के बाद खाद्य तेल भी हुए महंगे, सरसों 40 तो सोयाबीन 30 रुपए प्रति लीटर तक तेज

हनुमानगढ़16 दिन पहले
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  • 5 माह में डीजल 11 रुपए और 3 माह में सरसों का तेल 40 रुपए तक महंगा हुआ, रसोई का बजट बिगड़ा

पेट्रोल-डीजल के रेट अपना ही रिकॉर्ड तोड़ते हुए लगातार बढ़ रहे हैं। शनिवार को पेट्रोल 105.10 और डीजल 97.98 रुपए प्रतिलीटर पर पहुंच गए। इन बढ़ते दामों का सीधा असर अब रसोई पर भी दिखने लगा है। डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन महंगा हो गया और खाद्य तेलों से लेकर आटे-दाल के भाव भी तेज हो गए हैं। फरवरी-मार्च से अब तक सोयाबीन तेल 30 रुपए लीटर और सरसों का तेल 40 रुपए लीटर तक महंगा हो चुका है।

मार्च में सोयाबीन तेल का 15 किलो का टीन 2000 रुपए में मिल रहा था। अब यह बढ़कर 2450 रुपए हो गया है। ऐसे ही 1950 रुपए में मिलने वाला सरसों तेल का टीन अब 2600 रुपए में मिल रहा है। ख़ास बात यह भी है कि सरसों का तेल एंटीबॉडी है, इसलिए कोरोनाकाल में इसकी खपत भी ज्यादा बढ़ी है। बीते 5 माह में 11 रुपए प्रति लीटर बढ़े डीजल के दाम, इसीलिए ट्रांसपोर्ट महंगा: पेट्रोल-डीजल के दामों में रोजाना चंद पैसों की बढ़ोतरी होती है। ऐसे में 1 जनवरी 2021 में डीजल के दाम 86.58 रुपए प्रति लीटर थे। जैसे जैसे समय बीत रहा था दाम भी बढ़ रहे थे। वर्तमान में डीजल 97.98 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है। यानी 5 माह के बाद महज डीजल के दामों में 11.40 रुपए की बढ़ोतरी हो गई है। इसी वजह से ट्रांसपोर्टेशन चार्जेज भी बढ़ गए।

बीते 5 माह में 665 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़े सरसों के दाम
मंडियों से लिए गए आंकड़ों के अनुसार जनवरी माह में सरसों 5825 रुपए प्रति क्विंटल तक बिकी थी। अब जून में यही सरसों 6490 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गए हैं। यानी, 5 माह में 665 रुपए प्रतिकिलो तक सरसों के दाम ही बढ़ चुके हैं। वहीं मार्च में सोयाबीन के भाव भी 2 हजार से कम थे। वर्तमान में 2500 के करीब पहुंच चुके हैं। इसी तरह मूंगफली के दाम मार्च में करीब 2600 और वर्तमान में 2750 के करीब पहुंच गए हैं।

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