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फैसला:कूटरचित दस्तावेजों से दूसरे व्यक्ति को दी सिम, वोडाफोन को हर्जाने के तौर पर उपभोक्ता के खाते में जमा करवाने होंगे 27.53 लाख रुपए

हनुमानगढ़10 दिन पहले
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  • सिम के दुरुपयोग से ओटीपी प्राप्त कर खाते से निकाले थे 68.50 लाख, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की कोर्ट ने दिया आदेश

मोबाइल के डुप्लीकेट सिम कार्ड किसी दूसरे व्यक्ति को देने के बाद सिम का दुरुपयोग कर बैंक खाते से 68.50 लाख रुपए निकालने के मामले में सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग जयपुर के कोर्ट ने वोडाफोन आइडिया लि. कंपनी को दोषी मानते हुए उपभोक्ता को 27.53 लाख रुपए हर्जाना राशि के भुगतान का फैसला सुनाया है।

कंपनी ने कूटरचित दस्तावेजों का बिना सत्यापन किए ही अन्य व्यक्ति को सिम कार्ड दे दिया था। जयपुर के केशवनगर सिविल लाइन के रहने वाले कृष्ण नैन पुत्र भीयाराम नैन ने गत 28 मई 2020 को सूचना प्रौद्योगिकी न्यायालय निर्णायक अधिकारी एवं प्रमुख शासन सचिव के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि उसने वोडाफोन आइडिया लिमिटेड में वर्ष 2012 में पोर्ट करवाया था और 25 मई 2017 की शाम को सिम बंद होने के कारण हनुमानगढ़ में वोडाफोन के स्टोर पर नो नेटवर्क की सूचना दी गई। इस पर उसे एक नई सिम जारी कर दी गई लेकिन वह सिम चालू नहीं हुई और वोडाफोन स्टोर को सूचित करने एवं बार-बार संपर्क करने पर भी सिम चालू नहीं की गई।

इस पर 30 मई को वह अजमेर रोड, जयपुर स्थित स्टोर पर गया और सिम सक्रिय करने को कहा जिस पर 31 मई 2017 को उसकी सिम एक्टिव हुई। इसके बाद एक जून को उसे पता चला कि उसकी फर्म केटेली इनफ्राकॉन एलएलपी के बैंक खाते से 68 लाख 50 हजार रुपए अन्य बैंक खाते में ट्रांसफर हुए हैं।

बैंक से संपर्क करने पर पता चला कि इंटरनेट बैंकिंग को हैक कर उसके मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त कर 68.50 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। इस संबंध में पुलिस थाना में 2 जून 2017 को एफआईआर दर्ज करवाई तो पुलिस जांच में सामने आया कि मोबाइल की डुप्लीकेट सिम वोडाफोन के अलवर स्टोर द्वारा किसी भानुप्रताप पुत्र विश्वनाथ नामक अनजान व्यक्ति को कूटरचित ड्राइविंग लाइसेंस और पहचान पत्र की फोटो कॉपी के बिना सत्यापन के जारी की गई जिससे उसके बैंक खाता की इंटरनेट बैंकिंग से छेड़छाड़ कर ओटीपी प्राप्त कर 7 अलग-अलग नाम के खातों में राशि ट्रांसफर कर ली। इस बीच सूचना मिलने पर आईडीबीआई बैंक ने खाता ब्लॉक कर दिया था जिस कारण बैंक का इसमें कोई दोष नहीं पाया गया। कुल अंतरित राशि 68.50 लाख रुपए में से आवेदक को 44 लाख रुपए वापस मिल चुके हैं।

न्यायालय ने वोडाफोन आइडिया लिमिटेड को एक माह में 27 लाख 53 हजार 183 रुपए परिवादी उपभोक्ता कृष्ण नैन के खाते में एक माह में जमा करवाने के आदेश दिए हैं। राशि निर्धारित समय पर जमा नहीं करवाने पर 10 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से चक्रवर्ती ब्याज देय होगी।

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