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कोरोना वॉरियर:होम आइसोलेशन में रह कोविड गाइडलाइन की पालना की तो मुश्किल हालात से निकला परिवार

हनुमानगढ़6 दिन पहले
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  • ग्राम विकास अधिकारी केवल कृष्ण अरोड़ा के जज्बे और हौसले से कोरोना को हराने की कहानी

कोरोना से संक्रमित होने के बाद एक-एक कर परिवार के 4 सदस्य संक्रमित हो गए लेकिन सभी सकारात्मक रहे। रोज योग किया और डॉक्टर के परामर्श अनुसार दवाएं लेते रहे। नेगेटिविटी हावी नहीं हो इसलिए होम आइसोलेशन में रहकर अपनी ड्यूटी भी निभाता रहा। ग्राम विकास अधिकारी के नाते गांव में अधिकाधिक ग्रामीण मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना से अधिक से अधिक लोग जुड़ें यह मेरी अहम जिम्मेदारी थी

इसलिए होम आइसोलेशन में रहकर ग्रामीणों के साथ ही सरपंच, ई-मित्रा केंद्र और ग्राम पंचायत कर्मियों से निरंतर जुड़ा रहा। ग्रामीणों को व्यक्तिगत कॉल किए ताकि वे इस योजना में पंजीकरण करवाएं। ऐसे में जिस किसी से बात करता तो वह भी मेरा हौसला बढ़ाते रहे कि कोरोना को हराना है। हालांकि पूरा परिवार कोरोना से पीड़ित था, लेकिन सभी को उनकी फिक्र अधिक थी।

जिस तरह कोरोना संक्रमण हर उम्र के लोगों को लील रहा है, उस हालत में उसके क्रूर पंजों से अपने आप को निकाल लाना सिर्फ हौसले का ही परिणाम है। परिवार में बड़ा बेटा पुष्पेंद्र 27 अप्रैल को सबसे पहले संक्रमित हुआ। इसके बाद पुत्रवधु शिखा, मैं और मेरी पत्नी आशा रानी संक्रमित हो गई। 7-8 दिन तक तो बुखार नहीं उतरा फिर उतरा तो तीन-चार दिन बाद दुबारा बुखार आ गया। फिजिशियन डॉ. राजेश कटेवा से परामर्श लिया तो उन्होंने परामर्श दिया और घर पर ही रहने को मोटिवेट किया। सीआरपी 75.80 और सीटी स्कोर 20 आ गया था लेकिन हौसला नहीं छोड़ा।

अब पूरा परिवार स्वस्थ है। मैं तो यही कहना चाहूंगा कि वैक्सीनेशन अवश्य करवाएं और कोरोना हो तो घबराए नहीं। खुद पर नेगेटिविटी को हावी नहीं होने दें और सकारात्मक सोच के साथ कोविड गाइडलाइन के तहत मास्क पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करें।

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