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दिल्ली से लाए थे 15 लाख रुपए का चिट्‌टा:नोहर और भादरा में होनी थी सप्लाई, पुलिस ने पकड़ा, 4 गिरफ्तार

हनुमानगढ़16 दिन पहले
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - Dainik Bhaskar
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

जिले में पोस्त और अफीम पर सख्ती के बीच अब चिट्टे के नशे का नेटवर्क बढ़ता जा रहा है। इस बीच डीएसटी और भिरानी पुलिस ने सोमवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए चार लोगों को 760 ग्राम हेरोइन सहित गिरफ्तार किया आरोपियों में एक भादरा का जबकि तीन श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ और रायसिंहनगर क्षेत्र के रहने वाले हैं।

प्रारंभिक पूछताछ में चारों ने यह हेरोइन दिल्ली से लाने तथा इसे नोहर तथा भादरा इलाके में सप्लाई देना कबूला है। भिरानी थानाप्रभारी सुखराम चोटिया ने बताया कि डीएसटी को क्षेत्र में नशे की बड़ी खेप आने की सूचना मिली थी। इस पर कार्रवाई के लिए जाल बिछाया गया। सोमवार रात 11 बजे भिरानी पुलिस और डीएसटी टीम ने भादरा तहसील के गांव सूरतपुरा टोल नाके के पास नाका लगाया। तभी हिसार की तरफ से आ रही स्कार्पियो चालक ने नाकाबंदी देखकर गाड़ी वापस बैक कर गाड़ी भगाने का प्रयास किया।

पुलिस ने गाड़ी को घेरकर तलाशी ली तो 760 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इसमें भादरा के वार्ड 8 निवासी फारूख खान पुत्र यासीन खान, रायसिंहनगर के वीरेंद्र सिंह पुत्र महेंद्र सिंह जटसिख तथा अनूपगढ़ के दीपक सचदेवा पुत्र मुकुंद लाल अरोड़ा और राजवीर सिंह पुत्र लाभ सिंह जटसिख को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर जांच भादरा थाना अधिकारी कविता पूनिया को सौंपी गई है।

भास्कर पड़ताल...जिले में गली-मोहल्लों में बिक रहा चिट्‌टा, महिलाएं भी संलिप्त, बढ़ रहा अपराध
जिले में गली-मोहल्लों में चिट्‌टा की सप्लाई हो रही है। हालत यह है कि कुछ जगह महिलाएं भी चिट्टे की आपूर्ति दे रही हैं। दो दिन पहले ही टाउन पुलिस की ओर से एक महिला को चिट्टा की पुड़िया बेचते गिरफ्तार किया गया। ऐसे में इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले में चिट्टे का नेटवर्क फैल चुका है।

ऐसे में यह उन अभिभावकों के लिए भी चुनौती है जिनको अपने बच्चों को चिट्टे की लत से बचाना है। वहीं पुलिस के समक्ष चिट्टे का बढ़ता नेटवर्क बड़ी चुनौती बनता जा रहा है क्योंकि इससे अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है।

पुलिस की जिले में सप्ताह में चिट्‌टे के खिलाफ तीसरी कार्रवाई

1. टाउन पुलिस ने 17 जुलाई की रात्रि को टिब्बी रोड़ पर अमृत कौर (26) पुत्री जसवंत सिंह सिकलीगर निवासी वार्ड 35 को 12 ग्राम हेरोइन सहित गिरफ्तार किया। अमृत कौर महज 200-200 रुपए में स्मैक की पुड़िया बेचते पकड़ी गई थीं। 2. टाउन में ही 17 जुलाई की शाम को चिट्टे के नशे में झगड़ा कर रहे 10 युवकों को पुलिस ने शांतिभंग में गिरफ्तार किया। चिंता की बात है कि इसमें दो-तीन युवक हरियाणा के रहने वाले थे। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि दूसरे राज्यों से भी लोग यहां चिट्टे का नशा करने आ रहे हैं।

भादरा थानाधिकारी कविता पूनियां का कहना है कि गिरफ्तार हेरोइन सप्लायरों को कोर्ट में पेश कर 27 जुलाई तक रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जा रही है ताकि क्षेत्र में हेरोइन के मुख्य सप्लायर का पता लगाया जा सके। पकड़ी गई हेरोइन का बाजार मूल्य करीब 15 लाख रुपए है। कार्रवाई में डीएसटी प्रभारी एसआई लखवीर सिंह गिल, हैड कांस्टेबल प्रवीण कुमार, कांस्टेबल राजपाल लेघा, विकास पुनिया, रोशन लाल, भजन लाल, भिरानी थानाधिकारी सुखराम चोटिया, हैड कांस्टेबल राजेश सिंह, कांस्टेबल अजय कुमार, कांस्टेबल देवीलाल आदि शामिल थे।

इधर...100 अवैध पारवोरिन स्पास कैप्सूल सहित एक गिरफ्तार
संगरिया. पुलिस ने 100 अवैध पारवोरिन स्पास कैप्सूल सहित एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। सीआई विजय सिंह मीणा ने बताया कि संगरिया से हनुमानगढ़ राजवीर ढाबा के सामने रोही रतनपुरा से मुलजिम सुरजीतसिंह पुत्र पुनु सिंह (31) जाति लबाना सिख निवासी वार्ड 22 गुरुनानक बस्ती कस्बा संगरिया के कब्जा से 100 अवैध पारवोरिन स्पास नशीले कैप्सूल बरामद किए गए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट मे मामला दर्ज कर उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार अनुसंधान अमीचंद उनि पुलिस लाईन हनुमानगढ़ के सुपुर्द किया गया।

चिट्टे से नाक के भीतर हो रहे छेद, लीवर-गुर्दे डैमेज
मनोरोग व नशामुक्ति विशेषज्ञ डॉ. बीके शर्मा का कहना है कि पिछले कुछ समय से ओपीडी में चिट्टे के नशे से ग्रसित युवाओं की संख्या बढ़ रही है। इसमें 12 वर्ष से अधिक के किशोर से लेकर 20 वर्ष तक के युवा चपेट में आ रहे हैं। चिट्टा सूंघने से नाक के अंदर छेद हो जाते हैं। वहीं लीवर और गुर्दे दोनों खराब होने लगते है।

वहीं दिमाग सुन्न होने से सोचने-समझने और महसूस करने की शक्ति खत्म होने लगती है। उसे यह भी आभास नहीं रहता है कि बाहर की दुनिया में क्या हो रहा है। अगर उनको नशा नहीं मिलता है तो सिर दर्द, उल्टी, पेट में दर्द, नाक व आंखों से पानी निकलना, भूख नहीं लगना, पागलपन की स्थिति में चले जाते हैं।

ऐसे में अभिभावकों को चाहिए कि वह बच्चों का ध्यान रखें। अगर कोई युवा इसकी चपेट में आ गया है तो उचित काउंसलिंग के साथ उपचार करवाएं। मेडिटेशन और अच्छी आदतों से नशामुक्त करा समाज की मुख्यधारा में लाया जा सकता है।

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