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दीवार पर ही चिपकाया ज्ञापन:ज्ञापन देने आई महिलाओं को कलेक्टर ने गेट के बाहर ही खड़ा रखा आक्रोशित महिलाओं ने हंगामा किया

हनुमानगढ़4 दिन पहले
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नाराजगी जाहिर करतीं महिलाएं - Dainik Bhaskar
नाराजगी जाहिर करतीं महिलाएं

कलेक्टर कार्यालय के आगे मंगलवार को मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन सीटू की महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। बताया जाता है िक महिलाएं अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने आई थीं, लेकिन कलेक्टर ने ज्ञापन लेने से मना कर िदया। इसपर वे आक्रोशित हो गईं और कलेक्ट्रेट चैम्बर के बाहर हंगामा करने लगी।

थोड़ी देर बाद मौके पर माकपा सचिव एडवोकेट रघुवीर वर्मा पहुंच गए। इसके बाद सभी कलेक्टर के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उन्होंने कहा कि कलेक्टर ने महिलाओं के साथ ठीक नहीं किया। सिर्फ ज्ञापन ही तो था। इतनी गर्मी में महिलाएं दूर से चलकर अपनी मांगों को बताने आई थी।

कलेक्टर के पास फोन पर बात करने के लिए टाइम है लेकिन महिलाओं की बात सुनने के लिए वक्त नहीं हैं। ये हनुमानगढ़ जिले के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। करीब आधे घंटे चले हंगामे के बाद भी कलेक्टर अपने चैम्बर से बाहर नहीं आए तो प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन को बाहर दीवार पर ही चस्पा दिया। इस मौके पर सर्वजीत कौर, सिमरनजीत कौर, वीरपाल कौर, दलीप कौर, कुलवंत कौर, भूपिंदर कौर, ललिता, मंजू देवी, रानी देवी, ममता रानी, मुन्नी देवी, प्रकाश कौर, रीता मंडल, संगीता मंडल, सर्वजीत कौर, मैना देवी मौजूद थे।

मिड-डे मील को लेकर महिलाएं अपनी विभिन्न मांगों के साथ कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने आई थी। इनके साथ पुलिस जाब्ता भी मौजूद थे। सब इंस्पेक्टर ने 5 महिलाओं को अंदर लेजाकर ज्ञापन दिलाने की बात कही और वे चैम्बर की तरफ चल पड़ी। यहां कार्मिकों ने उन्हें बताया कि कलेक्टर अभी व्यस्त हैं और इंतजार करने का बोला।

काफी देर बीती तो वहां माकपा सचिव रघुवीर वर्मा ने कहा कि भरी गर्मी में महिलाएं और पुलिस जाब्ता बाहर खड़ा है। इसपर कार्मिकों ने बताया कि अब करीब 1 घंटे बाद ही कलेक्टर मिलेंगे। इसके बाद वहां मौजूद महिलाओं के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने हंगामा कर दिया।

यह है मुख्य मांगें
जनवादी महिला समिति प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकला वर्मा ने बताया कि कुछ दिन पहले केंद्र सरकार ने एक पत्र जारी किया था कि मिड-डे मील के भोजन बनाने की लागत (कुकिंग कोस्ट) के पैसे को डीबीटी के जरिए बच्चों या उनके अभिभावकों के खाते में सीधा पैसा डाला जाएगा। यानी भविष्य में इस योजना को बंद किया जा सकता है।

इसके साथ ही उन्होंने मिड-डे मील वर्कर के परिवार को प्रति व्यक्ति 10 किलोग्राम अनाज प्रतिमाह देने, वर्कर को 24 हजार न्यूनतम वेतन, छंटनी रोकने, प्रवासी मजदूरों के बच्चों को मिड-डे मील योजना के दायरे में लेने सहित अन्य मांगे शामिल है।

  • मानदेय से जुड़ी समस्या को लेकर कुछ महिलाएं ज्ञापन देने के लिए आई थी। फाइलों पर हस्ताक्षर कर रहा था, इसलिए उन लोगों को पांच मिनट बैठने के लिए कहा था लेकिन थोड़ी देर बाद ही महिलाएं नारेबाजी करने लगी।

-नथमल डिडेल, कलेक्टर।

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