मंचन:रावतसर-जंक्शन में पुतले जला निभाएंगे परंपरा

हनुमानगढ़एक महीने पहले
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  • काेराेना के चलते लगातार दूसरे साल भी नहीं जलेंगे रावण के पुतले

विजयदशमी पर इस बार भी जिले भर में रावण के पुतलों का दहन नहीं होगा। यानी कोरोना के चलते दूसरे साल भी सिर्फ गली-मोहल्लों में ही बच्चों के रावण जलाए जाएंगे। जिला मुख्यालय पर टाउन और जंक्शन में सबसे बड़ा दशहरा महोत्सव मनाया जाता है लेकिन इस बार दोनों ही समितियां सिर्फ परंपरा का निर्वाह करेगी। टाउन रामलीला समिति के अध्यक्ष अर्चित अग्रवाल ने बताया कि टाउन में रामलीला मंचन स्थल पर सिर्फ दृश्य का मंचन किया जाएगा।

वहीं जंक्शन में स्वामी विवेकानंद रंगमंच समिति रामलीला ग्राउंड में ही एक पुतले का दहन कर परंपरा निभाएगी। महासचिव बलजीत सिंह, सचिव कपिल शर्मा ने बताया कोविड-19 की गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए रावण के एक ही पुतले का सांकेतिक दहन होगा। इसकी ऊंचाई 25 फिट होगी। वहीं जिले में भादरा, नोहर, संगरिया, पीलीबंगा आदि शहरों में दूसरे साल रावण के पुतलों का दहन नहीं होगा।

हर बार समितियां या नगर पालिकाओं के सहयोग से पुतलों के दहन का मुख्य आयोजन होता है लेकिन इस बार कोरोना के चलते रामलीलाओं का मंचन भी नहीं हुआ। वहीं रावतसर में कोरोना के कारण प्रशासन ने रामलीला मंचन की अनुमति नहीं दी। ऐसे में समिति ने केवल रामचरित्र मानस का पाठ किया। वहीं शुक्रवार को समिति की ओर से विजयदशमी के मौके पर राजकीय स्कूल खेल ग्राउंड में रावण का पुतला दहन किया जाएगा। इस संबंध में समिति ने प्रशासन को सूचना दी है।

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