यूरिया खाद लेने आए किसान आपस में भिड़े:खाद कम पड़ती दिखी तो हाथापाई पर उतरे, एक्सट्रा पुलिस फोर्स बुलाकर किया काबू

हनुमानगढ़18 दिन पहले
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यूरिया खाद लेने आए किसान आपस में भिड़े। - Dainik Bhaskar
यूरिया खाद लेने आए किसान आपस में भिड़े।

हनुमानगढ़ जिले में डीएपी के बाद जिले में यूरिया खाद की किल्लत भी लगातार बरकरार है। रोजाना कड़ाके की ठंड में किसान अलसुबह से ही यूरिया खाद लेने के लिए दुकानों के बाहर लाइनों में लगने को मजबूर है। यूरिया खाद को लेकर मची मारामारी के बीच रोजाना विवाद की स्थिति पैदा हो रही है। शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर जंक्शन की धानमंडी स्थित ग्राम सेवा सहकारी समिति के बाहर यूरिया खाद लेने के सैकड़ों किसान उमड़ पड़े। किसानों को यूरिया खाद कम पड़ती दिखी तो वे आपस में ही एक-दूसरे से ही उलझ पड़े और बात हाथापाई तक पहुंच गई। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों से स्थिति नहीं संभली तो जाब्ता मंगवाना पड़ा।इसके बाद पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में किसानों को दोबारा लाइन में खड़े कर यूरिया खाद का वितरण किया गया।

जानकारी के अनुसार जंक्शन धानमंडी में नव दुर्गा मन्दिर धर्मशाला के साथ स्थित ग्राम सेवा सहकारी समिति में शुक्रवार को किसानों को यूरिया खाद का वितरण किया गया। यूरिया खाद लेने के लिए आसपास के गांवों से करीब 400-500 किसान पहुंचे और लाइन में लग अपनी बारी का इंतजार करने लगे। व्यवस्था बनाने के लिए मौके पर करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मी तैनात थे। इसी दौरान कुछ किसानों को लगा कि उन्हें यूरिया खाद नहीं मिलेगी। इस बात को लेकर उनका अन्य किसानों के साथ विवाद हो गया और वे आपस में ही गुत्थम-गुत्था हो गए। मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों ने उनसे समझाइश के प्रयास किए, लेकिन मामला बढ़ता देख पुलिस जाब्ता मंगाना पड़ा। इसके बाद किसान शांत हुए और दोबारा लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करने लगे।

कृषि अधिकारियों पर लगाए आरोप
विरोध जता रहे किसानों का आरोप था कि यूरिया खाद की कालाबाजारी की जा रही है। किसान सुबह से लाइन में खड़े हैं। यूरिया वितरण के लिए एक बूथ बनाया गया है, जबकि कुछ और बूथ बनाकर यूरिया खाद का वितरण किया जा सकता था। एक बूथ पर भीड़ अधिक होने से कोरोना संक्रमण फैलने का भी डर है। कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को यूरिया खाद बांटना ही नहीं चाहते।

यह है स्थिति
रबी सीजन के लिए जिले में 92 हजार एमटी यूरिया की डिमांड होती है। मोटे अनुमान के मुताबिक अब तक लगभग 70 हजार एमटी यूरिया ही मिली है। 10 फरवरी तक यूरिया की सर्वाधिक जरूरत है, लेकिन वर्तमान आपूर्ति व्यवस्था के अनुसार डिमांड के अनुसार खाद मिलने की उम्मीद नहीं है।

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