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बहादुरी व शहादत का सम्मान:स्व. फौजी गंगाराम, 1965 और 71 के युद्ध में लड़े, 43 साल पहले रिटायर; 15 साल पूर्व निधन, सेना ने दिया रक्षा मेडल

जैतसरएक महीने पहले
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स्व. फौजी गंगाराम। - Dainik Bhaskar
स्व. फौजी गंगाराम।
  • 7 एलसी गांव ने ग्राम पंचायत में रखवाया मेडल, परिजन बोले- गर्व है

गांव 7 एलसी के रिटायर्ड फौजी गंगाराम अब भले ही हमारे बीच नहीं हैं, पर दो दिन पूर्व रक्षा मंत्रालय से आई एक डाक ने पूरे गांव को गाैरवान्वित कर दिया। रक्षा मंत्रालय ने फौजी गंगाराम काे डाक से रक्षा मेडल भिजवाया है। जानकारी के अनुसार दो दिन पूर्व गांव 7 एलसी के कालूराम के घर रजिस्टर्ड डाक से एक लिफाफा पहुंचा।

पिता के लिए मेडल देख परिवार की आंखों में खुशी के आंसू आ गए।
पिता के लिए मेडल देख परिवार की आंखों में खुशी के आंसू आ गए।

जिस पर उनके दिवंगत पिता फाैजी गंगाराम का नाम अंकित था। लिफाफा खोलकर देखा ताे पता चला कि वर्ष 1965 के युद्ध में भाग लेने पर सम्मान स्वरूप उनके पिता गंगाराम को रक्षा मंत्रालय ने मेडल भेजा है। मेडल हाथ में लेते ही परिवार की आंखाें से खुशी से आंसू झलक पड़े।

खास बात यह है कि गंगाराम करीब 43 साल पहले सेवानिवृत्त हाे गए थे और 15 वर्ष पूर्व उनका निधन हो गया था। ग्राम पंचायत सरपंच पूर्णचंद लीलड़ ने बताया कि गंगाराम सेना में फौजी (चालक) के पद पर 9 अप्रैल 1963 को भर्ती हुए थे।

इसी दौरान 1965 व 1971 के युद्ध में उन्होंने भारतीय सेना में जवान के रूप में अहम सेवाएं दी। 1 मई 1978 को वे 15 साल नौकरी कर सेवानिवृत्त हो गए। 2005 में उनका निधन हो गया था। 1965 के युद्ध में भाग लेने पर उन्हें रक्षा मंत्रालय ने रक्षा मेडल देकर नवाजा है। शुक्रवार को ग्राम पंचायत कार्यालय में रक्षा मेडल को रखा गया। नागरिकों ने गंगाराम को श्रद्धांजलि दी व मेडल को सलाम किया।

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