पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

25 लाख की रिश्वत का मामला:श्रीगंगानगर में पकड़ी गई नशे की 49500 गोलियों के मामले में नाम आने पर पुलिस ने कारोबारी से मांगी थी इतनी बड़ी रकम

श्रीगंगानगरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
एसीबी द्वार जब्त की गई रिश्वत की दूसरी किश्त 10 लाख रुपए।

मंगलवार को जयपुर के एक होटल में 10 लाख रुपए की रिश्वत लेते कांस्टेबल को एंट्री करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने गिरफ्तार किया है। रिश्वत के 15 लाख रुपए पहले ही लिए जा चुके थे। रिश्वत की यह रकम नशे से जुड़ी गोलियों की बरामदगी मामले से नाम हटाने के लिए मांगे गए थे। रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया कांस्टेबल श्रीगंगानगर के जवाहर नगर थाने में तैनात है। रिश्वत की यह रकम एनडीपीएस एक्ट के एक मुकदमे में यूपी के कानपुर के एक दवा कारोबारी के भतीजे को आरोपी नहीं बनाने के एवज में मांगी गई थी।

जानकारी के मुताबिक, जुलाई में श्रीगंगानगर में सदर थाना पुलिस ने 49500 नशे की गोलियां पकड़ी गई थीं। इसके साथ एक युवक को भी गिरफ्तार किया गया था। एनडीपीसी का मामला होने के चलते जांच जवाहर नगर थाने के प्रभारी राजेश सिहाग को सौंप दी गई थी।

ऐसे सामने आया कारोबारी का नाम
जांच के दौरान नशे की गोलियों के साथ पकड़े गए आरोपी से पूछताछ में सामने आया था कि वो गोलियां जोधपुर से एक व्यक्ति से लेकर आया था। इसके बाद जोधपुर के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ में सामने आया कि वो कानपुर की फार्मेसी से गोलियां खरीद कर लाया था। जिसे आगे सप्लाई कर रहा था।

थाने में राजेश सिहाग का कमरा।
थाने में राजेश सिहाग का कमरा।

कारोबारी की फर्म की भूमिका स्पष्ट नहीं फिर भी भतीजे को फंसाया
इसके बाद पूरे मामले में कारोबारी की फर्म की भूमिका स्पष्ट नहीं होने के बावजूद उसके भतीजे पवन कुमार अरोड़ा के खिलाफ राजेश सियाग द्वारा मामला दर्ज किया गया। इसके बाद कांस्टेबल नरेश चंद्र मीणा और एएसआई सोहन लाल ने पवन कुमार को गंगानगर ले जाने का डर दिखाकर उनसे 15 लाख रुपए की रिश्वत ली। इसके बाद 10 लाख रुपए की रिश्वत और मांगी। जिसे आज मंगलवार को लेते नरेश चंद को ट्रैप किया गया। वहीं, राजेश सियाग फरार हैं।

लखनऊ के व्यापारी से भी लिए पैसे
एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि जांच में सामने आया है कि परिवादी के साथ कानपुर और लखनऊ के कुछ और व्यापारियों से भी इस केस में पैसे लिए गए हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है। कुछ दस्तावेज हाथ लगे हैं।

क्यों एक नाम हटाने के लिए मांगी गई 26 लाख की रिश्वत
गौरतलब है कि श्रीगंगानगर में अक्सर नशे की दवा पकड़ी जाती रही हैं। जिनका निर्माण ज्यादातर हिमाचल और दिल्ली की फार्मा कंपनियों में होता है। वहीं, कुछ फार्मा कंपनियां जरूरत के हिसाब से भी ऑर्डर देकर दवाओं का निर्माण करवाती हैं। जिन्हें कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से खरीदकर मार्केट में सप्लाई किया जाता है। अवैध रूप से नशे की इन गोलियों को बेचने पर 14 साल से ज्यादा कैद तक का प्रावधान है। जिसके कारण केस में नाम आने पर आरोपी रिश्वत की कोई भी रकम चुकाने के लिए तैयार हो जाते हैं।

जानकारी अनुसार, पिछले साल ही श्रीगंगानगर में करीब 9 लाख नशे की गोलियां पकड़ी गई थीं। वहीं, इस साल अब तक जिले में कुल 6 लाख नशे की गोलियां पकड़ी जा चुकी हैं।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- यह समय विवेक और चतुराई से काम लेने का है। आपके पिछले कुछ समय से रुके हुए व अटके हुए काम पूरे होंगे। संतान के करियर और शिक्षा से संबंधित किसी समस्या का भी समाधान निकलेगा। अगर कोई वाहन खरीदने क...

और पढ़ें