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भास्कर पड़ताल:6 सरकारी काॅलेजाें में सीटें 4076; 12वीं में विद्यार्थी 26 हजार पास होंगे; 22 हजार के प्रवेश पर संकट

श्रीगंगानगरएक महीने पहले
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इस बार 12वीं के सभी विद्यार्थियों को पास करने के सरकारी आदेश के बाद बड़ी परेशानी - Dainik Bhaskar
इस बार 12वीं के सभी विद्यार्थियों को पास करने के सरकारी आदेश के बाद बड़ी परेशानी

कोरोनाकाल में उच्च शिक्षा का सपना देख रहे छात्रों के लिए बड़ी परेशानी आने वाली है। इस बार जिलेभर में आरबीएसई व सीबीएसई ने 12वीं के सभी 26 हजार से ज्यादा विद्यार्थियाें काे पास करने का निर्णय तो ले लिया, जबकि जिले के 6 सरकारी काॅलेजाें में प्रथम वर्ष के विद्यार्थियाें के लिए सीटाें की संख्या महज 4076 है। ऐसे में इस बार 22 हजार से ज्यादा विद्यार्थियाें काे सरकारी काॅलेजाें में दाखिला नहीं मिल पाएगा।

इन विद्यार्थियाें काे मजबूरन प्राइवेट काॅलेजाें में प्रवेश लेना हाेगा। इन विद्यार्थियाें काे प्राइवेट काॅलेजाें की भारी भरकम फीस चुकानी पड़ेगी। कुल मिलाकर 12वीं के बाद काॅलेज में प्रवेश काे लेकर आवेदन प्रक्रिया का इंतजार कर रहे विद्यार्थियाें काे इस बार प्रवेश के लिए काफी संघर्ष करना हाेगा।

अकेले राजस्थान बोर्ड की बात करें तो इस बार 12वीं बाेर्ड में तीनाें संकायों में 23 हजार से ज्यादा विद्यार्थी पास होने तय हैं। जबकि पिछले साल 20666 विद्यार्थी पास हुए थे। तब भी काॅलेजाें में 4076 सीटें ही हाेने के कारण 8421 विद्यार्थी किसी भी सरकारी काॅलेज में दाखिला नहीं ले पाए थे। सबसे बड़ी बात यह है कि इस कतार में सीबीएसई 12वीं के करीब 3000 से अधिक विद्यार्थी भी हैं।

इस बार ये बच्चे भी बिना परीक्षा दिए पिछले अंकों के आधार पर ही पास होंगे। परिजनों ने कहा कि सरकार को इस बारे में निर्णय लेकर सरकारी कॉलेजों में सीटें बढ़ानी चाहिए। इसकी बड़ी वजह यह भी है कि कोरोना की दो लहर के बाद परिजनों की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है और परिजन बच्चों को निजी के बजाय सरकारी कॉलेज में पढ़ाना चाहेंगे।

23 हजार छात्र राजस्थान बोर्ड तो 3 हजार सीबीएसई से होंगे पास

1.10 में से 5 तहसीलों में सरकारी कॉलेज नहीं, शहरों में जाना होगा

कोरोनाकाल के बीच प्रवेश के लिए गांवों के छात्रों को ज्यादा परेशानी झेलनी होगी। कारण, जिले में 10 तहसीलें हैं, जबकि सरकारी कॉलेज महज पांच शहरों श्रीगंगानगर, सूरतगढ़, अनूपगढ़, श्रीकरणपुर व सादुलशहर में ही है। ऐसे में घड़साना, रावला, पदमपुर, श्रीविजयनगर और रायसिंहनगर के विद्यार्थियों को दूसरे शहरों का रुख करना पड़ेगा। वहां पढ़ाई के साथ-साथ रहने का भी खर्च उठाना पड़ेगा।

2.कॉलेजों में आर्ट्स की सीटें ज्यादा बाकी कम, मेरिट भी हाई रहेगी

जिले की 5 तहसीलों में 6 सरकारी कॉलेजों की भी बात करें तो सबसे ज्यादा 2560 सीटें कला संकाय की है। कामर्स की 540 व विज्ञान की करीब 500 सीटें हैं। ऐसे में इन संकायों में प्रवेश के लिए सबसे ज्यादा मारामारी रहेगी और इनकी मेरिट भी काफी हाई रहेगी।

एक संकट यह भी है कि परिजन अभी बच्चों को कोरोना के चलते दूसरे राज्यों दिल्ली, चंडीगढ़, पुणे में भेजने से बच रहे हैं। ऐसे में वे बच्चे भी यहीं प्रवेश लेते हैं तो मेरिट और ज्यादा रहने की संभावना है।

द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियाें की ऑनलाइन कक्षाएं 10 जुलाई से शुरू हाेंगी

  • ​​​​​स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियाें काे 10वीं एवं 12वीं परीक्षाओं में प्राप्त अंकाें के औसत के आधार पर अंक देकर अंक तालिका जारी कर अगली कक्षा में क्रमाेन्नत किया जाएगा। इन छात्राें की ऑनलाइन कक्षाएं 10 जुलाई से शुरू हाेंगी।
  • स्नातकाेत्तर पूर्वाद्ध के विद्यार्थियाें काे अस्थायी रूप से अगली कक्षा में प्रवेश देकर अध्यापन कार्य 10 जुलाई से प्रारंभ किया जाए व हालात सामान्य हाेने पर परीक्षाएं आयाेजित कर 31 दिसंबर तक उनका परिणाम जारी किया जाए।
  • अंतिम वर्ष की परीक्षाएं जुलाई के अंतिम सप्ताह/ अगस्त प्रथम सप्ताह से ऑफलाइन प्रारंभ कर 30 सितंबर तक परीक्षा परिणाम जारी किया जाए।
  • परीक्षा की अवधि 3 घंटे के स्थान पर प्रति प्रश्न-पत्र डेढ़ घंटे/ एक घंटे की जाए। इसके साथ ही प्रश्न-पत्राें में वर्णित प्रश्नाें काे आनुपातिक रूप से 50 प्रतिशत ही हल करने का विकल्प दिया जाए।
  • प्रायाेगिक परीक्षाओं का मूल्यांकन फाइल/ असाइनमेंट के आधार पर करवाया जाए।
  • वर्धमान खुला विश्वविद्यालय काेटा दूरस्थ शिक्षा पद्धति पर आधारित हाेने के कारण इसके अंतिम वर्षाें के विद्यार्थियाें काे छाेड़कर शेष सभी पाठ्यक्रमाें की परीक्षाओं काे आयाेजन परिस्थितियां सामान्य हाेने पर ऑफलाइन माेड में करवाई जाएंगी। इस विश्वविद्यालय की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं उपर्युक्त दिशा-निर्देश के अनुसार जुलाई -अगस्त 2021 में करवाई जाएगी।

एक्सपर्ट व्यू
डॉ. आरसी श्रीवास्तव, पूर्व प्राचार्य, डाॅ. भीमराव अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय, श्रीगंगानगर

आवेदन ज्यादा रहेंगे, इसलिए सरकार कॉलेजों में बढ़ाए सीटें

हर साल प्रवेश के लिए स्टूडेंट्स की संख्या में बढ़ाेतरी हाेती है। इस बढ़ाेतरी काे देखते हुए काॅलेजाें में सीटाें की संख्या भी बढ़ाई जाती है। इस बार भी सरकार व उच्च शिक्षा विभाग काे छात्र हिताें का ध्यान रखते हुए पर्याप्त मात्रा में सीटाें की संख्या बढ़ानी चाहिए। गरीब छात्राें के लिए विभाग काे विशेष प्रावधान दिया जाना चाहिए ताकि वे अपनी आगे की पढ़ाई जारी रख सकें। बच्चे प्राइवेट फाॅर्म भी भर सकते हैं।

विद्यार्थी परामर्श केंद्र के समन्वयक भूपेश शर्मा ने बताया कि इस बार सरकारी काॅलेजाें में सीटाें काे लेकर मारामारी खूब बढ़ने वाली है। सभी बोर्ड के विद्यार्थी पाठ्यक्रमों और कॉलेजों की जानकारी और चयन के लिए सीबीएसई की ओर से जारी बुकलेट की मदद ले सकते हैं।

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