पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

कोरोना के साइड इफेक्ट:60% रोगियों को मानसिक तनाव, जोड़ों के दर्द, बीपी व शुगर की समस्या, फेफड़े भी हो रहे खराब

श्रीगंगानगर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • सावधान रहें पोस्ट कोविड क्लिनिक पर पहुंच रहे हैं ठीक हुए रोगी, रिकवरी के बाद भी इम्युनिटी बनाए रखना जरूरी

कोरोना से संक्रमित होने के बाद निगेटिव होने पर भी दर्द मिल रहा है। कोरोना से रिकवर हुए 60 प्रतिशत रोगी शारीरिक कमजोरी व मानसिक तनाव से प्रभावित हैं। इसके साथ ही बदन व जोड़ों का दर्द, बीपी और शुगर भी बढ़ रहा है। उम्रदराज रोगियों के फेफड़े भी कमजाेर हो रहे हैं। जिला अस्पताल में स्थापित पोस्ट कोविड क्लिनिक पर रोजाना ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं। जो कोरोना से मुक्त होने के बाद नई तकलीफ से जूझ रहे हैं। इन रोगियों को डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, सीने में दर्द जैसी दूसरी बीमारियांे का सामना करना पड़ रहा है।

विशेषज्ञाें का मानना है कि निगेटिव होने के बाद सांस लेने में परेशानी, चक्कर आना, थकान बढ़ना, हल्का बुखार, जोड़ों में दर्द तो सामान्य है। पोस्ट कोविड का मुख्य लक्षण सांस में तकलीफ ही है। रिकवर होने के बाद फेफड़ों की बीमारी बढ़ रही है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने रिकवर हो चुके मरीजों के उपचार के लिए जिला अस्पताल के कमरा नंबर 18 में अलग से पोस्ट कोविड वार्ड तैयार किया है। निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद जिनके तकलीफ हो रही हो, उन्हें यहां परामर्श व उपचार दिया जा रहा है। यहां मेडिसिन, मनोरोग, निश्चेतन विभाग, आयुर्वेद विशेषज्ञ व ओएसटी काउंसलर की सेवाएं उपलब्ध हैं।

मानसिक तनाव... रोगी के परिवार से अलग रहने और बीमारी का खाैफ है इसकी वजह

पोस्ट कोविड क्लिनिक की ओएसटी काउंसलर मीना शर्मा के अनुसार कोरोना संक्रमण के दौरान रोगी को परिवार से अलग रहना पड़ता है। वहीं इस बीमारी के बारे में अभी तक हौव्वा है कि इसका इलाज नहीं है। इससे अकेलेपन से जूझ रहे रोगी को भय सताता है। वायरस के संक्रमण की वजह से भूख कम लगती है। खाना पीना कम हो जाता है। इससे मानसिक परेशानी के साथ साथ कमजोरी भी होने लगती है। इस स्थिति में रोगी मानसिक तनाव में आ जाता है। इन दिनों में पोस्ट कोविड क्लिनिक पर ज्यादातर रोगी इसी तरह की परेशानी के आते हैं। वे अजीब तरह के भय से ग्रस्त होते हैं। उनकी काउंसलिंग की जाती है कि वे सकारात्मक सोच रखते हुए अच्छा खानपान रखें।

सांस लेने में दिक्कत...फेफड़े खराब होने पर बार बार मरीज को होती रहती है सांस लेने में तकलीफ

जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ.पवन सैनी के अनुसार कोरोना से रिकवर होने के बाद शरीर पर दुष्प्रभाव कितना रहेगा, ये रिकवर रोगी की इम्युनिटी और उसके शरीर में रहे वायरस लोड पर निर्भर है। कोरोना वायरस मांसपेशियों, जोड़ों, फेफड़ों, लीवर सहित शरीर के अन्य अंगों को प्रभावित करता है। जो रोगी रिकवर कर चुके हैं, वे छाती में दर्द की शिकायत लेकर आ रहे हैं। यूरोप में रिकवर मरीजों को हार्ट की समस्या हुई। यहां अभी तक ऐसा कोई मरीज नहीं आया। लेकिन आशंका है कि कोरोना हार्ट की समस्या में इजाफा कर सकता है। डाॅ.सैनी के अनुसार कोरोना का सबसे ज्यादा बुरा असर फेफड़ों पर पर पड़ रहा है। इससे फेफड़े क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। इस वजह से रिकवर होने के बाद भी रोगी को सांस की तकलीफ हो रही है। ऐसे रोगियों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए।

इम्युनिटी पॉवर...अच्छा खानपान, योग सैर और प्राणायाम करने से बढ़ती है

पोस्ट कोविड क्लिनिक के डॉ. राजीव बिश्नोई के कोरोना से मुक्त होने के बाद रोगी को रोजाना सुबह के समय हल्का योग व प्राणायाम करना चाहिए। सुबह व शाम को आधे घंटे से एक घंटे तक सैर करें। खानपान में हरी सब्जियां, दूध, फल सहित अन्य पौष्टिक पदार्थ शामिल करें। सकारात्मक सोच रखते हुए अपनी पसंद के गीत, भजन सुनने व मूवी देखनी चाहिए। कोरोना से दुष्प्रभाव से प्रभावित रोगी को धूप में भी बैठना चाहिए। रोजाना सुबह शाम 3 से 5 ग्राम अश्वगंधा के चूर्ण का सेवन करने से इम्युनिटी बढ़ती है। रोगी मास्क जरूर लगाएं और कोरोना से बचाव की एडवाइजरी की पालना करें।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- दिन उत्तम व्यतीत होगा। खुद को समर्थ और ऊर्जावान महसूस करेंगे। अपने पारिवारिक दायित्वों का बखूबी निर्वहन करने में सक्षम रहेंगे। आप कुछ ऐसे कार्य भी करेंगे जिससे आपकी रचनात्मकता सामने आएगी। घर ...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser