मजदूर बनकर कर रहे ठगी:सोने के मोतियों की माला देने का झांसा देकर ठग रहे रुपए, खुद को बता रहे जैसलमेर-जालौर का निवासी

श्रीगंगानगर2 महीने पहले
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श्रीगंगनगर का एसपी ऑफिस। - Dainik Bhaskar
श्रीगंगनगर का एसपी ऑफिस।

इलाके में इन दिनों कुछ ऐसे लोग सक्रिय हो गए हैं, जो मजदूर बनकर ठगी कर रहे हैं। किसी को उन पर शक नहीं हो, इसके लिए अपना परिवार भी साथ रखते हैं। साथ में महिला और बच्चे होने से लोग आमतौर पर इन लोगों पर आसानी से विश्वास कर लेते हैं और ये लोग लाखों रुपए ठग लेते हैं।

ऐसे फंसाते हैं शिकार को जाल में
ये लोग शिकार को अपने जाल में फंसाने के लिए आमतौर पर ग्रामीण इलाकों में जाते हैं। अंदरूनी गांवों में छोटी परचून की दुकानों के मालिक इनका शिकार होते हैं। इन लोगों को ये खुद का परिचय मजदूर के रूप में देते हैं। कुछ घरेलू जरूरत की चीजें खरीदते हैं और रुपए नहीं होने की बात कहते हुए उन्हें सोने के मोती घरेलू जरूरत के सामान के बादले में देते हैं। वे दुकानदार को विश्वास दिलाते हैं कि ये शुद्ध सोने के बने हैं। उसके बदले में घर की जरूरत का समान ले जाते हैं। बाद में दुकानदार से फिर से संपर्क साधकर उन्हें अपने पास खुदाई में सोना मिलने का दावा करते हैं। वे उसे सस्ते में सोना देने का दावा करते हैं और दुकानदार को नकली सोना देकर रुपए एंठ लेते हैं।

गांव चार एचएच में हुई वारदात
इलाके में इस तरह की वारदात पिछले दिनों गांव चार एचएच में हुई। जहां ये लोग दुकानदार से सामान खरीदने आए। अपने साथ एक बच्चे को भी लाए। बच्चा साथ होने से दुकानदार को उस पर विश्वास हो गया। उसने पहले सामान देने के बदले सोने के दो मोती लिए और बाद में ठगो ने उसे सोने के मोतियों की माला देने का झांसा देकर साढ़े तीन लाख रुपए ठग लिए।

मोहनपुरा में पकड़े गए ठग
वहीं गांव मोहनपुरा में ठग पकड़े गए। वहां भी इन लोगों ने ऐसा ही जाल बिछाया। वहां ये लोग एक महिला को साथ लेकर गए। दुकानदार नरोतम शर्मा को इन लोगों ने सस्ता सोना देने का वायदा किया । दुकानदार इन लोगों की चाल समझ गया। उसने ने इन्हें मिर्जेवाला फाटक के पास बुलवाया। वहां पहुंचने से पहले पुलिस काे सूचना दी। पुलिस पहुचते ही उसने दो ठगों को पकड़वा दिया।

रहना होगा सावधान
इस मामले में एसपी आनंद शर्मा का कहना है कि ऐसे कुछ मामले सामने आए हैं। हालांकि इन्हें संगठित गिरोह तो नहीं कह सकते लेकिन ये लोग ऐसी वारदातें कर रहे हैं। ये लोग खुद को जालौर और जैसलमेर का बताते हैं लेकिन असल में ऐसे मामले पहले अलवर आदि इलाकों में सामने आते रहे हैं। वहां के लोग ये चालबाजी समझ गए हैं, इसलिए अब ये लोग श्रीगंगानगर के लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसी ठगी से सावधान रहकर ही बचा जा सकता है। आम आदमी सजग रहे और ऐसे लोगों के झांसे में नहीं आएं।