बाल संप्रेषण गृह मामला / आरोपियों ने दीवार में छेद निकाला, भागने का प्रयास किया पकड़ने पर दी धमकी-शिकायत की तो कर लेंगे आत्महत्या

Accused pulled out a hole in the wall, attempted to flee, threatened if caught, they would commit suicide
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Accused pulled out a hole in the wall, attempted to flee, threatened if caught, they would commit suicide

  • दुष्कर्म जैसे मामले में किए निरुद्ध, उम्र 18 से ऊपर लेकिन जेल में शिफ्ट नहीं किए
  • दीवार में छेद निकालकर अखबार लगाकर और आगे कूलर रखकर छुपाया

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 07:53 AM IST

श्रीगंगानगर. बाल संप्रेषण गृह में हत्या और दुष्कर्म जैसे संगीन अपराध के आराेप में बंद तीन युवकाें ने दीवार में छेद निकालकर भागने का प्रयास किया। पकड़े गए ताे अधीक्षक काे धमकी दी कि अगर शिकायत की ताे वे तीनाें उन पर तंग परेशान करने के आराेप लगा सुसाइड नाेट लिखकर जान दे देंगे। पूरे मामले काे लेकर अधीक्षक की रिपाेर्ट पर पुरानी आबादी पुलिस ने 9 दिन बाद मुकदमा दर्ज किया है।

आराेपी युवक जब संप्रेषण गृह में निरुद्ध करवाए गए थे तब नाबालिग थे लेकिन अब तीनाें की आयु 18 साल से अधिक हाे चुकी है। इसलिए इन तीनाें काे  विधि के विरुद्ध संघर्षरत किशाेरों से अलग बैरक में रखा गया है। पुरानी आबादी पुलिस ने साेमवार काे मुकदमा दर्ज किया और मंगलवार काे घटनास्थल का माैका निरीक्षण भी किया है। आराेपियाें के संप्रेषण गृह में आने और आयु संबंधी रिकाॅर्ड भी लिया गया है।

संप्रेषण गृह अधीक्षक अंकिता गर्ग ने रिपाेर्ट में बताया है कि संप्रेषण गृह में बंद तीन युवकाें ने  बैरक की दीवार में नुकीली पाइप से इंटें उखाड़कर छेद निकाल लिया। इस छेद से तीनाें भागने की तैयारी में थे कि संदेह पर निरीक्षण के दाैरान दीवार में छेद का पता चल गया। इस पर पुलिस काे परिवाद दिया गया। पुलिस ने तीनाें आराेपियाें पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दीवार में निकाले छेद काे अखबार लगाकर और आगे कूलर रख कर छुपाया
जिन तीनाें आराेपियाें ने भागने का प्रयास किया उनमें से दाे आराेपी हत्या और एक किशाेरी से दुष्कर्म जैसे संगीन आराेप में बंद हैं। बाल संप्रेषण गृह की अधीक्षक ने अपने परिवाद में बताया है कि आराेपियाें ने नुकीली पाइप से संप्रेषण गृह की दीवार में छेद निकाल लिया।

ये लाेग रात काे भागने ही वाले थे कि उससे पहले दिन में एक अन्य आराेपी काे इनके कमरे में रहने काे भेजा गया। उसे छाेड़ने गए तब आराेपियाें द्वारा दीवार में निकाले गए छेद का पता चला। आराेपियाें ने दीवार में छेद निकालकर अखबार लगाकर तथा आगे कूलर रखकर छुपा रखा था।

संदेह हाेने पर निरीक्षण किया ताे दीवार में छेद देखकर अधिकारी भाैंचक्के रह गए। इस पर तीनाें काे दूसरे कक्ष में रहने काे भेजा गया। आराेपियाें ने अधीक्षक काे धमकाया कि अगर इस प्रकरण की शिकायत की ताे वे तीनाें अधीक्षक पर तंग परेशान करने के आराेप लगाकर सुसाइड नाेट लिखकर जान दे देंगे।

आदेश नहीं हाेने से नहीं भिजवाया केंद्रीय कारागृह

पुलिस ने आराेपियाें का रिकाॅर्ड लिया है। इसमें हनुमानगढ़ से यहां 13 दिसंबर 2019 काे भेजे गए किशाेर की जन्मतिथि 09 सितंबर 2001 है। वह अब 18 साल 9 माह और 21 दिन का हाे चुका है। उस पर किशाेरी के अपहरण और दुष्कर्म के आराेप हैं।

दूसरा आराेपी 30 नवंबर 2019 काे दाखिल किया गया। उसकी जन्मतिथि 21 जून 2001 है। वह अब 19 साल का हाे चुका है। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, कुकर्म और मारपीट के आराेप हैं। तीसरा आराेपी 12 सितंबर 2019 काे दाखिल करवाया गया।

उसकी जन्मतिथि 16 अप्रैल 2002 है। वह 18 साल दाे माह का हाे चुका है। उस पर हत्या का आराेप है। जन्म तिथि के अनुसार तीनाें बालिग हाे चुके हैं। इसलिए इनकाे तत्काल ही कानूनी प्रक्रिया अपनाकर केंद्रीय कारागृह में भिजवाया जाना था लेकिन अभी तक आदेश नहीं हुए हैं।
एक्सपर्ट व्यू ,एडवाेकेट आशीष व्यास,श्रीगंगानगर
 अगर एफआईआर में आराेप सेशन ट्रायल हैं ताे बालिग हाेते ही आराेपियाें काे जेल शिफ्ट किए जाने का प्रावधान है। ऐसे मामलाें की निगरानी के लिए न्यायिक अधिकारियाें के तीन सदस्याें की कमेटी बनी हुई है। कमेटी की जिम्मेदारी बनती है कि वह विधि के विरुद्ध संघर्षरत किशाेर पर दर्ज मुकदमे और जुर्म की गंभीरता तथा सजा के प्रावधानाें के आधार पर यह निर्णय करें कि उनकाे जमानत दी जानी है या केंद्रीय कारागृह भिजवाया जाना है।

गंभीर आपराधिक प्रकृति जिसमें 10 साल से अधिक सजा के अपराध के आराेप हाें, ऐसे मामले जाे सेशन काेर्ट में विचारणीय हाें,उनमें जमानत का प्रावधान नहीं है। ऐसे मामलाें में बालिग हुए आराेपियाें काे तुरंत केंद्रीय जेल में न्यायिक अभिरक्षा में भिजवाए जाने का प्रावधान है।

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