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प्रशासन-किसान आमने-सामने:प्रशासन; कोरोना का संक्रमण बढ़ सकता है, 8 सितंबर का घेराव टाल दें किसान; सीएम विधायकों संग बैठक कर सकते हैं, हम प्रदर्शन क्यों नहीं?

श्रीगंगानगरएक महीने पहले
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  • अधिकारियों की किसान संगठनों से वार्ता विफल, कल फिर होगी

श्रीगंगानगर व रायसिंहनगर में धरने के बाद किसान संगठन किसानों की 10 सूत्री मांगपत्र के समर्थन में 8 सितंबर को कलेक्ट्रेट के घेराव पर अडिग हैं। घेराव के लिए की जा रही तैयारियों के न रुकने पर शनिवार को अवकाश के दिन प्रशासन व पुलिस ने किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुलाकर घेराव वापस लेने का आह्वान किया।

जिसे किसान संगठनों ने अस्वीकार करते हुए कहा कि अगर दो दिनों में सभी मांगों पर कार्रवाई नहीं होगी तो 8 सितंबर को कलेक्ट्रेट का पूरी तैयारियों के साथ घेराव किया जाएगा। वार्ता के दौरान एडीएम सतर्कता अरविंद जाखड़, एएसपी सहीराम बिश्नोई और डीएसपी विक्की नागपाल ने किसान प्रतिनिधियों से कहा कि कोरोना का संक्रमण चल रहा है। प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी भी इससे संक्रमित हो चुके हैं। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए किसानों को एक बार घेराव नहीं करना चाहिए। प्रशासनिक स्तर पर उनकी समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा।

किसान प्रतिनिधियों ने घेराव स्थगित करने का दो टूक जवाब देते हुए कहा कि कोरोना में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार बचाने के लिए 100 विधायक लेकर बैठक कर सकते हैं और कांग्रेस को जिला प्रशासन कलेक्ट्रेट के समक्ष प्रदर्शन की स्वीकृति दी जा सकती है तो किसानों के घेराव से क्याें दिक्कत है।

किसानों ने अफसरों से दो टूक कहा- कांग्रेस को आप प्रदर्शन की अनुमति दे सकते हैं तो हमारे घेराव से क्या परेशानी

करीब पौने घंटे तक चली वार्ता में गतिराेध ही बना रहा। अधिकारियों ने कहा कि वे किसानों के फीडबैक पर साेमवार को जिला कलेक्टर से बैठक कर सभी मांगों पर चर्चा करेंगे। मांगों को पूरा करने पर विचार-विमर्श कर उन पर कार्रवाई करने का प्रयास किया जाएगा। जो मुद्दा जिला प्रशासन स्तर का है उसका तुरंत ही समाधान कर दिया जाएगा।

जिस समस्या का यहां समाधान नहीं हो सकता, उसकी रिपोर्ट बनाकर राज्य सरकार को भेजी जाएगी। किसान प्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई कि श्रीगंगानगर में गंगनहर के एसई कार्यालय समक्ष ग्रामीण किसान मजदूर समिति और रायसिंहनगर में एसडीएम कार्यालय के समक्ष अखिल भारतीय किसान सभा ने लगातार धरने लगाए। फिर भी उनकी मांगों को अनसुना किया।

दो सितंबर को प्रेस कांफ्रेंस कर मीडिया के माध्यम से अपनी मांगों को रखा, इसके बाद भी नजरअंदाज किया गया। किसानों के पास घेराव के सिवाय कोई चारा नहीं था। इसी वजह से अब घेराव करना पड़ रहा है।

वार्ता में प्रशासन की ओर से एडीएम अरविंद जाखड़, एएसपी सहीराम बिश्नोई, डीएसपी विक्की नागपाल, अखिल भारतीय किसान सभा के केंद्रीय काउंसिल के सदस्य श्योपतराम मेघवाल, जिला अध्यक्ष कालूराम थोरी, जीकेएस संयोजक रणजीत सिंह राजू, प्रवक्ता संतवीर सिंह मोहनपुरा, बार संघ के अध्यक्ष एडवोकेट विजय रेवाड़, संघर्ष समिति के संयोजक राकेश बिश्नोई, अमरसिंह बिश्नोई एवं जसराम बुगालिया आदि शामिल थे।

ये हैं मांगें; मूंग व नरमा की खरीद की जाए, फिरोजपुर फीडर की डीपीआर बनाएं, गंगनहर में अंतिम छोर तक पानी पहुंचाएं

किसान आंदोलन का आगाज ग्रामीण किसान मजदूर समिति, अखिल भारतीय किसान सभा, किसान संघर्ष समिति व टिब्बा क्षेत्र संघर्ष समिति कर रही है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से पारित तीनों अध्यादेश रद्द करने, मूंग व नरमे की फसल समर्थन मूल्य पर खरीद करने, गंगनहर का हाइड्रोलिक सर्वे करवाकर अंतिम छोर तक पूरा पानी पहुंचाने, पुरानी बीकानेर कैनाल के सफाई करने, फिरोजपुर फीडर के पुनर्निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने

घग्घर नदी में पानी बहाव 5 हजार क्यूसेक करने और केंद्रीय फार्म में लगाए अवैध बंधे हटाने, भाखड़ा नहर को हिस्से का पूरा पानी देने, सीसीआई की खरीद सभी मंडियों में करने, बिजली के बढ़े बिल वापस लेने और डीटीओ कार्यालय चूनावढ़ कोठी स्थानांतरित करने की मांग की जा रही है।

किसान सभा के जिलाध्यक्ष कालू थोरी के अनुसार अगर प्रशासन ने मांगों पर कार्रवाई करते हुए किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो 8 सितंबर को फिजिकल डिस्टेंसिंग व कोरोना से बचाव की गाइड लाइन की पालना करते हुए कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा। घेराव में जिलेभर के किसान शामिल होंगे। इसके लिए गांवों में बैठकें कर किसानों का लामबंद किया जा रहा है।

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