यूरिया की किल्लत से किसान परेशान:डीएपी के बाद अब यूरिया के लिए किसान लगा रहे कतारें, पूरे सीजन की मांग 1.26 लाख एमटी व अब तक मिली 35 हजार एमटी

श्रीगंगानगर2 महीने पहले
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जिले में गत माह सरसाें बुवाई के लिए डीएपी के बाद अब गेहूं के बुवाई सीजन में यूरिया की किल्लत से किसान परेशान हैं। यूरिया प्राप्त करने के लिए किसान उर्वरक विक्रेताओं की दुकानाें के आगे कतारें लगा रहे हैं तथा टाेकन के आधार पर किसानाें काे पांच-पांच थैले यूरिया दी जा रही है। जिले में पूरे सीजन के लिए 1.26 लाख एमएटी यूरिया की आवश्यकता है, लेकिन अब तक 35 हजार एमटी ही यूरिया की आपूर्ति हुई है। कृषि विभाग के अधिकारियाें का कहना है कि यूरिया की आपूर्ति नियमित रूप से जारी है, किसान अनावश्यक भंडारण नहीं करें ताकि काल्पनिक किल्लत नहीं हाे।

जिले में गत माह सरसाें बुवाई के समय डीएपी किल्लत से परेशानी झेलने के बाद अब गेहूं बुवाई के समय यूरिया की किल्लत से परेशान हैं। अनूपगढ़, घड़साना, रावला, रामसिंहपुर व विजयनगर क्षेत्र में किसानाें काे गेहूं बुवाई के लिए पर्याप्त यूरिया नहीं मिल रही है। टाेकन के आधार पर यहां किसानाें काे पांच-पांच थैले यूरिया दी जा रही है तथा यह यूरिया भी हासिल करने के लिए उर्वरक विक्रेताओं की दुकानाें के आगे किसानाें काे घंटाें लंबी कतारें लगानी पड़ रही हैं। वहीं, कृषि विभाग के अधिकारियाें का कहना है कि किसान अनावश्यक यूरिया का भंडारण नहीं करें, आपूर्ति नियमित रूप से हाे रही है। गुरुवार काे अनूपगढ़ में यूरिया का 25 साै एमटी का रैक लगेगा। इसके बाद आगामी दाे-तीन दिनाें में सूरतगढ़ व श्रीगंगानगर में भी यूरिया का एक-एक रैक आएगा।

कृषि विभाग के अधिकारियाें ने बताया कि जिले में अब तक 35 हजार एमटी यूरिया की आपूर्ति हुई है। आईजीएनपी में सिंचाई पानी उपलब्ध हाेने के साथ ही किसान गेहूं की बुवाई कर रहे हैं। इस कारण इस क्षेत्र में यूरिया की बिक्री बढ़ी है। इससे वहां काल्पनिक किल्लत है। श्रीगंगानगर व अन्य तहसील क्षेत्र में यूरिया उरवर्क विक्रेताओं के पास उपलब्ध है। जिले में 3.05 लाख हैक्टेयर में सरसाें की बुवाई हुई है। तथा खड़ी सरसाें में प्रथम सिंचाई के समय 18 से 20 किलाे यूरिया प्रति बीघा देने की जरूरत है। जिले में गेहूं की बुवाई का लक्ष्य ढाई लाख हैक्टेयर है। अब तक 90 हजार हैक्टेयर में बुवाई हाे भी चुकी है। गेहूं में बुवाई के समय प्रति बीघा 25 किलाे यूरिया की जरूरत हाेती है। इसके बाद प्रथम सिंचाई के समय यूरिया की आवश्यकता हाेती है।

जिले में नियमित रूप से यूरिया के रैक आ रहे हैं। गुरुवार काे भी अनूपगढ़ में यूरिया का एक रैक पहुंचेगा। इसके बाद दाे तीन दिन में सूरतगढ़ व श्रीगंगानगर में एक-एक रैक यूरिया अाएगी। किसान अनावश्यक भंडारण नहीं करें ताकि काल्पनिक किल्लत नहीं हाे। जीआर मटाेरिया, संयुक्त निदेशक कृषि, श्रीगंगानगर।

सूरतगढ़ में आए 2200 बैग यूरिया, मिले 3-3 बैग

क्षेत्र में यूरिया की किल्लत के चलते बुधवार को 2200 बैग यूरिया आया। इनमें प्रत्येक किसानों को 3-3 बैग बांटे गए। सहायक कृषि अधिकारी सतपाल शर्मा ने बताया कि रांका ट्रेडिंग कंपनी को 1100, श्रीराम ट्रेडिंग कंपनी व श्याम ट्रेडिंग कंपनी को 220-220 बैग यूरिया दिया गया था। उन्होंने बताया कि गुरुवार को यूरिया का रैक आएगा जो ग्रामीण क्षेत्र की ग्राम सहकारी समितियों को भेजा जाएगा। यूरिया की आपूर्ति 4-5 दिन तक लगातार होगी। किसानों ने बताया कि रबी फसलों में सिंचाई पानी के साथ यूरिया डाला जाता है। ऐसे में यूरिया की आवश्यकता है। किसानों को कम मात्रा में यूरिया दिया जा रहा है, जो अपर्याप्त है।

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