घड़साना किसान आंदोलन स्थगित:किसानों और प्रशासन में हुआ समझौता, 27 अक्टूबर के बाद तीन में से एक ग्रुप नहर चलाने पर बनी सहमति, किसानों ने  हटाया महापड़ाव

श्रीगंगानगर (घड़साना )2 महीने पहले

जिले के घड़साना में पिछले करीब दस दिन से चल रहा किसान आंदोलन आखिर बुधवार देर रात किसान प्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच वार्ता के बाद स्थगित कर दिया गया। इसके आसार बुधवार सुबह से ही नजर आ रहे थे। इसके चलते बुधवार को किसानों की सभा में पहले के दिनों जितनी आक्रामकता नजर नहीं आ रही थी। वहीं बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों को भी एसडीएम ऑफिस से बाहर निकलने की छूट दी जाने लगी थी। एसडीएम ऑफिस के तीन नंबर गेट से बुधवार को पुलिसकर्मियों की आवाजाही नजर आने के बाद किसान आंदोलन में समझौते की उम्मीद की जाने लगी थी। इसी के तहत प्रशासन के अधिकारियों ने किसानों के प्रतिनिधियों को बुलाया। देर रात दो दौर की वार्ता के बाद आखिर किसान 27 अक्टूबर के बाद तीन में से एक ग्रुप पानी चलाने पर सहमत हुए।

अधिकारियों ने दिया आश्वासन

अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि किसानों की मांग दस अक्टूबर के बाद अनूपगढ़ शाखा और पूगल ब्रांच एक साथ खोलने की है। दस अक्टूबर को अतिरिक्त पानी के लिए बीबीएमबी को प्रस्ताव भेजा जा चुका है।अगर वहां स्वीकृति के बाद अतिरिक्त पानी छोड़ दिया गया तो दस अक्टूबर को ही दोनों नहर एक साथ खोल दी जाएगी। अगर ऐसा नहीं होता है तो यह रोटेशन 27 अक्टूबर तक चलाना पड़ेगा। इसके बाद तीन में एक ग्रुप के हिसाब से नहर चलाकर दिसम्बर तक का रेगुलेशन बनाया जाएगा। जिसके हिसाब से चार बारी सिंचाई पानी मिल जाएगा।

दिसम्बर या जनवरी में होगी समीक्षा

इसके बाद दिसंबर के अंतिम सप्ताह या जनवरी प्रथम सप्ताह में डेम में पानी की आवक के हिसाब से दोबारा समीक्षा होगी। पानी उपलब्धता के हिसाब से पांचवीं सिंचाई बारी निश्चित रूप से मिल जाएगी। चीफ इंजीनियर ने तो कहा कि, अगर डेम में पानी की आवक अच्छी रही तो छठी बारी भी दी जाएगी। प्रशासन ने किसानों को यह समझौता लिखित में दिया है।

किसान नेता बोले बड़ी जीत
समझौते के बाद किसान नेताओं ने कहा कि यह किसानों की बड़ी जीत है। चार में से एक ग्रुप के हिसाब से घोषित रेगुलेशन को नकार कर तीन में से एक ग्रुप के हिसाब से रबी फसल को पकाव तक सिंचाई पानी मिलेगा। जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह से ही प्रशासन का रवैया सकारात्मक दिखाई दिया। प्रशासन ने किसान नेताओं को मंगलवार को दिए गए प्रस्ताव के अनुरूप वार्ता के लिए बुधवार सुबह बुलाया था। इस पर किसानों ने ट्रैक्टर से उपखंड कार्यालय के घेराव का कार्यक्रम स्थगित कर दिया।

इस बात पर बनी सहमति
बीएसएफ कैंपस में हुई प्रशासन और किसानों की वार्ता में संभागीय आयुक्त ने चीफ इंजीनियर को किसानों के प्रस्ताव के अनुसार अपनी बात रखने को कहा। इस पर चीफ इंजीनियर ने कहा कि वर्तमान में चल रहे रेगुलेशन में किसानों की मांग दस अक्टूबर को अनूपगढ़ शाखा तथा पूगल ब्रांच एक साथ खोलने की है। उन्होंने कहा कि दस अक्टूबर को अतिरिक्त पानी के लिए बीबीएमबी को प्रस्ताव भेजा जा चुका है।अगर वहां स्वीकृति के बाद अतिरिक्त पानी छोड़ दिया गया तो दस अक्टूबर को ही दोनों नहर एक साथ खोल दी जाएगी। अगर ऐसा नहीं होता है तो यह रोटेशन 27 अक्टूबर तक चलाना पड़ेगा।
लेकिन इसके बाद तीन में से एक ग्रुप के हिसाब से नहरें चलाकर दिसम्बर तक का रेगुलेशन बनाया जाएगा। जिसके हिसाब से चार बारी सिंचाई पानी मिल जाएगा।
इसके बाद दिसंबर के अंतिम सप्ताह या जनवरी प्रथम सप्ताह में डेम में पानी की आवक के हिसाब से दोबारा समीक्षा होगी। तथा पानी उपलब्धता के हिसाब से पांचवीं सिंचाई बारी निश्चित रूप से मिल जाएगी। चीफ इंजीनियर ने कहा कि, अगर डेम में पानी की आवक अच्छी रही तो छठी बारी भी दी जाएगी।

खबरें और भी हैं...