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  • Brother Pinderpal Said That Due To Political Reasons, Drug Addiction Is Increasing Among The Youth, Youth Are The Present Of The Country, So The Bridge Of Past And Future

युवा शक्ति देश और समाज की रीढ़:भाई पिन्दरपाल बोले राजनीतिक कारणों से युवाओं में बढ़ रहा है नशा, युवा देश का वर्तमान हैं तो भूतकाल और भविष्य के सेतु भी

श्रीगंगानगर2 महीने पहले
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  • गुरुद्वारा धन धन बाबा दीपसिंहजी शहीद में महान कीर्तन दरबार के बाद विश्व प्रसिद्ध कथावाचक से बातचीत

युवा शक्ति देश और समाज की रीढ़ होती है। युवा देश और समाज को नए शिखर पर ले जाते हैं। युवा देश का वर्तमान हैं तो भूतकाल और भविष्य के सेतु भी हैं। लेकिन देशभर में जल्दी रुपए कमाने और राजनीतिक कारणाें से युवाओं में नशा लगातार बढ़ता चला जा रहा है। इसके बाद हाेने वाले अपराधाें में भी बढ़ाेतरी हाे रही है।

यह बात गुरुद्वारा धन धन बाबा दीपसिंहजी शहीद में श्री गुरुतेग बहादुर साहिब के 400 साला प्रकाश पर्व को समर्पित महान कीर्तन दरबार के बाद बुधवार सुबह भास्कर संवाददाता से बातचीत के दाैरान कथावाचक भाई पिन्दरपाल सिंह ने कही। पिन्दरपाल सिंह मूलत हरियाणा स्थित करनाल के रहने वाले हैं और वर्तमान में लुधियाना में रह रहे हैं। प्रस्तुत है भाई पिन्दरपाल सिंह से बातचीत के अंश...

बता दें कि भाई पिन्दरपाल सिंह 15 से ज्यादा देशाें की यात्रा कर हजाराें बार कथा का वाचन कर चुके हैं। इसमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, मलेशिया, कनाडा सहित कई देश शामिल हैं।

Q. कथा के माध्यम से आपने सिख धर्म का प्रचार-प्रसार करना कब शुरू किया?
a. गुरु ग्रंथ साहिब के अंदर जाते हैं तब पता चलता है कि इसमें ईश्वर की नाम-भक्ति, मानवीय समता, सर्वधर्म समभाव, आर्थिक समानता, राजनीतिक अधिकारों आदि से संबंधित चिंतन है। स्वतंत्र, भेदभाव-मुक्त समता परक समाज किस प्रकार सृजित किया जा सकता है, इसकी पूरी रूपरेखा गुरु ग्रंथ साहिब में मौजूद है। 1990 में कथा करनी शुरू की थी।

Q. सिख गुरुओं की शिक्षाओं काे युवाओं से रू-ब-रू करवाने के लिए आप किस तरह से प्रचार प्रसार कर रहे हैं?
a. गुरुओं की ओर से दिए गए बलिदानाें काे कभी भुलाया नहीं जा सकता। देश ही नहीं बल्कि विदेशाें में जाकर ज्यादा से ज्यादा कथाओं के जरिए सिखाें के गुरुओं उनके बलिदानाें से रू-ब-रू करवा रहे हैं। इसका फायदा यह मिल रहा है कि अब युवा भी अन्याें काे गुरुओं की शिक्षा के बारे में बता रहे हैं।

Q. युवा पीढ़ी नशे व अपराध की तरफ जा रही है, ऐसे में सभी समाज क्या प्रयास करें ताकि ये प्रवृत्ति नहीं बढ़े?
a. नशा व्यक्ति का नाश करता है, चाहे वह किसी भी चीज का हो। नशे की लत पर लगाम तभी लग सकती है, जब व्यक्ति अपने आप पर विश्वास करे और यह ठान ले कि वह आज के बाद कभी किसी प्रकार का नशा नहीं करेगा। युवाओं में तेजी से रुपए कमाने की ललक और राजनीतिक कारणाें से भी नशे व अपराध में बेतहाशा बढ़ाेतरी हुई है।

Q. 1984 के सिख विराेधी दंगाें के बाद सिखाें में किस तरह का बदलाव आया है?
a. देश के सामाजिक ताने बाने को हमेशा के लिए बदल कर रख देने वाले 1984 के सिख विरोधी दंगो की याद आज भी रौंगटे खड़ी कर देती है। इस पीड़ा काे शब्दाें में बयां नहीं किया जा सकता है। 33 साल तक इन दंगाें के आराेपियाें के खिलाफ काेई कार्रवाई नहीं की गई थी जाे सबसे बड़ी उदासीनता काे दर्शाता है।

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