कोरोना वार्ड खाली हुआ तो रख दिए डेंगू रोगी:बिल्डिंग एमसीएचयू की, कोरोना काल में कोविड रोगियों के लिए उपयोग हुई, अब रखे जा रहे हैं डेंगू रोगी

श्रीगंगानगर6 दिन पहले
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श्रीगंगानगर के सरकारी अस्पताल में कोविड वार्ड में रखे डेंगू रोगी। - Dainik Bhaskar
श्रीगंगानगर के सरकारी अस्पताल में कोविड वार्ड में रखे डेंगू रोगी।

शहर के सरकारी अस्पताल में करीब दो ढाई वर्ष पहले मदर चाइल्ड हेल्थ केयर यूनिट के एक्सपेंशन के लिए बनी नई बिल्डिंग कोरोना काल में कोविड के लिए काम ले ली गई लेकिन अब कोविड के बाद भी इसमें अन्य रोगी रखे जा रहे हैं। अब इस बिल्डिंग में डेंगू के रोगियों को रखा जा रहा है जबकि कोविड के बाद इसे फिर से मदर चाइल्ड हेल्थ केयर यूनिट यानी एमसीएचयू के लिए ही उपयोग होना चाहिए था। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि सरकार की ओर से कोविड के लिए कोई अलग वार्ड नहीं रखने के निर्देश नहीं है, ऐसे में अब तक एमसीएचयू की नई बिल्डिंग को कोविड में ही उपयोग किया जा रहा है।

कोविड बिल्डिंग में डेंगू रोगी
पिछले लंबे समय से इलाके में एक भी कोविड रोगी सामने नहीं आया है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन ने कुछ समय तक तो इस कोविड वार्ड को बंद रखा लेकिन इसके बाद इसी बिल्डिंग में डेंगू रोगी रखने शुरू कर दिए गए। अभी भी इस वार्ड में करीब पच्चीस डेंगू रोगी रखे हुए हैं। इन रोगियों के लिए बिल्डिंग का एक हिस्सा निर्धारित कर दिया गया है। जबकि अन्य हिस्से में कुछ बैड अब भी कोविड के लिए रखे गए हैं।

एमसीएचयू का किया जाना था एक्सपेंशन
असल में वर्ष 2020 की शुरुआत तक इस नई बिल्डिंग में एमसीएचयू का एक्सपेंशन ही किया जाना था। मदर चाइल्ड हेल्थ केयर यूनिट में प्रसूताओं के लिए स्थान की कमी को देखते हुए इसे बढ़ाने के प्रयास किए गए। इसके लिए इस बिल्डिंग को पूरी तरह तैयार भी कर लिया गया। एक्सपेंशन का काम चल ही रहा था। इसी दौरान कोविड की शुरुआत होने पर अलग भवन की जरूरत हुई और मुख्य भवन से अलग कोविड रोगियों को रखने के लिए इस भवन का उपयोग कर लिया गया लेकिन अब कोरोना रोगी नहीं आने के बाद भी इसे एमसीएचयू के रूप में स्थापित करने के लिए कोई निर्देश जारी नहीं हुआ।

सरकार के निर्देश का इंतजार
इस बारे में सरकारी अस्पताल के पीएमओ डॉ.बलदेव सिंह का कहना है कि जगह पर कोविड वार्ड शुरू किया गया है, वह असल में एमसीएचयू की ही बिल्डिंग है। सरकार की ओर से अब तक हॉस्पिटल्स में कोविड के लिए अलग वार्ड नहीं रखने के निर्देश नहीं आए हैं। ऐसे में अब भी इस वार्ड को अलग रखा गया है। कोरोना रोगियों की संख्या घटने के कारण इसमें डेंगू रोगी रखे गए हैं।