रायसिंहनगर में घोटाला:सीबीईओ की मुहर लगा कर्मियों के ~5.60 लाख बाबू ने पत्नी व बेटे के बैंक खाते में डलवाए, केस

श्रीगंगानगरएक महीने पहले
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  • आरोपी वरिष्ठ सहायक सोहन सिंह, उसकी पत्नी सहित 4 पर मुकदमा

श्रीगंगानगर के शिक्षा विभाग में 37.38 कराेड़ रुपए महाघाेटाले का अभी तक पूरी तरह से निपटारा हुआ नहीं कि अब रायसिंहनगर के मुख्य ब्लाॅक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पीएल भुगतान के मामले में भी विभिन्न मदों की राशि में घोटाला करने का बड़ा मामला उजागर हुआ है। इसी कार्यालय के एक बाबू की ओर से 560378 रुपए की राशि की गड़बड़ी करने का मामला विशेष ऑडिट में पकड़ में आया है। यह विशेष ऑडिट निदेशालय की ओर से भेजी गई टीम ने पूरी की थी।

इस संबंध में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी दुलीचंद शर्मा ने मंगलवार को घोटाला करने के आरोपी वरिष्ठ सहायक सोहन सिंह, उसकी पत्नी, पुत्र व एक सहायक कर्मचारी के विरुद्ध धोखाधड़ी व गबन की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करवाया है। घोटाला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। शिक्षा विभाग के अधिकारियाें ने बताया कि विशेष ऑडिट जांच में लाखाें रुपए के गबन का और खुलासा हाे सकता है।

ऑडिट में हुआ खुलासा : सीबीईओ कार्यालय में इस तरह पकड़ में आया गबन

पुलिस में दर्ज करवाई रिपोर्ट में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि ऑडिट सहायक लेखा अधिकारी व उनकी टीम की ओर से अप्रैल 2001 से मार्च 2020 तक की मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की विशेष ऑडिट की गई। इसमें जून 2013, मार्च 2017 व मई 2017 ने कार्यालय के वरिष्ठ सहायक सोहन सिंह की ओर से विभिन्न मदों में षड्यंत्र कर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी की मुहर का दुरुपयोग कर कर्मचारियों, अध्यापकों के विभिन्न प्रकार के भुगतान की राशि को अपने नाम तथा पत्नी सुरजीत कौर, पुत्र मनिंदर सिंह व सहायक कर्मचारी बनवारी लाल के खातों में कूट रचित दस्तावेजों से जमा करवाकर गबन कर लिया। रिपोर्ट में बताया गया है कि सोहन सिंह वरिष्ठ सहायक के पास मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में विभिन्न मदों के बिल बनाने का काम था, जिसमें उन्होंने दुरुपयोग करते हुए राशि का गबन किया है। ऑडिट द्वारा गबन पकड़ने के बाद प्रारंभिक शिक्षा, मुख्य लेखा अधिकारी के निर्देशों एवं जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देशों के बाद पुलिस में मामला दर्ज करवाया गया है।

रायसिंहनगर के सीबीईओ कार्यालय में बाबू की ओर से लाखाें रुपयाें की गड़बड़ी का विशेष ऑडिट में खुलासा हुआ है। निदेशालय से विशेष ऑडिट की टीम रायसिंहनगर स्थित शिक्षा विभाग के इस कार्यालय में आई हुई थी। टीम ने जांच करने के बाद बीकानेर निदेशालय काे यह रिपाेर्ट साैंपी है। इस रिपाेर्ट में लाखाें रुपयाें की गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। जिसने भी गबन किया है उसे बख्शा नहीं जाएगा। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। श्रीगंगानगर सीबीईओ कार्यालय के गबन की जांच भी जारी है। हंसराज यादव, कार्यवाहक सीडीईओ, शिक्षा विभाग, श्रीगंगानगर

रायसिंहनगर स्थित सीबीईओ कार्यालय में हुई गड़बड़ी की मेरे पास अभी तक काेई रिपाेर्ट नहीं आई है। रिपाेर्ट आने के बाद ही मामले की जांच कर आराेपी के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। इसके अलावा श्रीगंगानगर में 37.38 कराेड़ रुपए के गबन सहित प्रदेशभर के जिलाें में शिक्षा विभाग के कार्यालयाें में हुई गड़बड़ी की भी जांच करवाई जाएगी। कानाराम, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, बीकानेर।

अभी तक ठंडे बस्ते में है 2019 के 37.38 कराेड़ रुपए के गबन की जांच

बता दें कि 2019 के 37.38 कराेड़ रुपए के गबन की जांच भी ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है। आराेपी ओमप्रकाश काे एपीओ करके उसका मुख्यालय राउमावि मल्टीपर्पज किया हुआ है। आराेपी यहीं राेजाना अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहा है। इसकी उपस्थिति की जिम्मेदारी प्रधानाचार्य की तय की गई हुई है। जानकारी के अनुसार फर्स्ट टर्म की ऑडिट पूरी हाे चुकी है। सेकंड टर्म के तहत रिकवरी के लिए संबंधिताें काे पत्र लिखा जा चुका है। अब देखना यह है कि इस मामले में और कितने रुपयाें के गबन का खुलासा हाेता है।

इस महाघाेटाले के तहत खुलासा हुआ था कि घाेटाला 2015 में शुरू हुआ था और 2019 तक मुख्य आराेपी पीटीआई ओमप्रकाश शर्मा ने 24 लाेगाें के नाम से 515 बैंक खाते खुलवाकर उसमें 37.38 कराेड़ रुपए ट्रांसफर किए थे। इस मामले में बड़ी बात यह रही थी कि ये सभी 24 लाेग आराेपी ओमप्रकाश शर्मा के भाई, साढू, साले, साली, दाेस्त, ड्राइवर व अन्य परिचित ही थे। इस मामले में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर के पूर्व डायरेक्टर साैरभ स्वामी ने पूर्व ज्वाइंट डायरेक्टर देवलता काे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर ऑर्डर जारी करने पर चार्जशीट साैंपी थी।

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