नवाचार:सीबीएसई ने खुद को पेपरलेस बनाने के लिए शुरू की ब्लॉकचेन नामक तकनीक, छात्रों का डेटा सुरक्षित रहेगा

श्रीगंगानगर2 महीने पहले
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  • अब सीबीएसई के परिणाम में किसी प्रकार की छेड़छाड़ करना संभव नहीं हो पाएगा

सीबीएसई स्कूलाें में पढ़ने वाले बच्चाें के लिए अच्छी खबर है। अब सीबीएसई के परिणाम में छेड़छाड़ करना संभव नहीं होगा। क्योंकि सीबीएसई ने खुद को पेपरलेस बनाने के लिए ब्लॉकचेन नामक तकनीक की शुरुआत कर दी है। सूत्राें के अनुसार सीबीएसई के सूचना और प्रौद्योगिकी निदेशक अंतरिक्ष जौहरी ने कहा है कि सीबीएसई ने ब्लॉकचेन कार्यान्वयन की शुरुआत की है, जिसमें अब रिजल्ट से छेड़छाड़ संभव नहीं होगा। इससे पहले हमने संबद्धता प्रणालियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) की शुरुआत की थी।

नई प्रणाली में डेटा जुड़ा रहेगा, जिसे क्रिप्टोग्राफिक सुरक्षा के साथ संगृहीत किया जाता है ताकि यह अपरिवर्तनीय हो। यदि किसी ने इसमें कुछ भी छेड़छाड़ किया तो उसका आसानी से पता लगाया जा सकेगा। अभिभावकाें का कहना है इससे सुविधा के बाद पढ़ाई करने वाले छात्राें काे काफी नुकसान हाेगा।

तीन वर्ष तक का डेटा संग्रह किया जा चुका है, 2019 से पहले का भी धीरे-धीरे अपलोड कर रहे : इसमें तीन वर्ष तक का डेटा संग्रह किया जा चुका है। अब 2019 से पहले का डेटा भी धीरे-धीरे अपलोड किया जा रहा है। सीबीएसई ने 2016 में ही परिणाम मंजूषा के नाम से अपना डेटा और अकादमिक डेटा बैंक बनाने की तैयारी करनी शुरू कर दी थी।

ब्लॉकचेन तकनीक सभी भाग लेने वाले हितधारकों के स्वामित्व के साथ एक विस्तृत डेटा रिकार्ड करती है। डेटा को भागीदारों के बीच आम सहमति के आधार पर इसे शृंखला में दर्ज किया जाता है। इसके साथ ही ब्लॉकचेन नोड्स के नेटवर्क में सभी स्थानों पर उपलब्ध रहा है। इससे अब प्रमाण-पत्र या मार्कशीट की सत्यता जांचने के लिए किसी तीसरे पक्ष पर निर्भरता को समाप्त करता है।

ब्लॉकचेन उच्च शिक्षा या रोजगार के लिए जाने वाले छात्रों के प्रमाण-पत्र सत्यापन के लिए भी काम आएगा

अधिकारियाें ने बताया कि ब्लॉकचेन उच्च शिक्षा या रोजगार के लिए जाने वाले छात्रों के प्रमाण-पत्र सत्यापन के लिए भी काम आएगा। इसके माध्यम से देशभर के छात्रों का विस्तृत विवरण या डेटा इसमें सुरक्षित रहेगा। अकादमिक दस्तावेज साॅफ्टवेयर बनाने के लिए सीबीएसई ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के तहत राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र से मदद हासिल की है।

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