16 दिन बाद मानसून फिर सक्रिय:पूर्वी हवाओं से छाए बादल आधे जिले में बारिश-ओले, बिजली गिरी, 2 किसानों की मौत

श्रीगंगानगर।2 महीने पहले
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सदर थाने के आगे राेड़ पर भरा बरसात का पानी - Dainik Bhaskar
सदर थाने के आगे राेड़ पर भरा बरसात का पानी
  • श्रीगंगानगर में 5.6 एमएम बारिश, 2 दिन ऐसा ही रहेगा मौसम, फिर अक्टूबर में बरसेंगे बादल

श्रीगंगानगर में 16 दिन बाद एकाएक मौसम बदला। फिर से मानसून सक्रिय हुआ और आधे जिले में जमकर बारिश हुई। जिला मुख्यालय पर बारिश के साथ चने के आकार के ओले भी गिरे। श्रीविजयनगर व सूरतगढ़ में खेतों में काम कर रहे दो किसानों पर आकाशीय बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई। श्रीगंगानगर में 5.6, सूरतगढ़ में 8 व विजयनगर में 12.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों ने आगामी दो दिन दिनों तक ऐसा ही मौसम बने रहने व अलग-अलग क्षेत्रों में हल्की व मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना व्यक्त की है।

इससे पहले श्रीगंगानगर शहर में दोपहर दो बजे तक तेज धूप, उमस व गर्मी का प्रभाव रहा। इसके बाद एकाएक तेज पूर्वी हवाएं चलनी शुरू हो गईं। थोड़ी देर में आसमान में घने काले बादल छा गए तथा बारिश शुरू हुई जो आधे घंटे तक जारी रही। बारिश के साथ चने के आकार के ओले भी गिरे।

जिले में श्रीगंगानगर में 5.6, सूरतगढ़ में 8 व विजयनगर में 12.6 एमएम बारिश हुई। इसके अलावा रायसिंहनगर क्षेत्र में भी हल्की बारिश हुई। जयपुर के मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि पूर्वी राजस्थान में मानसूनी सिस्टम सक्रिय है तथा पूर्वी हवाएं चल रही हैं। इस कारण बीकानेर संभाग में हल्की व मध्यम दर्जे की बारिश हुई है।

मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 36.7 व न्यूनतम तापमान 27.3 डिग्री सेल्सियस रहा। बिजली गिरने से ही श्रीविजयनगर से सटे 15 गांवों में बिजली पोल के उपकरण जल गए। इससे उन गांवों में बिजली सप्लाई ठप हो गई। बुधवार को बिजली बहाल होगी।

नुकसान- मूंग, नरमा, ग्वार की फसलें खराब, 15 गांवों में बिजली ठप
श्रीविजयनगर व सूरतगढ़ तहसील क्षेत्र में मंगलवार दाेपहर बारिश के दाैरान चार जगह बिजली गिरी। इनमें अलग-अलग गांवाें में दाे किसानाें की माैत हाे गई। श्रीविजयनगर के गांव बिलाैचिया में किसान अंतराम कुम्हार (52) पुत्र देवीलाल अपने खेत में पानी लगा रहा था।

उसके बारी पूरी हो चुकी थी और उसके भाई रामस्वरूप ने पानी के लिए माेघे का नक्का माेड़ा ही था। इसी दौरान अंतराम पर बिजली गिर गई। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। परिजन उसे अस्पताल लाए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

वहीं, सूरतगढ़ तहसील के गांव 4 बीकेएसएम में कुंभाराम (68) पुत्र हरचंद खेत में काम कर रहा था। बरसात आने पर वह पेड़ के नीचे खड़ा हो गया। इस बीच बिजली गिरी, जिससे उसकी मौत हो गई। 38 जीबी में एक भट्ठे पर बिजली गिरने से वहां ईंधन के लिए रखे गुणे आदि में आग लग गई। आग पर समय रहते काबू पा लेने से कोई बड़ी हानि नहीं हुई। चक 41 जीबी में 33 केवी विद्युत लाइन के पाेल पर बिजली गिरी। इससे 15 से अधिक खंबाें पर लगे इंसुलेटर क्षतिग्रस्त हाे गए।

कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक जीआर मटोरिया के मुताबिक बारिश मूंग व ग्वार की पकाव की स्थिति में आई फसल के लिए नुकसान दायक है। इससे खेतों में काटकर रखी मूंग ग्वार फसलों की क्वालिटी प्रभावित होगी। वहीं, सरसों व चने की बुवाई भी अक्टूबर माह में शुरू होनी है। ऐसे में बारिश से खाली खेतों में नमी संरक्षित होगी तथा किसान खेत तैयार कर सकेंगे। साथ ही खड़ी फसलों में भी सिंचाई पानी की मांग पूरी हुई है। इससे फसलों को फायदा होगा।

...महज 5.6 एमएम बारिश में शहर का यह हाल, सड़कों पर गड्‌ढे पहले से थे ही, अब और परेशानी झेलने को तैयार रहिए
श्रीगंगानगर शहर में मंगलवार शाम महज 5.6 एमएम बारिश हुई। मामूली सी बारिश ने जिम्मेदार महकमाें की ओर से किए जा रहे तमाम दावाें की पाेल खाेल दी। शहर में ब्लाॅक एरिया क्षेत्र में सीवरेज का काम चल रहा है, 15 दिनाें के दरमियान 4 नई बनी सड़काें पर अनेक वाहन धंस चुके हैं। राधेश्याम काेठी राेड पर काम करने वाले अमित कुमार का कहना है कि बीते 6 माह से मुख्य सड़क पर सीवरेज का काम चल रहा है, आज तक पता नहीं चला कि आखिर काम कब पूरा हाेगा। कभी सड़क बना दी जाती है ताे कभी फिर से गड्ढा खाेदकर काम शुरू कर दिया जाता है। अब इस बारिश के बाद सड़कों पर गड्‌ढे और बढ़ेंगे। लिहाजा लोगों को और परेशानी झेलने को तैयार रहना होगा।

यहां ज्यादा गर्मी और नमी से गिरी बिजली
ज्यादा गर्मी व नमी के मिलने की वजह से जो बादल बनते हैं, उनमें बिजली गिरने की सबसे ज्यादा आशंका बनी रहती है। इन्हें थंडर क्लाउड भी कहा जाता है। ऐसे बादल महज 8 से 10 किमी. ही ऊपर होते हैं। ये बादल लोअर में निगेटिव व अपर में पॉजिटिव चार्ज में रहते हैं। यही बादल उमड़ते-घुमड़ते हुए जब पास आते हैं तो इनके टकराने (घर्षण) से ही बिजली उत्पन्न होती है। (जैसा कि मौसम एक्सपर्ट राजकुमार ने बताया।)

बिजली गिरे तो प्रभावित को कृत्रिम सांसें दें

  • तूफान से पहले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को प्लग से बाहर निकाल दें, लैंडलाइन बिल्कुल यूज न करें।
  • घर से बाहर टिन या धातु से बनी छत वाली मकानों से दूर रहें।
  • कार, बस के अंदर हैं तो अंदर ही रहें, बाहर न निकलें।
  • खुले आसमान के नीचे हो तो तुरंत घुटने के बल बैठें या जमीन पर लेटें। पेड़ के नीचे न खड़े हों।
  • घर के बाहर बारिश में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल यूज न करें।
  • बारिश के दौरान खिड़की, दरवाजों से दूर रहें, बरांडे या छत पर न जाएं।
  • तूफान के दौरान तालाब, स्वीमिंग पूल, झील या नाव में ना रहें।
  • यदि कोई आकाशीय बिजली की चपेट में आ जाता है तो झटका लगे व्यक्ति को सीपीआर (कार्डियो पल्सनरी रीसूसाइटेशन) यािन कृत्रिम सांस दें और तुरंत अस्पताल ले जाएं।

अक्टूबर पहले सप्ताह में फिर लौटेगा मानसून

  • जिले में 10 व 11 सितंबर को अच्छी बारिश हुई थी। इसके बाद अब 28 सितंबर को बारिश हुई है। अक्टूबर माह के प्रथम सप्ताह के बाद मानसून वापस लौटेगा। एेसे में पश्चिमी राजस्थान में अभी एक दो अच्छी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके अलावा बुधवार को भी बीकानेर संभाग के जिलों में अलग अलग क्षेत्रों में हल्की व मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। - राधेश्याम शर्मा, निदेशक, प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर।
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