एड्स दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम:सीएमएचओ ने कहा जागरूकता से ही एड्स से बचाव संभव पीड़ित से भेदभाव न करें

श्रीगंगानगर2 महीने पहले
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विश्व एड्स दिवस पर बुधवार को डॉ. बीआर अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में हुए जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम में सीएमएचओ डॉ. गिरधारी लाल मेहरड़ा ने कहा कि एचआइवी-एड्स के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है। हमें बीमारी के साथ-साथ इस बात के लिए भी जागरूक होना है कि यदि कोई एड्स पीडि़त है तो उससे भेदभाव नहीं करना चाहिए। क्योंकि यह बीमारी हमारी स्वयं या किसी अन्य की लापरवाही से किसी को भी हो सकती है।

एड्स डीपीओ डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने कहा कि एड्स की सही जानकारी होने पर इससे बचा जा सकता है, जबकि जानकारी के अभाव में जाने-अनजाने लोग एचआईवी संक्रमण से ग्रसित हो जाते हैं। इससे संक्रमित व्यक्ति को जीवन पर्यंत एचआईवी वायरस के साथ जीना पड़ता है और धीरे-धीरे एड्स अवस्था में पहुंच जाता है। उन्होंने बताया कि असुरक्षित यौन संबंध बनाने, संक्रमित सुई या सिरिंज के उपयोग, संक्रमित रक्त व रक्त के उत्पादों और संक्रमित गर्भवती महिला से उसके होने वाले शिशु को एचआईवी संक्रमण हो सकता है।

इससे बचने के लिए जीवनसाथी के प्रति वफादारी रखने, हर बार नई सुई व सिरिंज का उपयोग, मान्यता प्राप्त ब्लड बैंक से रक्त तथा गर्भवती महिला को समय से जांच एवं नियमित एआरटी का सेवन करना चाहिए। टीबी अधिकारी डॉ. गुंजन खुगर ने बताया कि एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति से हाथ मिलाने से, उसके गले मिलने से, साथ में खाना खाने से, उसके बिस्तर व टॉयलेट उपयोग में लेने से, मच्छर के काटने से एचआईवी का संक्रमण नहीं होता।

महिला यौनकर्मी, समलैंगिक पुरुष व इंजेक्शन से नशा करने वाले लोगों को एचआईवी का खतरा अधिक होता है। एचआईवी एड्स संक्रमण के प्रारंभिक लक्षणों में बिना विशेष कारण के लगातार वजन कम होना, लंबे समय तक बुखार व दस्त होना इत्यादि प्रमुख है। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अर्बन डिस्पेंसरीज एवं जिला अस्पताल में एचआईवी जांच की निशुल्क सुविधा उपलब्ध है। कार्यक्रम में कॉलेज प्राचार्य बलवंत सिंह रतन, डॉ. मेनपाल सहारण, रोहित विश्नोई एवं मनोज कुमार आदि शामिल हुए।

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