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काेराेना दुष्प्रभाव:ग्रीष्मकालीन अवकाश में ऑनलाइन क्लास लगाने काे लेकर छात्रों व अभिभावकों में असमंजस

श्रीगंगानगर3 महीने पहले
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  • माध्यमिक शिक्षा निदेशक बाेले- अगर बच्चों के स्कूल में क्लास चल रही है और पैरेंट्स नहीं दिलवाना चाहते तो बच्चों की छुट्टियां करा सकते हैं

जिलेभर के सरकारी व निजी स्कूलाें के बच्चाें की ग्रीष्मकालीन अवकाश के दाैरान ऑनलाइन क्लास लगेगी या फिर बच्चे इन छुट्टियाें काे बिना क्लास लिए बिताएंगे। ऐसे सवालों से अभिभावकाें में असमंजस बना हुआ है। स्कूलाें के पास ऑनलाइन क्लास जारी रखने की स्वतंत्रता है और चाहें तो छुट्टियों में क्लास रोक भी सकते हैं। अब यह अभिभावकाें काे ही तय करना हाेगा कि उन्हें बच्चों को क्लास लगवानी है या फिर नहीं।

अधिकारियाें के अनुसार विभाग की ओर से कोरोना संक्रमण के बढ़ते केस काे देखते हुए सरकार ने सभी सरकारी व निजी स्कूलों में 6 जून तक ग्रीष्मकालीन छुट्टियाें की घोषणा की जा चुकी है। इसके बाद से आरबीएसई व सीबीएसई स्कूलाें में पढ़ने वाले बच्चे व उनके अभिभावक ऑनलाइन क्लास लगाने काे लेकर असमंजस में हैं कि वे अपने बच्चाें काे ऑनलाइन क्लास यदि नहीं दिलवाते हैं ताे कहीं उनके बच्चे काेर्स में पीछे ताे नहीं रह जाएंगे। इन छुट्टियाें में दाेनाें बाेर्ड के स्कूलाें की ओर से नए सेशन के क्लासेज काे ऑनलाइन माध्यम से शुरू कर दिया गया है।

लगातार बच्चाें काे ऑनलाइन पढ़ाई के साथ-साथ घर पर हाेमवर्क भी दिया जा रहा है। अभिभावकाें का कहना है कि यदि बच्चाें की ऑनलाइन क्लासेज ही लगानी थी ताे ग्रीष्मकालीन अवकाश की घाेषणा ही क्याें की थी।

Q. 22 अप्रैल से 6 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। निर्णय के अंतर्गत सीबीएसई स्कूल भी हैं?

बिलकुल। हर स्कूल की गर्मियों की छुट्टियां हैं। सभी स्कूलों के लिए नियम जारी किया है।

Q. इतनी जल्दी गर्मी की छुट्टियों की क्या वजह है? इस दौरान राजस्थान बोर्ड के नए सेशन की तैयारी होती है। नया कैलेंडर तय होता है। रही बात सीबीएसई स्कूलों की, तो वहां 10 से 15 दिन पहले ही छुट्टियां शुरू हुई हैं।

Q. क्या यह रोक ऑनलाइन क्लास पर भी है? नहीं। बीते वर्षाें में क्या कभी सरकार ने गर्मी छुट्टियों में पैरेंट्स द्वारा बच्चों के लिए लगाई क्लास पर रोक लगाई है? स्वीमिंग, डांस, म्यूजिक, आर्ट क्लास लगती ही थी। सीनियर क्लास में कोचिंग व कंपीटीटिव एग्जाम की तैयारी भी जारी रहती थी।

Q. छुट्टियां घोषित होने के बाद अगर स्कूल ऑनलाइन क्लास चलाता है तो सरकार को कोई दिक्कत होगी? नहीं। हमने बेशक छुट्टियां घोषित की हैं लेकिन यह निर्णय स्कूल लेगा कि क्लास लेनी है कि नहीं। ऑनलाइन क्लास कितने घंटे की और कब होनी है यह स्कूल तय कर सकता है।

Q. पैरेंट्स को क्या करना चाहिए?अगर बच्चों के स्कूल में क्लास चल रही है और पैरेंट्स नहीं दिलवाना चाहते तो बेशक बच्चों की छुट्टियां करा सकते हैं। यह निर्णय लेने का अधिकार अभिभावकाें के पास हाेगा। सरकार का मकसद है कि बच्चे व टीचर्स घर में सुरक्षित रहें।

इनका क्या कहना है...आरबीएसई व सीबीएसई के स्कूलों में इस बार सिलेबस में नहीं हाेगी काेई कटाैती

कार्यवाहक सीडीईओ हंसराज यादव ने बताया कि आरबीएसई के स्कूलाें में 40 फीसदी व सीबीएसई की स्कूलाें में 30 प्रतिशत तक सिलेबस में कटौती की गई थी। इसी के आधार पर बाेर्ड परीक्षाओं का आयाेजन किया जाना है। सूत्राें की मानें ताे इस साल सिलेबस में किसी प्रकार की काेई कटाैती नहीं की जाएगी। वहीं, क्लास भी स्कूल की जगह ऑनलाइन मोड तक सीमित है।

ऐसे में कोर्स पूरा कराना स्कूल की जिम्मेदारी है। सीबीएसई काेआर्डिनेटर व गुरु हरकृष्ण पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य एमएस विग ने बताया कि 12वीं बाेर्ड के बच्चाें काे एक ही सलाह है कि वे इस टाइम का सही सदुपयाेग करते हुए परीक्षाओं की बेहतर तैयारी करें ताकि परीक्षा परिणाम में अच्छे अंक प्राप्त कर सकें। इसके अलावा यदि किसी बच्चे काे काेई तनाव संबंधी शिकायत हाे ताे वे संबंधित स्कूल में शिक्षक से फाेन पर जरूर बात करें।

स्कूलाें द्वारा फीस लेने के लिए लगाई जा रही ऑनलाइन क्लास

राज्य कर्मचारी काॅलाेनी निवासी नारायण कुमार बताते हैं कि स्कूलाें से लगातार सवाल कर रहे हैं कि छुट्टियां घोषित होने के बावजूद क्लासेज क्यों ली जा रही है। छुट्टियां घोषित होने के बाद हमें उम्मीद थी कि इस बात की सूचना स्कूल भी हमें भेजेगा, लेकिन अगले दिन भी क्लासेज जारी रही।

वहीं, बैंक काॅलाेनी निवासी भूपेंद्रसिंह का कहना है स्कूल फीस के चलते छुट्टियां नहीं दी जा रही हैं। यहां तक कि शिक्षकाें को जब पता चला कि हम उनसे छुट्टियों के बारे में बात करना चाहते हैं तो उन्होंने अभिभावकाें के फाेन तक उठाने भी बंद कर दिए हैं। अब यदि हम स्कूल या फिर बच्चाें से संबंधित किसी बात भी करना चाहें ताे भी नहीं कर पा रहे हैं।

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