मांग:पेट्रोल-डीजल की दरें पड़ाेसी राज्यों के समान करने की मांग

श्रीगंगानगरएक वर्ष पहले
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संयुक्त व्यापार मंडल ने पेट्रोल-डीजल की दरें पड़ाेसी राज्य पंजाब, हरियाणा के समान करने तथा वैट की दरें कम करने आदि समस्याओं के निराकरण की मांग की है। अध्यक्ष तरसेम गुप्ता ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कलेक्टर महावीर प्रसाद वर्मा तथा विधायक राजकुमार गौड़ को ई-मेल से भेजे ज्ञापन में लिखा है कि राजस्थान के पड़ाेसी राज्य पंजाब व हरियाणा में पेट्रोल व डीजल के रेट में काफी अंतर होने के कारण श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिले के पेट्रोल पंप संचालकों का व्यवसाय पूर्णतया ठप हो चुका है।

जिले में पंजाब व हरियाणा की तुलना में पेट्रोल की दरों में 9 रुपए प्रति लीटर तथा डीजल की दरों में 10-11 रुपए का भारी-भरकम अंतर होने के कारण श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिले में खपत होने वाले डीजल की 90 प्रतिशत बिक्री और पेट्रोल की 50 प्रतिशत बिक्री पड़ाेसी राज्य पंजाब व हरियाणा से हो रही है। पेट्रोल-डीजल की बिक्री घटने तथा कर्मचारियों की छंटनी होने से बेरोजगारी भी बढ़ रही है। अधिकांश वाहन चालकों की ओर से साधुवाली के समीप पंजाब के पेट्रोल पंपाें से पेट्रोल-डीजल भरवाया जा रहा है। 

पेट्राेल पंप बंद हाेने के कगार पर 
गुप्ता ने कहा कि राजस्थान सरकार की ओर से जुलाई माह में वैट की दरों में 4 प्रतिशत बढ़ाेतरी किए जाने से पेट्रोल पंपाें का कारोबार समाप्त हो रहा है। अनेक पेट्रोल पंप बंद होने के कगार पर हैं। वर्तमान में श्रीगंगानगर में पेट्रोल का रेट 91.35 रुपए है, जबकि पंजाब में 82.22 रुपए प्रति लीटर है।

इसी प्रकार, श्रीगंगानगर में डीजल का रेट 84.80 रूपए है, तो हरियाणा में 74.43 रुपए प्रति लीटर है। इसका कारण राजस्थान में पेट्रोल पर 38 प्रतिशत वैट है जबकि पंजाब में वैट 27 प्रतिशत है। डीजल पर राजस्थान में वैट 28 प्रतिशत है, जबकि पंजाब में 15 प्रतिशत है। वहीं, हरियाणा में डीजल पर 17 प्रतिशत व पेट्रोल पर 25 प्रतिशत वैट है।

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