सरकारी अस्पताल में ही डेंगू का खतरा:डेंगू रोगियों के वार्ड के बाहर जमा गंदा पानी, अस्पताल कैंपस में कई जगह मच्छर पनपने के पर्याप्त प्रबंध

श्रीगंगानगर2 महीने पहले
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श्रीगंगानगर के सरकारी अस्पताल में डेंगू वार्ड के बाहर जमा पानी। - Dainik Bhaskar
श्रीगंगानगर के सरकारी अस्पताल में डेंगू वार्ड के बाहर जमा पानी।

शहर के सरकारी अस्पताल में डेंगू वार्ड के बाहर ही डेंगू पनपने के पर्याप्त प्रबंध है। जिले में सैकड़ों डेंगू रोगी मिलने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने सावधानी बरतनी शुरू नहीं की है। अस्पताल में जगह-जगह पानी जमा है जिसमें बड़ी संख्या में मच्छर पैदा हो सकते हैं। खास बात यह है कि डेंगू रोगियों को जिस वार्ड में रखा गया है, उसके ठीक बाहर ही बड़ी मात्रा में गंदा पानी जमा है। इस पानी में पनपने वाले मच्छर अस्पताल में आने वाले दूसरे लोगों को भी बीमार कर सकते हैं।

श्रीगंगानगर में एमसीएचयू के बाहर जमा पानी।
श्रीगंगानगर में एमसीएचयू के बाहर जमा पानी।

ये हैं अस्पताल के हालात
इन दिनों डेंगू रोगी अस्पताल में कोरोना वार्ड में एक हिस्से में रखे गए हैं। यहां करीब दस से ज्यादा डेंगू रोगी हैं। अस्पताल के बाहर लगे वाटर कूलर की निकासी व्यवस्था नहीं होने से यहां काफी मात्रा में पानी जमा हो गया है। इस पानी पर कभी भी मच्छर पैदा हो सकते हैं। इसके साथ ही वार्ड से एंबुलेंस बाहर निकलने के स्थान के ठीक आगे भी एक ड्रेनेज में पानी जमा है। इसे ढका भी नहीं गया है। इस इलाके में दो तीन जगह ऐसे आउटलेट भी हैं जिन पर कवर तो हैं लेकिन ये सही तरीके से ढके नहीं हुए हैं। ऐसे में यहां भी मच्छरों के पैदा होने की आशंका है।

ऑक्सजन प्लांट के पास जमा पानी।
ऑक्सजन प्लांट के पास जमा पानी।

एमसीएचयू में भी जमा है पानी
डेंगू वार्ड के सामने की तरफ एमसीएचयू यानी मदर चाइल्ड हेल्थ केयर यूनिट है। इस यूनिट के गेट के पास छत से आने वाला पानी सड़क पर जमा हो गया है। इससे भी मच्छर पैदा होने की पूरी आशंका बनी हुई है। इस परिसर में एक दो अन्य जगहों पर भी नालियों में पानी की निकासी हो रही है लेकिन इन्हें ढका नहीं गया है। मोर्चरी से कुछ दूरी पर स्थित ऑक्सीजन प्लांट के पिछले हिस्से में भी पानी जमा होने ने मच्छरों के पनपने की आशंका बनी हुई है।

डेंगू वार्ड के पास खुला आउटलेट।
डेंगू वार्ड के पास खुला आउटलेट।

जिले में डेंगू के 290 रोगी
सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में बुधवार रात तक डेंगू के 290 रोगी सामने आ चुके हैं। यह उन रोगियों का आंकड़ा है जो एलाइजा टैस्ट में डेंगू पॉजिटिव पाए गए। वहीं बड़ी संख्या में जिले में ऐसे रोगी भी है जिनके लक्षण तो डेंगू जैसे हैं लेकिन एलाइजा टैस्ट में पॉजिटिव नहीं मिले हैं। कार्ड टैस्ट में इन्हें डेंगू जैसे लक्षणों वाला माना गया है। प्राइवेट अस्पतालों में इनका इलाज डेंगू रोगियों को दिए जाने वाले इलाज के अनुसार ही चल रहा है।

छतों का आउटलेट हुआ जमा
कार्यवाहक पीएमओ डॉ.पवन सैनी का कहना है कि वैसे तो इलाके में गंदा पानी जमा नहीं रहता लेकिन जब कभी छतों पर बनी टंकियां ओवरफ्लो हो जाती हैं तो अस्पताल कैंपस में पानी जमा हाे जाता है। इस पानी की निकासी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।


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