काेराेनाकाल से राहत:10 दिन में दाे राेगी आने से बढ़ाई काेराेना सैंपलिंग जिला अस्पताल में बच्चों के लिए की अलग व्यवस्था

श्रीगंगानगरएक महीने पहले
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  • काेराेना सैंपलिंग में 187.27% वृद्धि के साथ प्रदेश में अव्वल रहा श्रीगंगानगर, अजमेर -11.25% सबसे फिसड्डी

जिले में काेराेनाकाल में राहत के बाद से करीब 3-4 महीनाें के दरमियान काेराेना के नए राेगी चिन्हित नहीं हुए, लेकिन बीते 10 दिनाें में जैसे ही दाे नए राेगी सामने आए, स्वास्थ्य महकमे ने सतर्कता बढ़ा दी। सीएमएचओ की ओर से जिलेभर में सैंपल बढ़ाए गए। वहीं, जिला अस्पताल प्रशासन ने काेविड वार्ड में सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। उप नियंत्रक डाॅ. प्रेम बजाज का कहना है कि तीसरी लहर की आशंका काे देखते हुए काेविड वार्ड में बच्चाें के लिए 20 बेड का वार्ड तैयार कर लिया गया है।

जरूरत पड़ी ताे 20 बेड की और व्यवस्था है। राहत की बात यह है कि वर्तमान में जिला अस्पताल में काेराेना का एक भी मरीज भर्ती नहीं है। दूसरी राहत की बात यह रही है कि मंगलवार काे स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन में श्रीगंगानगर जिले में काेराेना का एक भी नया राेगी सामने नहीं आया है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्कूलों का निरीक्षण कर कोविड प्रोटोकॉल की पालना की जांच की जाएगी। सरकारी व गैर सरकारी स्कूलाें में शत-प्रतिशत बच्चों के मास्क लगा हो, सोशल डिस्टेंसिंग की पालना हो, हाथ धोने के लिए सेनेटाइजर या साबुन की व्यवस्था हो। जिला स्तरीय टीम सहित समस्त बीसीएमओ को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं कि स्कूलों का निरीक्षण कर कोविड प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित करवाएं।

स्वास्थ्य विभाग ने दाे सप्ताह 22 से 28 नवंबर व 29 से 5 दिसंबर की औसत सैंपलिंग रिपाेर्ट जारी की

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी काेराेना सैंपल रिपाेर्ट में श्रीगंगानगर जिला प्रदेशभर में पहले स्थान पर रहा है। इस सूची में श्रीगंगानगर जिले ने 187.27 प्रतिशत वृद्धि प्राप्त की है। श्रीगंगानगर के बाद दूसरे स्थान पर सिराेही जिला (142.15 प्रतिशत), तीसरा भरतपुर (120.51 प्रतिशत), चाैथा टाेंक (102.51 प्रतिशत), पांचवां भीलवाड़ा (94.61 प्रतिशत) रहा है। वहीं, प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर तीन जिले क्रमश: अजमेर (- 11.25 प्रतिशत), बाड़मेर (-10.95 प्रतिशत) व नागाैर (-2.36 प्रतिशत) रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने 22 से 28 नवंबर व 29 से 5 दिसंबर यानी दाे सप्ताह की औसतन सूची जारी की है। श्रीगंगानगर जिले ने 22 से 28 नवंबर के बीच औसत 301 सैंपल लिए। वहीं, 29 से 5 दिसंबर तक औसत 864 सैंपल प्रतिदिन लिए हैं। नजदीकी जिला हनुमानगढ़ ने 22 से 28 नवंबर तक 854 सैंपल व 29 से 5 दिसंबर तक 1165 सैंपल लिए। इस जिले की वृद्धि 36.47 प्रतिशत रही है। सीकर जिले ने 35.06 प्रतिशत वृद्धि की वहीं राजधानी जयपुर 5.87 प्रतिशत ही वृद्धि अर्जित कर पाया है।

डॉक्टर की सलाह... नियमित रूप से गर्म पानी पीते रहें, आयुर्वेदिक काढ़े का भी सेवन करें

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आमजन काे सलाह दी है कि है कि वे सावधानी बरतें एवं सरकार व जिला प्रशासन की ओर से समय-समय पर जारी होने वाली एडवाइजरी की पालना अवश्य करेंं। मुख्यत: सर्दी के साथ ही शुरू हुए कोरोना के तीसरे दौर से खतरा बना हुआ है, लिहाजा जागरूकता व समझदारी से ही इस महामारी से बचा जा सकता है। राज्य में पहले के मुकाबले कोरोना केस में बढ़ोतरी हुई है एवं जिले में भी कोरोना केस आया है इसलिए एहतियात बेहद जरूरी है।

सीएमएचओ डॉ. गिरधारी मेहरड़ा ने बताया कि वर्तमान में कोरोना को लेकर हमें बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। मास्क पहनकर ही बाहर जाएं, मास्क से मुंह व नाक अच्छे से ढककर रखें। बार-बार हाथ धोते रहें अथवा सेनेटाइजर का उपयोग करें। बच्चों को झुंड में खेलने की इजाजत न दें। बच्चों को स्कूल भेजते समय मास्क अवश्य दें और उन्हें स्कूल समय के दौरान लगातार मास्क पहनने के लिए प्रेरित करें। शुरुआती हल्की सर्दी से बचें एवं गर्म कपड़े पहनने शुरू कर दें। खासकर बच्चों, बुजुर्गों, बीमार एवं गर्भवती महिलाओं का पूरा ध्यान रखें। मामूली सर्दी, जुकाम, बुखार आदि होने पर तत्काल डाॅक्टर को दिखाएं, किसी तरह की लापरवाही न बरतें।

गर्म पानी पीते रहें, डाॅक्टर की सलाह अनुसार आयुर्वेदिक काढ़ा पीएं। किसी भी स्वास्थ्य जानकारी के लिए 104 या 108 और शिकायत के लिए 181 डायल करें। कोरोना जागरूकता के लिए https://www.facebook.com/IECSGNR/ पर क्लिक करें। कोरोना संबंधित किसी भी समस्या के संबंध में कंट्रोल रूम नंबर 0154-2445071 पर संपर्क करें। उन्होंने बताया कि विभाग आमजन को जागरूक करने का हरसंभव प्रयास कर रहा है।

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