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अब दवाओं पर जोर:‘कोरोना पॉजिटिव हों तो करवाएं सैंपल जांच, स्वस्थ होने पर रीसैंपल जरूरी नहीं ’

श्रीगंगानगरएक महीने पहले
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श्रीगंगानगर का सरकारी अस्पताल। - Dainik Bhaskar
श्रीगंगानगर का सरकारी अस्पताल।

जिले में कोरोना सैंपल देने वालों की लगातार बढ़ती संख्या के बीच अब चिकित्सा विभाग दवाओं के माध्यम से रोगियों का ठीक करने में जुट गया है। रोगियों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, साथिनों आदि के माध्यम से अब दवाएं दी जा रही है। अब रोगी मिलने पर रोगी के साथ उसके संपर्क में आए लोगों को पहले से ही दवाएं दी जा रही हैं ताकि कोरोना को शुरुआती अवस्था में ही रोका जा सके।

सैंपल में आ रही परेशानी
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सैंपल ले तो रहा है लेकिन संसाधन सीमित होने से अन्न क्षेत्र श्री राम मंदिर स्थित धर्मशाला और सीएमएचओ कार्यालय में सीमित संख्या में ही सैंपल लिए जा रहे हैं। इनकी रिपोर्ट में भी देरी हो रही है। इसी के चलते अब विभागीय अधिकारी ठीक होने के बाद रीसैंपल की जरूरत महसूस नहीं कर रहे हैं।

ठीक हो जाएं तो टैस्ट न करवाएं
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने अब आमजन को अपील की है कि वे कोरोना पॉजिटिव से स्वस्थ्य होने पर पुन: टेस्ट न करवाएं, यह आवश्यक नहीं है। वहीं अनावश्यक सीटी स्कैन एवं अन्य जांचों से भी परहेज करने की सलाह दी गई है ताकि शारीरिक व आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।
सीएमएचओ डॉ. गिरधारी मेहरड़ा ने बताया कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद और स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवाइजरी के अनुसार एक बार आरटीपीसीआर टेस्ट में पॉजिटिव आने के बाद रोगी के स्वस्थ होने पर पुन: टैस्ट की आवश्यकता नहीं है। जो आरटीपीसीआर पॉजिटिव रोगी अस्पताल में भर्ती है उनका डिस्चार्ज से पूर्व पुन: टेस्ट करवाने की आवश्यकता नहीं है।