संभाग का पहला निजी मेडिकल काॅलेज:जनसेवा हॉस्पिटल को हरी झंडी, 150 सीटें मंजूर, इसी सत्र से एमबीबीएस कक्षाएं

श्रीगंगानगर24 दिन पहले
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डॉ. एसएस टांटिया मेडिकल कॉलेज - Dainik Bhaskar
डॉ. एसएस टांटिया मेडिकल कॉलेज

इस दिवाली श्रीगंगानगर को बड़ी खुशखबर मिली। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने रीको स्थित डॉ. एसएस टांटिया मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (जन सेवा हॉस्पिटल) को मेडिकल कॉलेज की अनुमति दे दी है। बीकानेर व चूरू के बाद यह संभाग का तीसरा मेडिकल कॉलेज होगा, जबकि निजी क्षेत्र में यह संभाग का पहला मेडिकल कॉलेज है। नीट के रिजल्ट के दौरान ही स्वीकृति आने से इस कॉलेज में इसी वर्ष यानी सत्र 2021-22 से यहां एमबीबीएस प्रथम वर्ष की कक्षाएं शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। इसे मिलाकर श्रीगंगानगर में अब दो मेडिकल कॉलेज होंगे। पहला यह निजी क्षेत्र का, जबकि दूसरा सरकारी मेडिकल कॉलेज भी अगले साल शुरू हो जाएगा। सूत्रों के अनुसार, एनएमसी ने यहां नए मेडिकल कॉलेज में 150 सीटें स्वीकृत की हैं। काउंसलिंग के बाद संभवत: इसी महीने के अंतिम दिनों या दिसंबर के प्रारंभ में कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। नया कॉलेज टांटिया यूनिवर्सिटी परिसर में संचालित होगा।

एनएमसी की कमेटी ने सितंबर में जनसेवा अस्पताल का निरीक्षण किया था। कमेटी तब यहां 350 बेड का बड़ा अस्पताल, सेवाओं व सुविधाओं को देखकर काफी प्रभावित हुई थी। शुक्रवार रात एनएमसी ने जनसेवा को मेडिकल कॉलेज का अनुमति पत्र जारी किया। प्रदेश में श्रीगंगानगर ही एकमात्र ऐसा जिला रहा, जहां मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति दी गई है। राज्य में जयपुर एवं उदयपुर के बाद श्रीगंगानगर ही ऐसा जिला बन गया है, जिसमें निजी मेडिकल कॉलेज प्रारंभ हो रहा है। इससे पूर्व जयपुर में 5 और उदयपुर में 3 निजी मेडिकल कॉलेज हैं।

सरकारी मेडिकल कॉलेज का 25% निर्माण पूरा, यह भी अगले साल शुरू होगा

जिला अस्पताल परिसर में स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में भी अगले शिक्षा सत्र 2022-23 में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की कक्षाएं शुरू होने की उम्मीद है। भवन के 70 हजार वर्ग फुट के एकेडमिक भवन के भूतल की छत लगाने का 35 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बॉयज और गर्ल्स हॉस्टल के भूतल की छत लग चुकी है। ठेकेदार फर्म मैसर्स रमेश कुमार बंसल के प्रतिनिधि संजय सिंगला के अनुसार 25 प्रतिशत काम पूरा हाे चुका है। कक्षाएं शुरू होने के लिए एकेडमिक भवन की पहली और हॉस्टलों की दो मंजिलों का तैयार होना जरूरी है।

ये काम मार्च 2022 तक पूरा कर दिया जाएगा। निर्माण एजेंसी आरएसआरडीसी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर बीएस स्वामी के अनुसार सरकारी मेडिकल कॉलेज के पहले चरण के भवन का निर्माण नवंबर 2022 तक पूरा होना होगा। काम की गति को देखते हुए निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरा होने की संभावना है। सरकारी मेडिकल कॉलेज में पहले 100 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया होगी।

अगले दिनों में एनएमसी काउंसलिंग का शेड्यूल जारी करेगी। इसमें डॉ. एसएस टांटिया मेडिकल कॉलेज को भी शामिल किया जाएगा। इसमें पहले केंद्र सरकार के 15 प्रतिशत कोटे की सीटें भरने के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग होगी। इससे 23 सीटें भरी जाएंगी। बाकी 85 प्रतिशत सीटों के लिए राज्य सरकार काउंसलिंग करेगी। इसमें नीट क्लियर करने वाले राज्य के विद्यार्थी शामिल होंगे। राज्य सरकार की काउंसलिंग से 127 सीटें भरी जाएंगी। इसमें 15 प्रतिशत एनआरआई कोटा होगा। श्रीगंगानगर व आसपास के निजी प्राइवेट कॉलेज में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों को श्रीगंगानगर में मेडिकल की पढ़ाई के लिए स्थानीय विकल्प मिलेगा। कॉलेज के डीन बीकानेर के पीबीएम कॉलेज के रिटायर्ड प्रिंसिपल डॉ. केसी नायक होंगे।

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