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राहत:जीएसटी करदाताओं काे लेट फीस में मिली राहत अब 10 हजार की जगह 1 हजार रुपए ही लगेंगे

श्रीगंगानगर19 दिन पहले
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  • केंद्र सरकार ने जीएसटी करदाताओंं के लिए की एमनेस्टी स्कीम की घाेषणा

जीएसटी कौंसिल की 43वीं मीटिंग में जीएसटी के करदाताओं काे राहत प्रदान करने का प्रयास किया गया है। सरकार ने एमनेस्टी स्कीम की घोषणा की है। यह स्कीम जब से जीएसटी लागू हुआ है यानी जुलाई 2017 से अप्रैल 2021 की सभी पेंडिंग रिटर्न के लिए दी गई है। एमनेस्टी स्कीम की घाेषणा का कर सलाहकाराें ने भी स्वागत किया है। उनके मुताबिक करदाताओं के लिए जीएसटी की एमनेस्टी स्कीम लाकर, भविष्य की रिटर्न की लेट फीस में कमी करके और कंपाेजिशन डीलर की वार्षिक रिटर्न की अंतिम तारीख को एक बार फिर बढ़ाकर सरकार ने करदाताओं के लिए सूखे में मानसून का काम किया है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-2021 की कंपाेजिशन डीलर की वार्षिक रिटर्न की अंतिम तारीख को भी बढ़ा दिया है। यह वार्षिक रिटर्न की अंतिम तारीख 30 अप्रैल थी, जिसे पूर्व में बढ़ाकर 31 मई कर दिया था अब उसे एक बार फिर बढ़ाकर 31 जुलाई कर दिया गया है।

रेगुलर डीलर के लिए

जिन करदाताओं की कर की देनदारी नहीं है उन्हें उस रिटर्न की लेट फीस के रूप में रुपए 250 केंद्र सरकार और रुपए 250 राज्य सरकार यानी कुल रुपए 500 जमा करवाने होंगे। कर सलाहकार एडवाेकेट अभिषेक कालड़ा ने बताया कि लेट फीस पहले रुपए 20 प्रतिदिन के हिसाब से और अधिकतम रुपए 10000 लगती थी। लेकिन अब कर की देनदारी बनती है ताे उन्हें उस रिटर्न की लेट फीस के रूप में रुपए 500 केंद्र सरकार और रुपए 500 राज्य सरकार यानी कुल रुपए 1000 जमा करवाने होंगे। लेट फीस पहले रुपए 50 प्रतिदिन के हिसाब से और अधिकतम रुपए 10000 लगती थी। यह छूट तभी मिलेगी जब करदाता 1 जून से लेकर 31 अगस्त 2021 तक अपनी पुरानी रिटर्न भर दें।

जिन करदाताओं की कर की देनदारी नहीं है उन्हें उस रिटर्न की लेट फीस के रूप में 250 रुपए केंद्र सरकार और 250 रुपए राज्य सरकार यानी कुल रुपए 500 जमा करवाने होंगे। लेट फीस पहले रुपए 50 प्रतिदिन के हिसाब से और अधिकतम रुपए 10000 लगती थी। जिन करदाताओं की कर की देनदारी बनती है उन्हें उस रिटर्न की लेट फीस के रूप में रुपए 1000 केंद्र सरकार और रुपए 1000 राज्य सरकार यानी कुल रुपए 2000 जमा करवाने होंगे।

लेट फीस पहले 50 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से और अधिकतम 10 हजार रुपए लगती थी। अब करदाताओं काे केवल अपनी लेट फीस का लगभग 20 फीसदी जाे की 2 हजार बनता है वह जुर्माने के रूप में देना हाेगा।

मई 2021 व आगे आने वाली सभी रिटर्न की लेट फीस में भी राहत
एडवाेकेट कालड़ा ने बताया कि मई 2021 और आगे आने वाली सभी रिटर्न में भी राहत दी गई है। यदि करदाता की कुल बिक्री पिछले साल रुपए 1.5 करोड़ रुपए तक है तो उन्हें उस रिटर्न की लेट फीस के रूप में अधिकतम रुपए 1000 केंद्र सरकार और रुपए 1000 राज्य सरकार यानी कुल रुपए 2000 जमा करवाने होंगे।

यदि करदाता की कुल बिक्री पिछले साल रुपए 1.5 करोड़ रुपए से ज्यादा और 5 करोड़ से कम है तो उन्हें उस रिटर्न की लेट फीस के रूप में अधिकतम रुपए 2500 केंद्र सरकार और रुपए 2500 राज्य सरकार यानी कुल रुपए 5000 जमा करवाने होंगे। जिनकी कुल बिक्री 5 करोड़ से अधिक है तो उन्हें उस रिटर्न की लेट फीस के रूप में अधिकतम रुपए 5000 केंद्र सरकार और रुपए 5000 राज्य सरकार यानी कुल रुपए 10000 जमा करवाने होंगे।

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