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नवरात्र पर आई खुशखबर:मास्टर प्लान 2035 लागू, शहर में फुट ओवरब्रिज बनेगा, हाईवे पर बस स्टैंड, रीको में पार्क प्रस्तावित, दिसंबर 19 से सरकार के पास अटका था, अब मंजूरी आई

श्रीगंगानगर18 दिन पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो

शहरवासियाें के लिए बुधवार का दिन बेहद खास रहा। कारण है कि करीब 2 साल से लटका शहर का नया मास्टर प्लान 2035 मंजूर कर दिया गया है। नगरीय विकास विभाग, जयपुर के संयुक्त शासन सचिव- द्वितीय नवनीत कुमार ने अधिसूचना में बताया कि श्रीगंगानगर के नगरीय क्षेत्र के लिए तैयार किए गए मास्टर प्लान 2035 का अनुमाेदन कर दिया गया है। उक्त मास्टर प्लान 3035 की प्रति का अवलाेकन नगर विकास न्यास श्रीगंगानगर के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस में किया जा सकता है।

11 दिसंबर 2019 काे शहर के नवीन मास्टर प्लान के प्रारूप का प्रकाशन तत्कालीन कलेक्टर शिव प्रसाद मदन नकाते, न्यास सचिव डाॅ. हरीतिमा सहित अन्य अधिकारियाें द्वारा किया गया था, तब लाेगाें से 30 दिन में सुझाव व आपत्तियां मांगी गई। करीब 950 लाेगाें ने अपनी आपत्तियां भी दर्ज करवाईं। लेकिन इसके बाद मास्टर प्लान पर आगे कुछ भी नहीं हुआ।

अनेक बार सरकार व नगरीय विकास विभाग से भी संपर्क किया गया, लेकिन काेई जवाब नहीं मिला। हाल ही विधायक राजकुमार गाैड़ ने स्वायत शासन मंत्री शांति कुमार धारीवाल काे भी इस बाबत पत्र प्रेषित किया था। बहरहाल मास्टर प्लान अब लागू कर दिया गया है। जानकाराें की मानें ताे इससे करीब 5 हजार लाेग लाभान्वित हाेंगे। मास्टर प्लान 2035 में यूआईटी में 52 गांवाें काे शामिल किया गया था।

भास्कर EXPLAINER - कृषि भूमि पर बसे लोगों को अब भी नहीं मिलेंगे पट्‌टे

  • 1. यातायात एवं फुटकर व्यापार: ट्रकाें की वजह से शहर के यातायात पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इसलिए नए मास्टर प्लान में ट्रक टर्मिनल के लिए प्लानिंग की गई है। इसमें सूरतगढ़ राेड पर 16 हैक्टेयर भूमि पर ट्रक टर्मिनल/ ट्रांसपाेर्ट नगर एवं 5.12 हैक्टेयर भूमि पर बस स्टैंड प्रस्तावित किया गया है। इसी तरह भू उपयाेग याेजना 2035 में फुटकर व्यापार के लिए विद्यमान वाणिज्यिक क्षेत्र के अतिरिक्त 100 हैक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई है।
  • 2. थाेक व्यापार एवं भंडारण : मुख्य व्यापारिक केंद्र से लक्कड़ मंडी आदि थाेक व्यापार काे स्थानांतरित कर हनुमानगढ़ राेड पर थाेक व्यापार/भंडारण एवं गाेदाम के लिए प्रस्तावित भूमि पर स्थानांतरित किया जाना है। थाेक व्यापार, भंडारण एवं गाेदाम के लिए मास्टर प्लान में कुल 230 हैक्टेयर भूमि का प्रावधान किया गया है। इसी तरह आवासीय कालोनियों को अब सूरतगढ़ रोड नेशनल हाईवे पर बाइपास के आसपास बसाएंगे।
  • 3. मिश्रित भू उपयाेग व औद्याेगिक उपयाेग : अनधिकृत एवं अनियाेजित विकास काे दृष्टिगत रखते हुए सुनियाेजित विकास के लिए हनुमानगढ़ राेड पर चहल चाैक से बाइपास तक सड़क के दाेनाें ओर, सूरतगढ़ राेड पर कृषि उपज मंडी से हनुमानगढ़ पदमपुर बाइपास जंक्शन तक मिश्रित भू उपयाेग किया जाएगा। वहीं, रीकाे औद्याेगिक क्षेत्र से लगते दक्षिण दिशा में औद्याेगिक उपयाेग के लिए 257 हैक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई है।
  • 4. पर्यटन व कैनाल फ्रंट डवलपमेंट : श्रीगंगानगर शहर में न ताे पर्यटन स्थल विद्यमान है और न ही पर्यटन सुविधाएं उपलब्ध हैं। शहर में पर्यटन काे बढ़ावा देने के लिए शिल्पग्राम, ग्रामीण हाट, तकनीकी पार्क विकसित िकए जाएंगे। इसके लिए 40.86 हैक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई है। इसी तरह शहर के पूर्वी भाग में गंगनहर के सहारे 8.30 किलाेमीटर का लगभग 84 हैक्टेयर भूमि पर कैनाल फ्रंट डवलपमेंट क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है।
  • 5. चिकित्सा संस्थान व शिक्षा: बढ़ती जनसंख्या काे देखते हुए पूर्वी याेजना क्षेत्र में दाे, पश्चिम में एक, दक्षिण पश्चिम में दाे व दक्षिण पूर्वी याेजना में एक अस्पताल का भी स्थल प्रस्तावित किया गया है।
  • 6. यातायात सुविधा : शहर में स्थित मुख्य चाैराहाें पर यातायात का अत्यधिक दबाव हाेने से पैदल चलने वालाें काे सुगम आवागमन के लिए फुटओवर ब्रिज व अंडरपास जाे भी अनुरूप हाे, निर्माण किए जाएंगे।
  • 7. गैस गोदाम : गैस गाेदाम के आसपास निर्धारित दूरी तक सुरक्षा पट्टी रखा जाना एवं निर्माण निषेध क्षेत्र रखना आवश्यक है। भविष्य में गैस गाेदामाें काे सघन आबादी क्षेत्र से दूर स्थापित किया जाएगा।
  • 8. कच्ची बस्ती: वर्तमान में शहर में 15 कच्ची बस्तियां है। इन बस्तियाें का विकास, सुधार चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। नगरपरिषद काे चाहिए कि भविष्य में और कच्ची बस्ती विकसित न हाे।
  • 9. उद्यान एवं खुले स्थल : श्रीगंगानगर में 45 पार्क हैं। इंदिरा वाटिका मुख्य है। यह पार्क लगभग 2 हैक्टेयर भूमि पर विकसित है। रीकाे क्षेत्र में 62 हैक्टेयर भूमि पर पार्क प्रस्तावित किया गया है।

यूआईटी सचिव: मास्टर प्लान को सरकार से मंजूरी, लेकिन अभी पूरी जानकारी नहीं आई

यूआईटी सचिव डॉ. हरीतिमा ने बताया कि सभी के लिए राहत की बात है कि मास्टर प्लान 2035 काे सरकार से मंजूरी मिल गई है। अभी पूरी तरह से जानकारी नहीं आई है, जैसे ही जानकारी मिलेगी, सार्वजनिक की जाएगी। फिर भी नए मास्टर प्लान के लागू हाेने से अनेक लाेगाें काे लाभ मिलेगा। अभियान में कृषि भूमि पर बसी काॅलाेनियाें के लाेगाें काे अब भी लाभ नहीं मिलेगा। हाईकाेर्ट ने 5 अहम कैटेगिरी में पट्टा जारी करने पर राेक लगा दी है।

आगे क्या: अब लोग पट्‌टों के लिए कर सकेंगे आवेदन, मास्टर प्लान 2022 में खामियां थी

मास्टर प्लान 2035 के अभाव में लाेग यूआईटी में पट्टे के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे थे। 2 अक्टूबर से प्रशासन शहराें के संग व गांवाें के संग अभियान की शुरुआत की गई है। अभियान के तहत औद्याेगिक, व्यावसायिक, आवासीय पट्टे बनाए जाने हैं। मास्टर प्लान 2022 में अनेक खामियां थी, जिस वजह से पट्टे नहीं बन सके। मास्टर प्लान 2035 में इन खामियाें का दुरुस्त किया गया है ताकि लंबे समय से अपने अपने भूखंड, मकान पर मालिकाना हक का सपना देख रहे लाेगाें काे राहत मिल सके।

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