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मानसून की ईदी:2 सप्ताह देरी से आया मानसून; रायसिंहनगर में सबसे ज्यादा 53 व श्रीगंगानगर में 7 MM बारिश, पारा गिरा

श्रीगंगानगर3 दिन पहले
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श्रीकरणपुर रोड पर बरसाती पानी से भरा एक खेत। पानी से जहां खड़ी फसलों को फायदा होगा, वहीं मूंग व ग्वार की बुवाई तेज हो सकेगी। - Dainik Bhaskar
श्रीकरणपुर रोड पर बरसाती पानी से भरा एक खेत। पानी से जहां खड़ी फसलों को फायदा होगा, वहीं मूंग व ग्वार की बुवाई तेज हो सकेगी।
  • 2-3 दिन ऐसा रहेगा मौसम, सिंचित क्षेत्र में मूंग-ग्वार की बुवाई हो सकेगी
  • सबसे बड़ा फायदा... खेताें में नरमा-कपास व हरी सब्जियां झुलस रहीं थी, उन्हें मिलेगा जीवनदान

श्रीगंगानगर की दुआ आखिर बुधवार को ईद के दिन कबूल हो गई। उमस व तेज गर्मी से परेशान जिलेभर के लोग मानसून आने की प्रार्थना कर रहे थे और बुधवार को जिलेभर में मानसून आ ही गया। हालांकि जिले में मानसून इस बार दाे सप्ताह देरी से पहुंचा है। पहले दिन श्रीगंगानगर से लेकर सूरतगढ़ और विजयनगर तक अच्छी बारिश हुई, लेकिन अनूपगढ़ से रावला सूखा रहा। वहां अांधी चली, बादलवाही हुई, लेकिन बारिश नहीं हुई। माैसम वैज्ञानिकाें ने आगामी दाे तीन दिनाें में छितराई बारिश हाेने की संभावना व्यक्त की है। माैसम में आए बदलाव के चलते बुधवार काे अधिकतम पारा भी गत दिवस से एक डिग्री गिरकर 37.1 डिग्री आ गया।

क्षेत्र में बुधवार काे सुबह से ही माैसम बदला तथा ठंडी हवाएं चलने के साथ ही बारिश शुरू हाे गई। जिला मुख्यालय पर सुबह 10 से 10:15 बजे तक 6.8 एमएम पानी बरसा। जिले में सूरतगढ़, श्रीकरणपुर, केसरीसिंहपुर, चूनावढ़, जैतसर, घमंडिया, रायसिंहनगर व श्रीविजयनगर क्षेत्र में बारिश हुई।

सबसे ज्यादा रायसिंहनगर में 53 एमएम बारिश हुई। जिला मुख्यालय पर दाेपहर एक बजे के आसपास फिर आसमान में काले बादलाें का आवागमन शुरू हाे गया। लेकिन बारिश नहीं हुई। बुधवार काे अधिकतम तापमान 37.1 व न्यूनतम 23.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

जिले में अच्छी बारिश नहीं हाेने के कारण बारानी मूंग व ग्वार की बुवाई अब तक नहीं हाे पाई है। लेकिन बुधवार काे हुई बारिश से कुछ क्षेत्राें में बुवाई शुरू हाेने की संभावना है। सिंचित एरिया में भी बारिश से मुरझा रही फसलाें काे जीवनदान मिला है तथा मूंग व ग्वार की बुवाई भी शुरू हाे पाएगी। मूंग व ग्वार की पछेती बुवाई के भी अब मात्र 9 दिन ही शेष बचे हैं।

माैसम वैज्ञानिकाें की मानें ताे आगामी दस दिनाें में अलग-अलग क्षेत्राें में हल्की व मध्यम दर्जे की बारिश हाे सकती है, लेकिन अच्छी बारिश के आसार कम हैं। इस दाैरान यदि बारिश नहीं हाेती है ताे फसलाें के उत्पादन पर असर पड़ेगा।

गणित; हर वर्ष 3.5 लाख हेक्टे. में बुवाई, इनमें ढाई लाख क्षेत्र खाली

जिले में हर वर्ष लगभग 3.5 लाख हेक्टेयर में मूंग व ग्वार की बुवाई हाेती है, लेकिन अब एक लाख हेक्टेयर में ही बुवाई हुई है। 2.5 लाख हेक्टेयर रकबा अब भी खाली है। मानसून सीजन में जिले में बुधवार काे पहली बारिश हुई है। इसमें भी अनूपगढ़ से रावला तक का क्षेत्र सूखा है तथा वहां बारिश नहीं हुई है। बुधवार काे हुई बारिश से अधिकतम तापमान भी 37 डिग्री के आसपास आ गया है।

जिले में हर साल एक लाख हेक्टेयर बारानी एरिया में मूंग व ग्वार की बुवाई हाेती है जाे अब तक नहीं हाे पाई है। सिंचित क्षेत्र में ढाई लाख हेक्टेयर में मूंग व ग्वार की बुवाई हाेती है। लेकिन इनमें भी अब तक एक लाख हेक्टेयर में ही बुवाई हुई है।

सिंचित क्षेत्र में भी किसान अच्छी बारिश के आधार पर बुवाई करते हैं तथा बाद में सिंचाई पानी उपलब्ध हाेने पर सिंचाई करते हैं। लेकिन इस बार नहराें में सिंचाई पानी कम मिला तथा बारिश नहीं हाेने से फसलाें की बुवाई प्रभावित रही है। किसानाें के बारानी खेत खाली है तथा किसान परेशान हैं।

माैसम वैज्ञानिकाें ने बताया कि इन दिनाें पश्चिमी राजस्थान में आगामी दिनाें में अच्छी बारिश के आसार कम हैं। श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ क्षेत्र में आगामी तीन-चार दिनाें में अलग-अलग क्षेत्राें में हल्की व मध्यम दर्जे की बारिश हाे सकती है।

कृषि अधिकारियाें ने बताया कि बारिश नहीं हाेने व पर्याप्त सिंचाई पानी नहीं मिलने के कारण हरी सब्जियाें व कपास की फसलें खराब हाे रही थी, लेकिन अब बारिश हाेने से इन फसलाें काे फायदा मिला है। जिन क्षेत्राें में अच्छी बारिश हुई है वहां मूंग व ग्वार की बुवाई भी हाे सकती है।

हवाएं कमजोर हुईं इसलिए बारिश लेट

राजस्थान में इस बार तय समय पर पहुंचा। इससे पूर्वी राजस्थान के प्रतापगढ़ व बांसवाड़ा काेटा आदि क्षेत्राें में अच्छी बारिश हुई। इसके बाद हवाओं का रुख कमजाेर पड़ने के साथ ही बरसाती सिस्टम आगे नहीं बढ़ा। इसके बाद 12 व 13 जुलाई काे फिर से बारिश का सिस्टम पूर्वी राजस्थान में सक्रिय हुआ तथा अच्छी बारिश हुई। इसके बाद 17 जुलाई काे एक ओर सिस्टम बना तथा पूर्वी राजस्थान में बारिश हुई। हवाओं का रुख बदलने के कारण पश्चिमी राजस्थान में अब तक अच्छी बारिश नहीं हुई थी। अब हवाओं का रुख बदला है। इससे छितराई बारिश हाे रही है।

आगे क्या

अगस्त के प्रथम सप्ताह तक पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर व जाेधपुर संभाग के जिलाें में छितराई बारिश हाे सकती है, लेकिन अच्छी बारिश की संभावना कम ही है। अगस्त के प्रथम सप्ताह में बरसाती सिस्टम बंगाल की खाड़ी में बनेगा तथा इसके बाद ही हमारे यहां अच्छी बारिश हाे सकती है।

कहां कितनी वर्षा

  • रायसिंहनगर 53.0
  • श्रीकरणपुर 24.0
  • जैतसर 15.0
  • सूरतगढ़ 20.0
  • श्रीगंगानगर 6.8
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