प्रशासन शहरों के संग:नप ने इन 12 दिनाें में एक भी पट्टा जारी नहीं किया, 2 अक्टूबर काे 251 पट्‌टे देने वाली यूआईटी ने अब तक 300 पट्‌टे ही जारी किए

श्रीगंगानगर2 महीने पहले
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  • ट्रस्ट बैठक से तीन काॅलाेनियाें के पट्टे बनाए जाएंगे इसी से यूआईटी काे भी बड़ी उम्मीद

हाईकाेर्ट के आदेश का प्रशासन शहराें के संग अभियान पर असर दिखने लगा है। नगर परिषद व यूआईटी दाेनाें की ओर से शिविर लगाए जा रहे हैं। शिविर में बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी तैनात हैं। लेकिन इसका लाभ लाेगाें काे नहीं मिल पा रहा। शिविराें में जा रहे लाेग पट्टे बनेंगे या नहीं केवल यही पूछने के लिए आ रहे हैं।

इसका अधिकारियाें के पास भी काेई जवाब नहीं हाेता। हाईकाेर्ट ने अवैध बस्तियाें, कच्ची बस्ती, चारागाह, स्कूल, सार्वजनिक सुविधा क्षेत्र, अस्पताल, सेटबेक के क्षेत्र के नियमन और आवंटन पर राेक लगा दी है। श्रीगंगानगर शहर की बात करें ताे यहां बड़ी संख्या में लाेग अवैैध-कच्ची बस्तियाें में रह रहे हैं। शहर में 13 कच्ची बस्तियां है, जिनमें करीब 1 लाख लाेग निवास कर रहे हैं।

वहीं यूआईटी क्षेत्र के अधीन करीब 150 काॅलाेनियां बीते 15 साल में कृषि भूमि पर विकसित हुई। इनमें भी 50 हजार से अधिक लाेग रह रहे हैं। न्यायालय के आदेश के बाद उक्त सभी लाेगाें काे अब पट्टे जारी नहीं हाे पाएंगे। प्रशासन शहराें के संग अभियान से पूर्व जिले में 10 हजार पट्टे बनाए जाने की बात कही थी। बदली परिस्थिति में अब 1000 पट्टे भी बन जाएं ताे बड़ी बात हाेगी।

यूआईटी सचिव डाॅ. हरीतिमा का कहना है ट्रस्ट बैठक में बैंक काॅलाेनी, भूप काॅलाेनी व राज्य कर्मचारी काॅलाेनी के पट्टे जारी करने संबंधी निर्णय लिए गए। इन काॅलाेनियाें में पूर्व में एकल पट्टे जारी हुए थे। इन्हें निरस्त कर नए सिरे से पट्टे बनाए जाएंगे। इसकी तैयारी की जा रही है। इन काॅलाेनियाें में बड़ी संख्या में पट्टे जारी हाेने की संभावना है।

वहीं यूआईटी सचिव विश्वास गाेदारा का कहना है कि सरकार के आदेश की पालना में शिविर लगाए जा रहे हैं। सरकार काे ही तय करना है कि किसे पट्टे देने हैं किसे नहीं। कच्ची बस्ती, अवैध बस्तियाें के पट्टे नहीं दिए जाएंगे। लेकिन शिविराें में परिषद से संबंधित अन्य प्रकरणाें का निस्तारण किया जा रहा है।

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