नुकसान की आशंका:अधंड़ से 1800 हेक्टेयर में अंकुरित नरमा-कपास कुरंड, ‌~1.8 कराेड़ का नुकसान, बिजली बंद रही

श्रीगंगानगर5 महीने पहले
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कृषि पर्यवेक्षक कुरंड हुई नरमा-कपास की फसल का जायजा लेते हुए। - Dainik Bhaskar
कृषि पर्यवेक्षक कुरंड हुई नरमा-कपास की फसल का जायजा लेते हुए।

रावला-घड़साना क्षेत्र में शनिवार रात काे आए अंधड़ से किसानाें काे 1.80 कराेड़ के नुकसान की आशंका है। वहीं रावला क्षेत्र के फीडराें से 15 से 26 घंटे बिजली बंद रही। इससे 14 पंचायताें के करीब 90 हजार लाेग प्रभावित हुए। काेराेना काल में बिजली बंद रहने से इन्वर्टर जवाब दे गए। घराें में सांस के राेगियाें काे खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।

शनिवार शाम 7 बजे आए तूफान ने सबसे ज्यादा नुकसान आरजेडी नहर पर हुआ। तहसील के टिब्बा क्षेत्र में 1800 हेक्टेयर में बाेई हुई नरमा-कपास की अंकुरित फसल काे भारी नुकसान हुआ। इस प्रकार प्रति बीघा खाद बीज आदि के रूप में प्रति बीघा 2500 रुपए नुकसान माना जाए ताे करीब 180 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। कहीं मिट्टी अंकुरित पत्ते कटकर झुलस गए ताे कहीं पाैधे रेत में दब गए। बीटी कॉटन की अंकुरित फसल को 90 फीसदी नुकसान की आशंका जताई है। किसानों ने बताया कि तीन घंटे तक चले अंधड़ से पाैधाें के केवल डंठल ही बचे हैं। अंधड़ से पशुचारा व सब्जियों के पौधे व बेल भी जल गईं। किसानाें ने बताया कि फिर से बुआई करनी पड़ेगी। ऐसे में कम से कम 2500 से 3000 रुपए प्रति बीघा और खर्च करना पड़ेगा।

कई किसानों ने बताया कि नहरबंदी के कारण ट्यूबवैल चलाकर खेताें में नरमा-कपास का बिजान किया था। अब फिर से ट्यूबवैल से सिंचाई बुआई करनी पड़ेगी। चक 21 आरजेडी के गोविंदराम ने बताया कि 6 बीघा बीटी कॉटन की 26 अप्रैल को बुआई की थी। अंधड़ से सभी पाैधे तबाह हाे गए। चक 25 आरजेडी के 75 साल के गुरदेवसिंह ने बताया कि 8 बीघा बीटी कॉटन की बुई पर करीब 32 हजार रुपए का खर्चा आया था। अब फिर से बुआई करनी पड़ेगी।

विशेषज्ञों की राय- अंधड़ से फसलों काे नुकसान और पौधों के पत्ते झुलसे

कृषि पर्यवेक्षक बलवंतराय ने बताया कि रेतीले क्षेत्र में किसानों ने ट्यूबवेल के पानी से बीटी काॅटन का बिजान किया था। अंधड़ से पौधों के पत्ते झुलस गए। कई खेताें में अंकुरित पौधों पर रेत की परत जम गई। इसकी रिपोर्ट विभाग को भेजी जाएगी। वहीं मौसम विभाग के अनुसार बीकानेर व श्रीगंगानगर जिले के कुछ हिस्से में शनिवार रात को आए तूफान की रफ्तार 50 से 60 किमी रही। माैसम विशेषज्ञाें के अनुसार रेतीले इलाके में यह रफ्तार अंकुरित फसलाें के लिए नुकसानदायक है।

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