शाम को विवाद, देर रात खत्म:धाेखाधड़ी के मामले में नोटेरी गिरफ्तार, विराेध में वकीलों का सदर थाने पर धरना, वार्ता के बाद माने

श्रीगंगानगर2 महीने पहले
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सदर पुलिस द्वारा नाेटेरी की गिरफ्तारी के विराेध में प्रदर्शन करते वकील। - Dainik Bhaskar
सदर पुलिस द्वारा नाेटेरी की गिरफ्तारी के विराेध में प्रदर्शन करते वकील।
  • भूखंड की रजिस्ट्री के मामले में हुई थी गिरफ्तारी

भूखंड की रजिस्ट्री के मामले में धाेखाधड़ी के मुकदमे में सदर पुलिस ने एक नाेटेरी अधिवक्ता काे बुधवार शाम गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के विराेध में बार एसाेसिएशन के अधिवक्ताओं ने थाने पहुंचकर वकील साथी काे छाेड़ने की मांग की और धरना लगा दिया। देर रात थाने पहुंचकर एसपी ने अधिवक्ताओं से वार्ता की। इसके बाद अधिवक्ताओं ने धरना उठाकर अपना आंदाेलन समाप्त कर दिया।

इससे पूर्व नाेटेरी अधिवक्ता की गिरफ्तारी की सूचना मिलने पर देखते ही देखते अनेक वकील थाने पहुंचने लगे। मामला बिगड़ता देखकर सीओ सिटी अरविंद बैरड़ सदर थाने पहुंचे। उन्हाेंने मामला सुलझाने की काेशिश की लेकिन बात नहीं बनी।

फिर एएसपी सहीराम बिश्नाेई पहुंचे। उन्हाेंने वकीलाें के प्रतिनिधिमंडल से बात की लेकिन वकीलाें की मांगें मानने की स्थिति में नहीं हाेने पर यह वार्ता भी विफल हाे गई। बार एसाेसिएशन के सचिव एडवाेकेट इंद्रजीत चावला ने बताया कि सदर एसएचओ हनुमानाराम बिश्नाेई एडवाेकेट नाेटेरी संजीव धींगड़ा काे बुधवार शाम काे उनके ऑफिस से उठाकर थाने ले आए।

इस घटना की जानकारी मिली ताे बार एसाेसिएशन सदस्य थाने पहुंचे और जानकारी चाही। इस पर बताया गया कि नाेटेरी संजीव काे धाेखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। इस बात पर अधिवक्ताओं में राेष फैल गया।

बार संघ अध्यक्ष विजय रेवाड़, एडवोकेट चरणदास कम्बोज, एडवोकेट नवरंग चौधरी, एडवाेकेट विपिन सिद्ध, एडवोकेट सीताराम बिश्नोई, एडवोकेट विजय चावला, एडवोकेट आईपी सहारण, संजीव दीक्षित, संजीव सैनी, एडवोकेट रजत स्वामी, वैभव भारती सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता सदर थाने पहुंचे और धरना लगा दिया।

वकील बोले- सदर सीआई का तबादला 1 माह पहले हुआ, रिलीव क्यों नहीं कर रहे?

बार एसाेसिएशन के सदस्याें ने सदर थाने पहुंचे सीओ सिटी और फिर एएसपी से वार्ता की। इसमें मांग रखी गई कि एडवाेकेट संजीव धींगड़ा काे रिहा किया जाए और सदर एसएचओ हनुमानाराम बिश्नाेई काे तत्काल कार्यमुक्त कर हनुमानगढ़ रवाना किया जाए।

अधिवक्ताओं ने थाने के सामने धरना लगाकर सभा शुरू कर दी। इसमें वक्ताओं ने कहा कि सीआई हनुमानाराम बिश्नाेई का तबादला हनुमानगढ़ हुए एक माह से अधिक समय हाे चुका। फिर इनकाे रिलीव क्याें नहीं किया जा रहा।

ऐसी क्या मजबूरी है कि तबादला हाेने के बावजूद कार्यरत हैं। अधिवक्ताओं ने बिना किसी का नाम लिए आराेप लगाए कि शहर की राजनीति के केंद्र बिंदु बने सत्ताधारी सरकार के सदस्य के दबाव में आकर एसपी सीआई हनुमानाराम काे रिलीव ही नहीं कर रहे।

अधिवक्ताओं ने कहा कि सुप्रीम काेर्ट की गाइडलाइन है कि बार संघ के किसी अधिवक्ता काे गिरफ्तार करने से पूर्व संबंधित बार संघ काे सूचित किया जाए। लेकिन सदर पुलिस ने ऐसा नहीं किया। इसलिए जांच अधिकारी बार एसाेसिएशन से माफी मांगे।

भूखंड की रजिस्ट्री में अधिवक्ता ने दस्तावेज किए थे प्रमाणित: सूत्राें के अनुसार यह मामला किसी भूखंड के साैदे में धाेखाधड़ी का है। इसमें मुकदमा दर्ज करवाया गया था। पीड़ित ने आराेप लगाए थे कि एक ही भूखंड काे दाे बार अलग-अलग चेन बनाकर बेचा गया। दाेनाें बार अधिवक्ता नाेटेरी ने रजिस्ट्री के दस्तावेजाें काे प्रमाणित किया।

दाेनाें बार ही गवाह भी बने। इस मामले में आराेप प्रमाणित पाए जाने पर मुख्य आराेपियाें ने हाईकाेर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले रखा है। जांच अधिकारी ने आराेप प्रमाणित पाए जाने पर गिरफ्तारी की अनुशंसा की थी। इस पर सदर एसएचओ ने आराेपी काे गिरफ्तार कर लिया।

अधिवक्ताओं ने एसपी निवास जाने से मना किया ताे वार्ता करने एसपी रात 10:30 बजे सदर थाना पहुंच गए: इस बीच रात काे 10:30 बजे एसपी राजन दुष्यंत नाराज अधिवक्ताओं काे संतुष्ट करने सदर थाना पहुंच गए। इससे पहले अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल काे वार्ता के लिए बुलाया था। लेकिन नाराज अधिवक्ताओं ने एसपी निवास पर जाने से मना कर दिया।

इसके बाद एसपी खुद थाने पहुंचे और वकीलाें के साथ वार्ता कर उन्हें पूरे मुकदमे की विस्तार से जानकारी दी। बार एसाेसिएशन के अध्यक्ष विजय रेवाड़ ने बताया कि वार्ता में संतुष्ट हाेने के बाद वकीलाें ने रात 10:50 बजे धरना उठाकर अपना आंदाेलन समाप्त कर दिया।​​​​​​​

इधर भास्कर संवाददाता ने मामले में पुलिस का पक्ष स्पष्ट करने काे सीआई हनुमानाराम बिश्नाेई, सीओ सिटी अरविंद बैरड़, एएसपी सहीराम बिश्नाेई काे फाेन पर संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन इन्हाेंने फाेन रिसीव नहीं किया।​​​​​​​

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